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Hardoi News: प्राइवेट अस्पताल की महिला कर्मी ने सरकारी अस्पताल से चोरी किया छह दिन का बच्चा, हिरासत में
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध महिला चिकित्सालय से छह दिन का बच्चा बृहस्पतिवार सुबह तीन बजे चोरी हो गया।
घटना का पता चलते ही सनसनी फैल गई। तकरीबन पौने नौ घंटे बाद पुलिस ने एक प्राइवेट अस्पताल की महिला कर्मी को हिरासत में लेकर नवजात खोज निकाला। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। टीम में शामिल सभी पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
बिलहरी निवासी शिवाकांत दीक्षित की पत्नी निधि दीक्षित को प्रसव पीड़ा होने पर 19 जून को महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 19 जून को ही ऑपरेशन से निधि का प्रसव हुआ और उसने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसे अस्पताल के ही कमरा नंबर-36 में शिफ्ट कर दिया गया था। बुधवार रात निधि की मां शिववती और पति शिवाकांत अस्पताल में रुके थे। शिवाकांत के मुताबिक वह रात में दो बजे तक जाग रहे थे, बच्चा शिववती की गोद में था। सुबह तीन बजे आंख खुलने पर बच्चा नहीं दिखा। पहले तो उसने अस्पताल परिसर में ही मौजूद लोगों से पूछा। फिर अस्पताल के कर्मचारियों से जानकारी ली।
इसके बाद सुबह साढ़े चार बजे यूपी 112 पर घटना की जानकारी दी। नवजात चोरी होने की जानकारी पर सीओ सिटी अंकित मिश्रा, शहर कोतवाल संजय त्यागी, रेलवेगंज चौकी प्रभारी विश्वास शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। परिजनों से जानकारी करने के बाद अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज देखने के बाद अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की। यहां मौजूद ज्यादातर लोग कुछ नहीं बता पाए, लेकिन इतना जरूर पता चला कि एक महिला चुन्नी में कुछ छिपाकर ले जा रही थी।
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महिला के स्टेशन की तरफ जाने की जानकारी मिली तो पुलिस ने इसी रोड पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे। इसमें संदिग्ध महिला के बारे में पूछा गया तो पता चला कि महिला अस्पताल की ही कर्मचारी है। उसका पता लेकर पुलिस टीम शहर कोतवाली क्षेत्र के फर्दापुर गांव पहुंची। यहां नवजात को गोद में लेकर फर्दापुर निवासी प्रियंका राठौर बैठी मिलीं। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने महिला अस्पताल से बच्चा चोरी करने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। बच्चे को पुलिस टीम ने निधि को सौंप दिया। एसपी नीरज कुमार जादौन भी टीम के साथ प्रसूता और उसके परिजनों से मिलने पहुंचे। एसपी ने बताया कि हिरासत में ली गई प्रियंका राठौर से पूछताछ की जा रही है। बच्चा चोरी क्यों किया था इसकी स्पष्ट वजह अभी महिला ने नहीं बताई है।
इस टीम ने किया घटना का खुलासा
एसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम का नेतृत्व सीओ अंकित मिश्रा ने किया। इस टीम में शहर कोतवाल संजय त्यागी, रेलवेगंज चौकी प्रभारी विश्वास शर्मा, सिपाही प्रेमवीर, रवीश, गौरव कुमार, प्रवींद्र, ओमवीर और महिला सिपाही रूबी देवी शामिल रहीं। इस पूरी टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सभी को प्रशस्ति पत्र भी दिए जाएंगे।
बेटे की मां है प्रियंका, गांव में बताया बच्चे का जन्म हुआ
पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रियंका ने बताया कि उसका पति सीआरपीएफ में है। प्रियंका के एक बेटा भी है। प्रियंका का कहना है कि वह गर्भवती हुई थी, लेकिन दो माह पहले उसका गर्भपात हो गया था। उसने दावा किया कि परिजनों को यह बात नहीं बताई। बृहस्पतिवार को नवजात लेकर गांव पहुंची तो उसने यही बताया कि उसको ही बेटा हुआ है। चर्चा इस बात की भी है कि प्रियंका ने बेटी समझकर नवजात को चोरी किया था। हालांकि, पुलिस प्रियंका की इन बातों पर भरोसा नहीं कर पा रही है। उससे पूछताछ का सिलसिला जारी है।
... तो योजना बनाकर की गई घटना, सीडीआर की भी हो रही जांच
