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Hardoi News: पक्का पुल बन नहीं पाया, पैंटून पुल बनाया नहीं, नाव से ही पूरा करना होगा खतरों का सफर

Thu, 14 Nov 2024 11:11 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2024 11:11 PM IST
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A permanent bridge could not be built, a pontoon bridge was not built, the dangerous journey would have to be completed by boat only.
हरदोईहरपालपुर। आज कार्तिक पूर्णिमा है। कटरी के बाशिंदों की उम्मीद इस कार्तिक पूर्णिमा पर भी पूरी नहीं हो पाई है।
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अर्जुनपुर में राम गंगा नदी पर बन रहा पुल अधूरा है और अस्थायी पैंटून पुल का निर्माण भी राम गंगा नदी पर नहीं हो पाया है। ऐसे में कटरी के लोगों को गंगा स्नान के लिए राम गंगा नदी नाव के सहारे ही पार करनी पड़ेगी। नाव से नदी पार करना यहां जोखिम भरा रहा है। दरअसल, वर्ष 1978 में कार्तिक पूर्णिमा को स्नान के लिए जा रहे 90 श्रद्धालुओं से भरी नाव राम गंगा नदी में डूब गई थी। तब सिर्फ तीन लोग जीवित बचे थे।

सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत राम गंगा नदी बहती है। कटरी के ज्यादातर लोग इस नदी को पार कर फर्रुखाबाद गंगा स्नान के लिए जाते हैं। पिछले लगभग चार दशक से हर चुनाव में अर्जुनपुर में राम गंगा नदी पर पक्के पुल की मांग चुनावी मुद्दा बनता रहा है। इस मांग को क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू और सांसद जय प्रकाश के संयुक्त प्रयासों से 15 सितंबर 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरा कर दिया था। तब यहां 106 करोड़ 78 लाख 71 हजार रुपये के लगभग 1400 मीटर लंबे पुल के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। निर्माण शुरू भी हुआ, लेकिन लगभग पांच साल में पुल का निर्माण पूरा नहीं हो पाया।
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राम गंगा नदी पर आवागमन के लिए लोक निर्माण विभाग के खंड एक की ओर से हर वर्ष पैंटून पुल बनाया जाता है। पैंटून पुल बन जाने से अस्थायी तौर पर बाशिंदों को राहत हो जाती है। गंगा स्नान जाने के लिए भी पैंटून पुल मददगार होता है। इस बार आलम यह है कि न तो पक्का पुल का निर्माण पूरा हुआ है और न ही लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाया जाने वाला अस्थायी स्थायी पैंटून पुल बन पाया है। दरअसल, पैंटून पुल बनाए जाने का काम दो दिन पहले शुरू हुआ है, जो 15 दिन में पूरा होगा।
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हकीकत यह है कि हर वर्ष एक अक्तूबर को अस्थायी पैंटून पुल बनकर तैयार किए जाने का नियम है। बहरहाल इस बार भी बाशिंदों को गंगा स्नान के लिए जान खतरे में डालनी होगी। इन दिनों भी राम गंगा नदी को पार करने के लिए नाव का इस्तेमाल न सिर्फ पैदल जाने वाले लोग बल्कि बाइक और साइकिल सवार भी कर रहे हैं।



1980 में बना था पैंटून पुल

कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए जाते समय 1978 में हुए हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया था। तत्कालीन बिलग्राम विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरिशंकर तिवारी ने शासन में विशेष प्रयास कर पैंटून पुल का निर्माण कराए जाने को मंजूरी दिलाई थी। तब से हर वर्ष एक अक्तूबर से यहां पैंटून पुल बनाया जाता है, लेकिन इस बार पैंटून पुल का निर्माण ही नवंबर से शुरू हुआ। हालांकि, स्थानीय लोग हमेशा से ही स्थायी पुल की मांग करते रहे हैं, जो क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू और सांसद जय प्रकाश के प्रयासों से मंजूर हो चुका है।





22 गांवों के डेढ़ लाख लोगों को है स्थायी पुल की जरूरत

अर्जुनपुर-खड़गपुर-बड़ागांव मार्ग पर राम गंगा नदी पर पुल न होने के कारण अभी क्षेत्रीय जनता को हरदोई मुख्यालय हुल्लापुर-रूपापुर घूमते हुए जाना पड़ता है। इससे लगभग 38 किलोमीटर लंबाई बढ़ जाती है। पुल का निर्माण हो जाने से क्षेत्रीय लोग सवायजपुर, हरदोई, कन्नौज, फर्रुखाबाद और बदायुं से सीधे जुड़ जाएंगे।




2018 में हुई थी घोषणा, 2021 में बनना शुरू हुआ, पूरा अब भी नहीं हुआ

अर्जुनपुर में रामगंगा नदी पर पुल बनवाने के लिए विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने कोई कसर नहीं छोड़ी। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 23 दिसंबर 2018 को सवायजपुर आए थे। यहां उन्होंने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में विकास कार्यों का लोकार्पण किया था। इस दौरान अपने संबोधन में क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने उपमुख्यमंत्री से कई दशक पुरानी अर्जुनपुर पुल की मांग रखी। इस पर उपमुख्यमंत्री ने पुल का निर्माण कराए जाने की घोषणा कर दी। हालांकि, पुल निर्माण की आधिकारिक अधिसूचना 15 सितंबर 2021 को जारी हुई। बजट भी अवमुक्त हुआ, लेकिन निर्माण कार्य अब भी अधूरा है।





और इसलिए अटक गया था पुल का निर्माण

शासन ने 15 सितंबर 2021 को पुल निर्माण को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी थी। तब यहां 1399.70 मीटर लंबाई के पुल और संपर्क मार्ग के निर्माण काे मंजूरी दी गई थी। वर्ष 2022 और वर्ष 2023 में राम गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण नदी का प्रवाह स्थल बदल गया। इसका अध्ययन करने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान वाराणसी की टीम आई थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट में पुल की लंबाई 350 मीटर बढ़ाने की संस्तुति की थी। कुछ अन्य कार्याें को भी इसमें जोड़ा था। अब आईआईटी की संस्तुति के आधार पर पुल का निर्माण कराए जाने की मंजूरी दे दी गई है।






अर्जुनपुर में पक्का पुल निर्माण तकनीकी अध्ययन और समस्याओं के चलते बीच में रुका था। अब समस्याएं दूर हो गई हैं। मंजूरी भी मिल गई है। काम तेजी से कराया जाएगा। अस्थायी पैंटून पुल बनाए जाने में देरी हुई है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। -एमपी सिंह, डीएम
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