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ककहरा भी न बोले पाए बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 27 Mar 2015 12:27 AM IST
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सचिव ने एक बार फिर अपने जनपद भ्रमण के दौरान निरीक्षण की सिर्फ औपचारिकता
ही निभाते नजर आए। भ्रमण के दूसरे दिन गुरुवार को उन्हाेंने विकास खंड
अहिरोरी के सीएचसी, स्कूल का निरीक्षण तथा कलक्ट्रेट के कार्यालय भी देखे,
पर सब ओके मिला।
जबकि अहिरोरी के गांव अंटवा के स्कूल में बच्चे उन्हें किताब तक पूरी तरह से पढ़कर नहीं सुना पाए। जिले के लिए नामित विकास कार्यों के नोडल अधिकारी/ प्रमुख सचिव हेमंत राव ने निरीक्षण की शुरुआत अहिरोरी ब्लाक में स्थित सीएचसी से की।
एडीएम विजय गुप्ता के साथ पहुंचे प्रमुख सचिव को अस्पताल में सब कुछ साफ सुथरा और व्यवस्थित मिला। हालांकि, कफ सीरप की अनुलब्धता मिली। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को दवाओं का सैंपल लेकर जांच कराने को कहा। प्रमुख सचिव ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनु शर्मा से प्रसवों और अन्य जानकारियां ली और संतुष्ट नजर आए।
वन ब्लाक में जाकर पौधरोपण की जानकारी की। जिसके बाद अंटवा गांव के स्कूल का निरीक्षण किया। जहां पंजीकृत 146 बच्चों में से 46 ही उपस्थित होने पर पूछताछ की, पर प्रधानाध्यापिका मीनू परीक्षा होने के कारण कम उपलब्धता की बात कही।
प्रमुख सचिव ने बच्चों से अंग्रेजी और गणित की किताबें भी पढ़वाईं, पर बच्चे उन्हें सही ढंग से किताब पढ़कर नहीं सुना सके। हालांकि, इसको लेकर प्रमुख सचिव आपत्ति नहीं की और वहां से रसोई की साफ सफाई देखने चले गए। खाद्य सामग्री व मसालों की गुणवत्ता देखने के बाद वह जिला मुख्यालय स्थित कलक्ट्रेट आकर संयुक्त कार्यालय में कई पटलों पर जाकर पटल सहायकों द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली।
संग्रह अनुभाग जाकर बड़े बकाएदारों की सूची और वसूली की समीक्षा की। वापस लखनऊ जाते समय उन्होंने आधुनिक चीरघर के निर्माण का भी जायजा लिया और वीम में फिनिशिंग न होने पर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षणों में डीएम रमेश मिश्र समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
जबकि अहिरोरी के गांव अंटवा के स्कूल में बच्चे उन्हें किताब तक पूरी तरह से पढ़कर नहीं सुना पाए। जिले के लिए नामित विकास कार्यों के नोडल अधिकारी/ प्रमुख सचिव हेमंत राव ने निरीक्षण की शुरुआत अहिरोरी ब्लाक में स्थित सीएचसी से की।
एडीएम विजय गुप्ता के साथ पहुंचे प्रमुख सचिव को अस्पताल में सब कुछ साफ सुथरा और व्यवस्थित मिला। हालांकि, कफ सीरप की अनुलब्धता मिली। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को दवाओं का सैंपल लेकर जांच कराने को कहा। प्रमुख सचिव ने प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनु शर्मा से प्रसवों और अन्य जानकारियां ली और संतुष्ट नजर आए।
वन ब्लाक में जाकर पौधरोपण की जानकारी की। जिसके बाद अंटवा गांव के स्कूल का निरीक्षण किया। जहां पंजीकृत 146 बच्चों में से 46 ही उपस्थित होने पर पूछताछ की, पर प्रधानाध्यापिका मीनू परीक्षा होने के कारण कम उपलब्धता की बात कही।
प्रमुख सचिव ने बच्चों से अंग्रेजी और गणित की किताबें भी पढ़वाईं, पर बच्चे उन्हें सही ढंग से किताब पढ़कर नहीं सुना सके। हालांकि, इसको लेकर प्रमुख सचिव आपत्ति नहीं की और वहां से रसोई की साफ सफाई देखने चले गए। खाद्य सामग्री व मसालों की गुणवत्ता देखने के बाद वह जिला मुख्यालय स्थित कलक्ट्रेट आकर संयुक्त कार्यालय में कई पटलों पर जाकर पटल सहायकों द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली।
संग्रह अनुभाग जाकर बड़े बकाएदारों की सूची और वसूली की समीक्षा की। वापस लखनऊ जाते समय उन्होंने आधुनिक चीरघर के निर्माण का भी जायजा लिया और वीम में फिनिशिंग न होने पर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षणों में डीएम रमेश मिश्र समेत अन्य अफसर मौजूद थे।