सरहद में बहाया खून, मिले बस 30 मिनट

Hardoi Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST
हरदोई। देश रक्षा के शहीदों के शवों को देखकर आंखें भी नम होती हैं और आजीवन इन शहीदों व उनके परिवारों के ऋणी होने की कसमें भी खाई जाएंगी, पर जब अपने ही देश में अपने ही शहर में इनके दुखों के निवारण करने की बात आएगी, तो निस्तारण तो दूर समस्या सुनने तक का वक्त नहीं होता।
अब इन बातों को जिले के अफसरों ने सोचा और हर तहसील में सैन्य परिवारों को अपना दुखड़ा सुनाने को 30 मिनट सौगात के रूप में दिए हैं। सैनिक कल्याण पुनर्वास के माध्यम से सैन्य परिवारों को अपनी कोई समस्या बताने को यहां के अधिकारी को शिकायती पत्र देना होता है फिर यहां से शिकायती पत्र संबंधित विभाग के अफसरों को भेज दिए जाते हैं, पर जिले में पुलिस और राजस्व विभाग के अफसरों द्वारा सैनिक कल्याण द्वारा भेजी गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इसके बात बड़े अफसरों से इस ओर निस्तारण की मांग कराई गई थी।
इसके बाद अब प्रभारी डीएम/सीडीओ एके द्विवेदी ने सभी एसडीएम को निर्देश भेज दिए हैं कि हर तहसील दिवस के शुरू होने से पूर्व ही 30 मिनट सैन्य परिवारों को उनकी समस्याओं के निस्तारण को दिए जाएं। उनकी समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण जल्द से जल्द किया जाए। कुल मिलाकर यदि यह कहा जाए कि अपनी जिंदगी दांव पर लगाने वालों को जिला प्रशासन के द्वारा 30 मिनट दिए जा रहे हैं, जो देखने व सुनने में काफी अजीब लग रहे हैं, पर इन 30 मिनटों में ही यदि इनका निस्तारण कर दिया जाए, तो शायद भूतपूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को यूं न भटकना पड़े।
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न्याय को वर्ष 10 से भटक रहे सैन्य परिवार---
हवलदार आशीष पाल सिंह का परिवार, सुनील कुमार का परिवार, कौढ़ा निवासी सीएफएन ज्ञान प्रकाश वर्मा, नायक सुनील कुमार का परिवार, राज किशोर का परिवार, केवी यादव का परिवार, नायब सूबेदार तेजाराम का परिवार, स्वर्गीय कप्तान सिंह क ा परिवार, सिपाही कौशल किशोर का परिवार, पूर्व सैनिक ओम प्रकाश का परिवार, देवेश अवस्थी का परिवार, लांस नायक संजीव पाठक, हवलदार राजेंद्र सिंह, लांस नायक गुरू प्रसाद का परिवार, कप्तान सिंह का परिवार, धीरेंद्र प्रताप सिंह का परिवार, हवलदार संतोष कुमार, हवलदार राकेश पांडे और हवलदार क्लर्क मिथलेश कुमार का परिवार।
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वर्ष 2011 के पीड़ित---
लांस नायक आदित्य प्रकाश, हवलदार जय प्रकाश, सिपाही उमेश चंद्र का परिवार, सिपाही रामबली का परिवार, गनर कलाकांत दीक्षित का परिवार, सिपाही अमित सिंह का परिवार, सीएफएन आशीष का परिवार, बृजपाल का परिवार, सूबेदार श्योवीर सिंह का परिवार, सूबेदार राजकुमार और सिपाही संदीप कुमार का परिवार।
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अमर उजाला की खबर पर मिले 30 मिनट
हरदोई। सैन्य परिवारों की समस्याओं को देखते हुए ही अमर उजाला ने 28 जुलाई के अंक में सालों से सैन्य परिवार राजस्व आदि संबंधी शिकायतों को लेकर भटक रहे हैं को छापा था। इसके बाद अब प्रभारी डीएम एके द्विवेदी ने सभी एसडीएम को निर्देश जारी कर तहसील दिवस में 30 मिनट दिए हैं, जिसमें सैन्य परिवार अपनी समस्याओं को अफसरों के समक्ष रखकर निस्तारण करवा सकते हैं।
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बोले, कौशल
‘जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास अधिकारी कर्नल एचएल कौशल का कहना है कि इस निर्णय से न्याय को भटक रहे सैन्य परिवारों को लाभ मिलेगा, क्योंकि अधिकांश शिकायतें जमीन व आपसी रंजिश की होती हैं, जिससे एसडीएम स्तर पर उसके निस्तारण में तेजी आएगी।’

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