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सायरन की आवाज से गूंज उठा शहर
Hardoi
Updated Sun, 22 Jul 2012 12:00 PM IST
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पिहानी (हरदोई)। रमजान शरीफ के चांद को लेकर शहर में देर रात तक ऊहापोह की स्थिति रही। आसमान में बादल छाए होने से पिहानी और आसपास के क्षेत्रों में चांद नजर नहीं आया। आसपास के शहरों संपर्क जारी रहा। इस दौरान पहले दिल्ली और फिर लखनऊ से चांद निकलने की सूचनाएं मिलने के बाद मजलिस दावतुल हक हरदोई में काफी देर तक चली बैठक के बाद रात 11.30 बजे चांद होने का ऐलान कर दिया गया।
इसके साथ ही शहर सायरन की आवाज से गुंज उठा। शनिवार को मुसलमानों ने रमजान का पहला रोजा रखा। शाम को मगरिब नमाज के बाद चांद बादलों के छाए रहने से नजर नहीं आया। इसके बाद ईदगाह व मसजिद इस्लामगंज के इमाम मौलाना उसमान गनी मजाहिरी ने हरदोई, लखनऊ और दिल्ली आदि से संपर्क किया, पर कहीं भी चांद न होने की बात बताई गई। ज्यादातर मुसलमान रमजान का चांद शनिवार को होने की सोच कर बिस्तर पर पहुंच गए। इस बीच पहले लखनऊ में चांद होने का ऐलान होने की खबर मिली और फिर दिल्ली समेत दूसरे स्थानों से भी ऐसी ही खबरें मिलने लगीं। इस बाबत जब मजलिस दावतुल हक हरदोई से संपर्क किया गया तो वहां से कोई ऐलान नहीं किया गया।
आलिमों की बैठक रात में ही आहूत कर गहन मंत्रणा के बाद आखिर कार दावतुल हक ने भी चांद होने की पुष्टि करते हुए सायरन बजा दिया। इसके बाद दावतुल हक से संबद्ध मदरसों व मसजिदों से भी अलग-अलग स्थानों पर ऐलान शुरू हो गया। रात 11.30 बजे तक चांद को लेकर चली ऊहापोह की स्थिति के बाद अचानक ऐलान के बाद महिलाएं जल्दी-जल्दी सहरी की तैयारी में जुट गईं। शनिवार की भोर सहरी खाई गई और शनिवार को मुसलमानों ने रमजान का पहला रोजा रखा। पहले रोजे को लेकर मसजिदों में नमाजियों की भीड़ काफी बढ़ी। अलग-अलग मसजिदों में तरावीह नमाज का सिलसिला भी शुरू हो गया।
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उधर, जुलाई के तपते हुए दिनों में रोजा और नमाज को मासूम बच्चे भी पीछे नहीं रहे। शनिवार को पहले रोजे की खुशी में छोटे बच्चों ने भी रोजा रखा और नमाज पढ़कर अल्लाह से दुआएं मांगीं। दिन में नमाज के अलावा छोटे बच्चे और बच्चियां कुरान पाक की तिलावत में मशगूल दिखाई दिए। इफ्तार का समय होते ही बच्चे खुदा बंदी का इंतजार करते हुए दुआ को हाथ उठाए नजर आए।
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इसके साथ ही शहर सायरन की आवाज से गुंज उठा। शनिवार को मुसलमानों ने रमजान का पहला रोजा रखा। शाम को मगरिब नमाज के बाद चांद बादलों के छाए रहने से नजर नहीं आया। इसके बाद ईदगाह व मसजिद इस्लामगंज के इमाम मौलाना उसमान गनी मजाहिरी ने हरदोई, लखनऊ और दिल्ली आदि से संपर्क किया, पर कहीं भी चांद न होने की बात बताई गई। ज्यादातर मुसलमान रमजान का चांद शनिवार को होने की सोच कर बिस्तर पर पहुंच गए। इस बीच पहले लखनऊ में चांद होने का ऐलान होने की खबर मिली और फिर दिल्ली समेत दूसरे स्थानों से भी ऐसी ही खबरें मिलने लगीं। इस बाबत जब मजलिस दावतुल हक हरदोई से संपर्क किया गया तो वहां से कोई ऐलान नहीं किया गया।
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आलिमों की बैठक रात में ही आहूत कर गहन मंत्रणा के बाद आखिर कार दावतुल हक ने भी चांद होने की पुष्टि करते हुए सायरन बजा दिया। इसके बाद दावतुल हक से संबद्ध मदरसों व मसजिदों से भी अलग-अलग स्थानों पर ऐलान शुरू हो गया। रात 11.30 बजे तक चांद को लेकर चली ऊहापोह की स्थिति के बाद अचानक ऐलान के बाद महिलाएं जल्दी-जल्दी सहरी की तैयारी में जुट गईं। शनिवार की भोर सहरी खाई गई और शनिवार को मुसलमानों ने रमजान का पहला रोजा रखा। पहले रोजे को लेकर मसजिदों में नमाजियों की भीड़ काफी बढ़ी। अलग-अलग मसजिदों में तरावीह नमाज का सिलसिला भी शुरू हो गया।
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उधर, जुलाई के तपते हुए दिनों में रोजा और नमाज को मासूम बच्चे भी पीछे नहीं रहे। शनिवार को पहले रोजे की खुशी में छोटे बच्चों ने भी रोजा रखा और नमाज पढ़कर अल्लाह से दुआएं मांगीं। दिन में नमाज के अलावा छोटे बच्चे और बच्चियां कुरान पाक की तिलावत में मशगूल दिखाई दिए। इफ्तार का समय होते ही बच्चे खुदा बंदी का इंतजार करते हुए दुआ को हाथ उठाए नजर आए।