{"_id":"87508","slug":"Hardoi-87508-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"सवालों में उलझी बालक की ‘मौत’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सवालों में उलझी बालक की ‘मौत’
Hardoi
Updated Fri, 27 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
हरदोई। माधौगंज क्षेत्र में बुधवार की सुबह मिले बालक के शव का मामला सवालों में उलझता जा रहा है। जहां पर शव मिला था, उसकी सारी परिस्थितियां हत्या की ओर इशारा कर रहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पुरौली मजरा बढ़नवा के रामनिवास की गांव में ही परचून की दुकान है। रामनिवास का बड़ा पुत्र लालबिहारी (14) गांव के ही निजी स्कूल में कक्षा 5 पढ़ता था। रामनिवास ने बताया कि मंगलवार की शाम लालबिहारी खेलते खेलते गायब हो गया था। बुधवार सुबह खड़ंजा की नाली में लालबिहारी का शव पड़ा था। रामनिवास ने बताया कि उसके पुत्र के गले में चोट का निशान था। सिर और माथे पर भी चोट सी दिख रही थी। शर्ट के बटन खुले हुए थे। उसके पुत्र की किसी ने हत्या कर फेंका था। रामनिवास किसी से भी कोई रंजिश भी न होने की बात कह रहे थे।
उधर, पुलिस भी हत्या मान रही थी और हकीकत जानने को शव को पोस्टमार्टम को भेजा, पर पोस्टमार्टम ने सारी घटना को ही मोड़ दिया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण ही नहीं स्पष्ट हो सका और बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। उधर, लालबिहारी की मौत की परिस्थितियां हत्या की ओर ही इशारा कर रही हैं, पर पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। अगर लालबिहारी का शव नाली में ही पड़ा था, तो खोजबीन के दौरान क्यों नहीं दिखाई दिया, जबकि उधर से सैकड़ों लोग गुजरे। अगर उसकी मौत का कोई दूसरा कारण रहा तो शरीर पर चोटों के निशान कैसे आए और सबसे खास बात यह है कि उसके कपड़ों और मुंह में भूसा लगा था।
विज्ञापन
किस्मत भी कभी-कभी अजीब खेल खेलती है। एक ओर खुशी देती है तो दूसरी ओर छीन लेती है। ऐसा ही कुछ रामनिवास के साथ हुआ। खेतीबाड़ी और दुकान के साथ उसके परिवार की गाड़ी सही चल रही थी। बड़ा पुत्र लालबिहारी और उससे छोटी पुत्री मोहिनी है। रामनिवास की पत्नी राजेश्वरी ने अभी 15 दिन पहले एक पुत्र को जन्म दिया था। दो-दो पुत्रों को पाकर माता-पिता खुशी से फूले हीं समा रहे थे, पर उनकी खुशी को किसी की नजर लग गई और बड़ा पुत्र छिन गया।
विज्ञापन
पुरौली मजरा बढ़नवा के रामनिवास की गांव में ही परचून की दुकान है। रामनिवास का बड़ा पुत्र लालबिहारी (14) गांव के ही निजी स्कूल में कक्षा 5 पढ़ता था। रामनिवास ने बताया कि मंगलवार की शाम लालबिहारी खेलते खेलते गायब हो गया था। बुधवार सुबह खड़ंजा की नाली में लालबिहारी का शव पड़ा था। रामनिवास ने बताया कि उसके पुत्र के गले में चोट का निशान था। सिर और माथे पर भी चोट सी दिख रही थी। शर्ट के बटन खुले हुए थे। उसके पुत्र की किसी ने हत्या कर फेंका था। रामनिवास किसी से भी कोई रंजिश भी न होने की बात कह रहे थे।
विज्ञापन
उधर, पुलिस भी हत्या मान रही थी और हकीकत जानने को शव को पोस्टमार्टम को भेजा, पर पोस्टमार्टम ने सारी घटना को ही मोड़ दिया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण ही नहीं स्पष्ट हो सका और बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। उधर, लालबिहारी की मौत की परिस्थितियां हत्या की ओर ही इशारा कर रही हैं, पर पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। अगर लालबिहारी का शव नाली में ही पड़ा था, तो खोजबीन के दौरान क्यों नहीं दिखाई दिया, जबकि उधर से सैकड़ों लोग गुजरे। अगर उसकी मौत का कोई दूसरा कारण रहा तो शरीर पर चोटों के निशान कैसे आए और सबसे खास बात यह है कि उसके कपड़ों और मुंह में भूसा लगा था।
विज्ञापन
किस्मत भी कभी-कभी अजीब खेल खेलती है। एक ओर खुशी देती है तो दूसरी ओर छीन लेती है। ऐसा ही कुछ रामनिवास के साथ हुआ। खेतीबाड़ी और दुकान के साथ उसके परिवार की गाड़ी सही चल रही थी। बड़ा पुत्र लालबिहारी और उससे छोटी पुत्री मोहिनी है। रामनिवास की पत्नी राजेश्वरी ने अभी 15 दिन पहले एक पुत्र को जन्म दिया था। दो-दो पुत्रों को पाकर माता-पिता खुशी से फूले हीं समा रहे थे, पर उनकी खुशी को किसी की नजर लग गई और बड़ा पुत्र छिन गया।