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दोषियों पर कार्रवाई अधर में

Thu, 23 Jul 2015 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई Updated Thu, 23 Jul 2015 11:59 PM IST
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Action on the culprits in the balance

जिले में मनरेगा में फर्जीवाड़ा रुक नहीं रहा। फिर

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मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी में हेराफेरी कर भुगतान निकाला गया और जांच में दोषी पाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट में पेशी पर गए युवक को साइट पर कार्य करते दिखा धनराशि निकाली गई।

शिकायत पर जांच की गई और प्रधान व सचिव दोषी मिले, स्पष्टीकरण मांगा गया, पर न तो उन्होंने जवाब दिया और न ही अफसरों ने कोई कार्रवाई की। भरखनी के ग्राम हथौड़ा में मनेरगा श्रमिकों के नाम पर फर्जी ढंग से धनराशि निकालने का मामला फिर तूल पकड़ रहा है।

अमर उजाला द्वारा तीन फरवरी 15 के अंक पर खबर प्रकाशन के बाद बड़े अफसरों ने जांच तो करा दोषियों को पकड़ा, पर मामले में कार्रवाई अभी तक नहीं की। ज्ञात हो कि गांव के विशेश्वर सिंह ने शिकायती पत्र में बताया कि कृष्ण पाल सिंह गांव के निवासी है।

उनका जाब कार्ड नंबर 023022001/522 है। वह 30 अगस्त 13 को मुकदमा नंबर 2260/2014 न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम के यहां उपस्थित थे, जबकि ग्राम पंचायत में वित्तीय वर्ष 13-14 में 30 अगस्त 13 को मस्टर रोल संख्या 4555 के क्रमांक एक पर कार्य करता दर्शाया गया है।

एक नवंबर 13 व 19 दिसंबर 13 में सत्र न्यायाधीश के यहां क्रिमिनल डिवीजन संख्या 241/2013 कृष्णपाल बनाम सरकार में उपस्थिति थे। इस दिन भी युवक द्वारा गांव में रहकर कार्य करना दिखाया गया। इसी प्रकार मस्टर रोल संख्या 8731 पर छह दिवस का 36,210 रुपये भुगतान, मस्टर रोल संख्या 6992 से 10,792 रुपये का भुगतान तथा मस्टर रोल संख्या 4555 से कुल सात दिन का 55,380 रुपये का भुगतान निकाला।

मामले की जांच में प्रधान और सचिव को दोषी पाया गया और अफसराें ने स्पष्टीकरण मांगा, पर उन्होंने अभी तक स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दिया और कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। हालांकि, अब इस मामले में बीडीओ भरखनी ने उपायुक्त श्रम रोजगार राजनाथ प्रसाद भगत को पत्र भेजकर फर्जी भुगतान के मामले में कार्रवाई की संस्तुति की है।

उधर, भगत ने कहा कि मामले की जांच के बाद स्पष्टीकरण मांगा गया, पर उनके द्वारा जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में पत्रावली का अवलोकन करने के बाद रिकवरी और अन्य कार्रवाई कराई जाएगी।

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