{"_id":"6acd36e12a8bcd0578056467","slug":"after-x-rays-now-ultrasound-reports-are-also-in-trouble-in-the-medical-college-hardoi-news-c-213-1-hra1004-158293-2026-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में एक्सरे के बाद अब अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर भी संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में एक्सरे के बाद अब अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट पर भी संकट
विज्ञापन
फोटो- - पोर्टेबल मशीन से होते एक्सरे व मशीन पर फोटो लेने के लिए रखा मोबाइल। संवाद
- प्रिंटर खराब होने से हाथ से लिखकर दी जा रही रिपोर्ट
- मोबाइल पर पहले ही दी जा रही थी एक्सरे की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर जांच सुविधा देने के दावों के बीच व्यवस्थाओं की खामियां मरीजों की परेशानी बढ़ा रही हैं। पहले एक्सरे जांच की रिपोर्ट के लिए मरीजों को मोबाइल का सहारा लेना पड़ता था, वहीं अब अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट भी प्रिंटर खराब होने के कारण नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मरीजों को कंप्यूटर से निकली रिपोर्ट के बजाय हस्तलिखित रिपोर्ट देकर काम चलाया जा रहा है। जांच की सुविधा तो मिल रही है लेकिन रिपोर्ट हासिल करने में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में कुछ महीने पहले तक अल्ट्रासाउंड की पुरानी मशीन से जांच की जा रही थी। मशीन का प्रोब खराब होने के बाद मरीजों की परेशानी बढ़ गई थी। करीब तीन से चार महीने से रखी नई अल्ट्रासाउंड मशीन को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद आठ अक्तूबर को शुरू कराया गया था। इससे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन अब प्रिंटर के काम न करने से रिपोर्ट की समस्या खड़ी हो गई है। अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों को जांच के बाद प्रिंटेड रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। उन्हें चिकित्सक की तरफ से हाथ से लिखी रिपोर्ट थमा दी जाती है। इससे मरीजों को जांच रिपोर्ट संभालने और जरूरत पड़ने पर उसे दिखाने में परेशानी हो सकती है। खासकर दूसरे चिकित्सक से परामर्श लेने या आगे की जांच कराने के दौरान स्पष्ट रिपोर्ट न होने से परेशान होना पड़ सकता है।
मोबाइल पर लेने पड़ते हैं एक्सरे
एक्सरे जांच के मामले में भी मरीजों को रिपोर्ट के लिए मोबाइल पर निर्भर रहना पड़ता है। मुख्य डिजिटल मशीन खराब होने से पोर्टेबल मशीन से जांच की जा रही है। इसमें मरीजों को एक्सरे का प्रिंट नहीं मिलता है। मरीज को अपने मोबाइल पर फोटो लेनी पड़ती है। कई मरीजों के पास स्मार्ट फोन भी नहीं होता है। ऐसे में मरीज को परेशानी होती है। इसी प्रकार अब अल्ट्रासाउंड में भी दिक्कतें हो रही हैं।
विज्ञापन
वर्जन
डिजिटल मशीन को बनाने का काम चल रहा है, वहीं अल्ट्रासाउंड के लिए प्रिंटर के लिए एक केबल की आवश्यकता है। मांग कर दी गई है, जल्द ही केबल आने पर काम शुरू करा दिया जाएगा। - डॉ.जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
विज्ञापन
- मोबाइल पर पहले ही दी जा रही थी एक्सरे की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को बेहतर जांच सुविधा देने के दावों के बीच व्यवस्थाओं की खामियां मरीजों की परेशानी बढ़ा रही हैं। पहले एक्सरे जांच की रिपोर्ट के लिए मरीजों को मोबाइल का सहारा लेना पड़ता था, वहीं अब अल्ट्रासाउंड जांच की रिपोर्ट भी प्रिंटर खराब होने के कारण नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मरीजों को कंप्यूटर से निकली रिपोर्ट के बजाय हस्तलिखित रिपोर्ट देकर काम चलाया जा रहा है। जांच की सुविधा तो मिल रही है लेकिन रिपोर्ट हासिल करने में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में कुछ महीने पहले तक अल्ट्रासाउंड की पुरानी मशीन से जांच की जा रही थी। मशीन का प्रोब खराब होने के बाद मरीजों की परेशानी बढ़ गई थी। करीब तीन से चार महीने से रखी नई अल्ट्रासाउंड मशीन को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद आठ अक्तूबर को शुरू कराया गया था। इससे मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन अब प्रिंटर के काम न करने से रिपोर्ट की समस्या खड़ी हो गई है। अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों को जांच के बाद प्रिंटेड रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। उन्हें चिकित्सक की तरफ से हाथ से लिखी रिपोर्ट थमा दी जाती है। इससे मरीजों को जांच रिपोर्ट संभालने और जरूरत पड़ने पर उसे दिखाने में परेशानी हो सकती है। खासकर दूसरे चिकित्सक से परामर्श लेने या आगे की जांच कराने के दौरान स्पष्ट रिपोर्ट न होने से परेशान होना पड़ सकता है।
विज्ञापन
मोबाइल पर लेने पड़ते हैं एक्सरे
एक्सरे जांच के मामले में भी मरीजों को रिपोर्ट के लिए मोबाइल पर निर्भर रहना पड़ता है। मुख्य डिजिटल मशीन खराब होने से पोर्टेबल मशीन से जांच की जा रही है। इसमें मरीजों को एक्सरे का प्रिंट नहीं मिलता है। मरीज को अपने मोबाइल पर फोटो लेनी पड़ती है। कई मरीजों के पास स्मार्ट फोन भी नहीं होता है। ऐसे में मरीज को परेशानी होती है। इसी प्रकार अब अल्ट्रासाउंड में भी दिक्कतें हो रही हैं।
विज्ञापन
वर्जन
डिजिटल मशीन को बनाने का काम चल रहा है, वहीं अल्ट्रासाउंड के लिए प्रिंटर के लिए एक केबल की आवश्यकता है। मांग कर दी गई है, जल्द ही केबल आने पर काम शुरू करा दिया जाएगा। - डॉ.जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो- - पोर्टेबल मशीन से होते एक्सरे व मशीन पर फोटो लेने के लिए रखा मोबाइल। संवाद