98 फीसदी लोग पी रहे ‘जहर’

Hardoi Updated Sun, 06 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। दिनों दिन बढ़ती पानी की किल्लत का आलम यह है कि अब लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पीने के लिए जहां एक ओर दूषित पानी मिल रहा है, वहीं उस पानी को पीकर भी लोग संतुष्ट हो रहे हैं।
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दूषित पानी पीने की पोल संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम संस्था द्वारा जिले में कराए गए सर्वेक्षण में खुली है। हालांकि, अब यह रिपोर्ट जिले के बड़े अफसरों के सामने भी आ गई है, जिससे खलबली मची हुई है। जीवन जीने के लिए पानी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, लेकिन यदि अशुद्ध पानी पिया जाए, तो बीमारियों का सबसे बड़ा वाहक भी पानी ही है। पानी में मौजूद वैक्टीरिया से कई प्रकार की असाध्य बीमारी से लोग ग्रसित होते हैं, लेकिन फिर भी जिले में लोग पानी की गुणवत्ता की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों को जैसा भी पानी मिलता है, वह बिना सोचे समझे उसका सेवन करते हैं और बीमारियों को न्योता देते हैं।
जिले में भी एक बड़ा वर्ग ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है, जो दूषित पानी का सेवन कर रहा है, जिसमें से कई लोग तो ऐसे हैं, जो दूषित पानी पीकर संतुष्ट भी हैं। ज्ञात हो कि भारत सरकार द्वारा संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम संस्था पहेली द्वारा जिले का सर्वे किया गया था, जिसमें संस्था ने जिले के 58 गांवों में 1180 परिवारों पर सर्वे किया था। संस्था ने रहन सहन और योजनाओं का सर्वे कर ग्रामीणों का हाल जाना। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता को भी परखा। संस्था ने गांवों में पांच पेयजल स्रोतों से फ्लोराइड का परीक्षण किया। 222 पेयजल स्रोतों के परीक्षण में 1180 परिवारों में सर्वे करने के बाद चौंकाने वाले तथ्य निकले, जिससे पता चला कि 98.9 फीसदी लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, जब उन लोगों से पानी की गुणवत्ता के संतुष्टता के बारे में पूछा गया तो 1180 परिवारों में 79.6 फीसदी लोगों ने पूरी संतुष्टता जताई, जबकि 15.2 फीसदी लोग कुछ संतुष्ट दिखे। हालांकि 4.7 फीसदी लोग ही ऐसे थे, जिन्होंने पानी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इससे सिद्ध हो रहा है कि लोगों में शुद्ध पानी के प्रति जागरूकता ही नहीं है। हालांकि अब यह रिपोर्ट जिले के आला अधिकारियों तक भी पहुंच चुकी है, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी एके द्विवेदी ने कर्मचारियों को जांचने के निर्देश दिए हैं।
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