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Hardoi News: बिलग्राम एसडीएम, तहसीलदार सहित चार को प्रतिकूल प्रविष्टि
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हरदोई। त्वरित कार्य निस्तारण और पत्रावली लंबित न रखे जाने की व्यवस्था के बाद भी तहसील बिलग्राम में भूमि की नीलामी से जुड़ा एक मामला 24 साल से लंबित चल रहा है।
पत्रावली के निस्तारण में देरी पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की है। उन्हाेंने इसका दोषी मानते हुए बिलग्राम एसडीएम, तहसीलदार सहित चार लोगों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। एसडीएम और तहसीलदार को सभी अभिलेखों सहित तलब किया है।
तहसील बिलग्राम के परगना मल्लावां के वोचनपुर गांव में एक किसान ने भारतीय स्टेट बैंक से ऋण लिया था। ऋण की अदायगी न होने पर रिकवरी प्रमाणपत्र के माध्यम से किसान की भूमि की नीलामी वर्ष 2000 में राजस्व विभाग ने करा दी थी। भूमि नीलामी से मिली राशि को भी बैंक में जमा कराया गया। नीलामी में बोली पाने वाले व्यक्ति को भूमि का मालिकाना हक नहीं मिल पाया। इस पर बोलीदाता ने शिकायत दर्ज कराई और न्यायालय की शरण ली। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को पत्रावली के परीक्षण में पाया कि नीलामी से जुड़ी पत्रावली तहसील से गुम हो चुकी है।
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डीएम ने इस पर नाराजगी जाहिर की और प्रकरण निस्तारित किए जाने में की जा रही देरी के लिए दोषी मानते हुए बिलग्राम एसडीएम गरिमा सिंह, तहसीलदार अमित यादव और पटल सहायक राजस्व मोहर्रिर प्रेम कुमार सिंह के साथ ही उस समय तैनात रहे नायब तहसीलदार देशराज भारती को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। उन्होंने एडीएम से कहा कि बिलग्राम एसडीएम और तहसीलदार को सभी अन्य अभिलेखों सहित तलब किया जाए।
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पत्रावली के निस्तारण में देरी पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की है। उन्हाेंने इसका दोषी मानते हुए बिलग्राम एसडीएम, तहसीलदार सहित चार लोगों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। एसडीएम और तहसीलदार को सभी अभिलेखों सहित तलब किया है।
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तहसील बिलग्राम के परगना मल्लावां के वोचनपुर गांव में एक किसान ने भारतीय स्टेट बैंक से ऋण लिया था। ऋण की अदायगी न होने पर रिकवरी प्रमाणपत्र के माध्यम से किसान की भूमि की नीलामी वर्ष 2000 में राजस्व विभाग ने करा दी थी। भूमि नीलामी से मिली राशि को भी बैंक में जमा कराया गया। नीलामी में बोली पाने वाले व्यक्ति को भूमि का मालिकाना हक नहीं मिल पाया। इस पर बोलीदाता ने शिकायत दर्ज कराई और न्यायालय की शरण ली। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को पत्रावली के परीक्षण में पाया कि नीलामी से जुड़ी पत्रावली तहसील से गुम हो चुकी है।
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डीएम ने इस पर नाराजगी जाहिर की और प्रकरण निस्तारित किए जाने में की जा रही देरी के लिए दोषी मानते हुए बिलग्राम एसडीएम गरिमा सिंह, तहसीलदार अमित यादव और पटल सहायक राजस्व मोहर्रिर प्रेम कुमार सिंह के साथ ही उस समय तैनात रहे नायब तहसीलदार देशराज भारती को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। उन्होंने एडीएम से कहा कि बिलग्राम एसडीएम और तहसीलदार को सभी अन्य अभिलेखों सहित तलब किया जाए।