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कमरा नंबर- 36 में प्रियंका रात में 2:11 बजे गई थी। यहां उसके साथ उसका भाई भी था। उसने खुद के ही भर्ती होने जैसी गतिविधियां की थीं। इसके बाद बच्चे को गोद में चुनरी से ढककर इस तरह ले गई जैसे प्रसव के बाद प्रसूता बच्चे को लेकर जाती है। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि अभी घटना की वजह स्पष्ट नहीं है। प्रियंका की सीडीआर निकलवाई गई है। उसकी जांच पूरी होने पर ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
खुल गई सुरक्षा व्यवस्था की पोल, 16 कैमरों में से 14 खराब
महिला चिकित्सालय में सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी इस घटना ने खोलकर रख दी। बच्चा चोरी होने के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। एक के बाद एक सीसीटीवी देखे गए तो लगातार यह बंद मिलते चले गए। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने कैमरों के बारे में पूछा तो पता चला कि महिला अस्पताल परिसर में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से 14 कैमरे खराब हैं। सिर्फ दो सीसीटीवी काम कर रहे थे। इनमें से एक रैन बसेरा के पास और दूसरा गेट के पास लगा हुआ था। सुरक्षा के नाम पर रात में लेबर रूम के पास एक महिला सुरक्षा कर्मी तैनात थी और गेट पर दो पुरुष सुरक्षा कर्मी थे। प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि बिजली की आवाजाही और एक ही फेस आने के कारण कैमरे खराब हुए हैं। इनकी मरम्मत कराई जाएगी। बिजली व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश भी हो रही है।
तीन सदस्यीय आंतरिक टीम भी करेगी जांच
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। पूरी घटना की जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित की है। यह टीम लापरवाही करने वालों की पहचान कर संबंधित पर कार्रवाई करेगी। प्राचार्य ने घटना का खुलासा करने के लिए एसपी और उनकी पूरी टीम की तत्परता की सराहना की। साथ ही दावा किया कि अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत की जाएगी।
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घटना का पता चलते ही सनसनी फैल गई। तकरीबन पौने नौ घंटे बाद पुलिस ने एक प्राइवेट अस्पताल की महिला कर्मी को हिरासत में लेकर नवजात खोज निकाला। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। टीम में शामिल सभी पुलिस कर्मियों को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा।
बिलहरी निवासी शिवाकांत दीक्षित की पत्नी निधि दीक्षित को प्रसव पीड़ा होने पर 19 जून को महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। 19 जून को ही ऑपरेशन से निधि का प्रसव हुआ और उसने बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसे अस्पताल के ही कमरा नंबर-36 में शिफ्ट कर दिया गया था। बुधवार रात निधि की मां शिववती और पति शिवाकांत अस्पताल में रुके थे। शिवाकांत के मुताबिक वह रात में दो बजे तक जाग रहे थे, बच्चा शिववती की गोद में था। सुबह तीन बजे आंख खुलने पर बच्चा नहीं दिखा। पहले तो उसने अस्पताल परिसर में ही मौजूद लोगों से पूछा। फिर अस्पताल के कर्मचारियों से जानकारी ली।
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इसके बाद सुबह साढ़े चार बजे यूपी 112 पर घटना की जानकारी दी। नवजात चोरी होने की जानकारी पर सीओ सिटी अंकित मिश्रा, शहर कोतवाल संजय त्यागी, रेलवेगंज चौकी प्रभारी विश्वास शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। परिजनों से जानकारी करने के बाद अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज देखने के बाद अस्पताल कर्मियों से पूछताछ की। यहां मौजूद ज्यादातर लोग कुछ नहीं बता पाए, लेकिन इतना जरूर पता चला कि एक महिला चुन्नी में कुछ छिपाकर ले जा रही थी।
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महिला के स्टेशन की तरफ जाने की जानकारी मिली तो पुलिस ने इसी रोड पर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे। इसमें संदिग्ध महिला के बारे में पूछा गया तो पता चला कि महिला अस्पताल की ही कर्मचारी है। उसका पता लेकर पुलिस टीम शहर कोतवाली क्षेत्र के फर्दापुर गांव पहुंची। यहां नवजात को गोद में लेकर फर्दापुर निवासी प्रियंका राठौर बैठी मिलीं। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने महिला अस्पताल से बच्चा चोरी करने की बात स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया। बच्चे को पुलिस टीम ने निधि को सौंप दिया। एसपी नीरज कुमार जादौन भी टीम के साथ प्रसूता और उसके परिजनों से मिलने पहुंचे। एसपी ने बताया कि हिरासत में ली गई प्रियंका राठौर से पूछताछ की जा रही है। बच्चा चोरी क्यों किया था इसकी स्पष्ट वजह अभी महिला ने नहीं बताई है।
इस टीम ने किया घटना का खुलासा
एसपी ने बताया कि खुलासा करने वाली टीम का नेतृत्व सीओ अंकित मिश्रा ने किया। इस टीम में शहर कोतवाल संजय त्यागी, रेलवेगंज चौकी प्रभारी विश्वास शर्मा, सिपाही प्रेमवीर, रवीश, गौरव कुमार, प्रवींद्र, ओमवीर और महिला सिपाही रूबी देवी शामिल रहीं। इस पूरी टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सभी को प्रशस्ति पत्र भी दिए जाएंगे।
बेटे की मां है प्रियंका, गांव में बताया बच्चे का जन्म हुआ
पूछताछ के दौरान पुलिस को प्रियंका ने बताया कि उसका पति सीआरपीएफ में है। प्रियंका के एक बेटा भी है। प्रियंका का कहना है कि वह गर्भवती हुई थी, लेकिन दो माह पहले उसका गर्भपात हो गया था। उसने दावा किया कि परिजनों को यह बात नहीं बताई। बृहस्पतिवार को नवजात लेकर गांव पहुंची तो उसने यही बताया कि उसको ही बेटा हुआ है। चर्चा इस बात की भी है कि प्रियंका ने बेटी समझकर नवजात को चोरी किया था। हालांकि, पुलिस प्रियंका की इन बातों पर भरोसा नहीं कर पा रही है। उससे पूछताछ का सिलसिला जारी है।
... तो योजना बनाकर की गई घटना, सीडीआर की भी हो रही जांच
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कमरा नंबर- 36 में प्रियंका रात में 2:11 बजे गई थी। यहां उसके साथ उसका भाई भी था। उसने खुद के ही भर्ती होने जैसी गतिविधियां की थीं। इसके बाद बच्चे को गोद में चुनरी से ढककर इस तरह ले गई जैसे प्रसव के बाद प्रसूता बच्चे को लेकर जाती है। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि अभी घटना की वजह स्पष्ट नहीं है। प्रियंका की सीडीआर निकलवाई गई है। उसकी जांच पूरी होने पर ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
खुल गई सुरक्षा व्यवस्था की पोल, 16 कैमरों में से 14 खराब
महिला चिकित्सालय में सुरक्षा व्यवस्था की पोल भी इस घटना ने खोलकर रख दी। बच्चा चोरी होने के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस ने सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। एक के बाद एक सीसीटीवी देखे गए तो लगातार यह बंद मिलते चले गए। सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने कैमरों के बारे में पूछा तो पता चला कि महिला अस्पताल परिसर में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से 14 कैमरे खराब हैं। सिर्फ दो सीसीटीवी काम कर रहे थे। इनमें से एक रैन बसेरा के पास और दूसरा गेट के पास लगा हुआ था। सुरक्षा के नाम पर रात में लेबर रूम के पास एक महिला सुरक्षा कर्मी तैनात थी और गेट पर दो पुरुष सुरक्षा कर्मी थे। प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि बिजली की आवाजाही और एक ही फेस आने के कारण कैमरे खराब हुए हैं। इनकी मरम्मत कराई जाएगी। बिजली व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश भी हो रही है।
तीन सदस्यीय आंतरिक टीम भी करेगी जांच
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। पूरी घटना की जांच के लिए आंतरिक जांच समिति गठित की है। यह टीम लापरवाही करने वालों की पहचान कर संबंधित पर कार्रवाई करेगी। प्राचार्य ने घटना का खुलासा करने के लिए एसपी और उनकी पूरी टीम की तत्परता की सराहना की। साथ ही दावा किया कि अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत की जाएगी।