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पहले डीएम, बाद में सीएम को सुनाएंगे दुखड़ा
Hardoi
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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पिहानी (हरदोई)। पीसीएफ क्रय केंद्र प्रभारी के लिए एसडीएम के फरमान भी कोई मायने नहीं रखते। पिछले कई दिनों से तौल बंद पड़ी है। एसडीएम के निर्देश के तीसरे दिन बाद भी तौल शुरू नहीं हुई। एक किसान ने उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की बात कहते हुए कहा कि वह पिछले कई दिनों से यहां तौल शुरू होने का इंतजार और गेहूं की रखवाली कर रहे हैं और उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने मामला डीएम के समक्ष उठाने के बाद भी कार्रवाई न होने पर सीएम दरबार में मामला उठाने की बात कही है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों से लगातार शिकायतें मिलने व ‘अमर उजाला’ में किसानों की समस्याएं उठाए जाने पर जब एसडीएम शाहाबाद जेपी सिंह ने पिहानी के क्रय केंद्रों का दौरा किया तो अव्यवस्थाएं पाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए दो दिन के भीतर तौल शुरू कर देने के फरमान जारी किए थे। इसके बाद गुरुवार को एसडीएम के फरमान का असर जानने को जब ‘अमर उजाला’ ने क्रय केंद्रों का दौरा किया तो एसडीएम के आदेश ताक पर रखे नजर आए। मंडी में लगे पीसीएफ के क्रय केंद्र पर कांटा बांट और बारदाना तो दूर प्रभारी तक मौजूद नहीं मिले। छतैयां के रामरतन, सरेंहजू के जसपाल, इंद्रजीत, वर्सन सिंह, गलविंदर सिंह व गेला सिंह आदि ने बताया कि वे लोग पिछले दो सप्ताह से मंडी में ही दिन रात गुजारने को विवश हैं। दिन में लू के थपेड़े झेल रहे हैं, तो रात के अंधेरे में मच्छरों से जंग होती है। बंदरों की शरारती फौज उनके माल को नुकसान पहुंचा रही है। किसानों का कहना है कि इतनी मेहनत-मशक्कत तो गेहूं की रोपाई करते समय नहीं करनी होती, जितनी मंडी में गेहूं बेचने और बचाने में करनी पड़ रही है। छतैयां के रामरतन सिंह बच्चों की पढ़ाई की खातिर लखनऊ के त्रिवेणीनगर में रह रहे हैं। इन दिनों गांव में अपनी फसल काट कर बेचने आए तो उन्हें 15 दिन मंडी में इंतजार करते हो गया। इस वजह से लखनऊ में उनके अन्य घरेलू कामकाज तो बाधित हैं ही बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। रामरतन समेत सभी किसानों ने कहा कि वे लोग केंद्र प्रभारी की इस मनमानी को डीएम के सामने उठाएंगे। इस पर भी अगर कार्रवाई न हुई तो मामला सीएम के दरबार में उठाया जाएगा। दूसरी ओर एसडीएम के दौरे के बाद कर्मचारी कल्याण निगम के केंद्र पर तौल शुरू हो गई है।
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ज्ञात हो कि पिछले दिनों से लगातार शिकायतें मिलने व ‘अमर उजाला’ में किसानों की समस्याएं उठाए जाने पर जब एसडीएम शाहाबाद जेपी सिंह ने पिहानी के क्रय केंद्रों का दौरा किया तो अव्यवस्थाएं पाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए दो दिन के भीतर तौल शुरू कर देने के फरमान जारी किए थे। इसके बाद गुरुवार को एसडीएम के फरमान का असर जानने को जब ‘अमर उजाला’ ने क्रय केंद्रों का दौरा किया तो एसडीएम के आदेश ताक पर रखे नजर आए। मंडी में लगे पीसीएफ के क्रय केंद्र पर कांटा बांट और बारदाना तो दूर प्रभारी तक मौजूद नहीं मिले। छतैयां के रामरतन, सरेंहजू के जसपाल, इंद्रजीत, वर्सन सिंह, गलविंदर सिंह व गेला सिंह आदि ने बताया कि वे लोग पिछले दो सप्ताह से मंडी में ही दिन रात गुजारने को विवश हैं। दिन में लू के थपेड़े झेल रहे हैं, तो रात के अंधेरे में मच्छरों से जंग होती है। बंदरों की शरारती फौज उनके माल को नुकसान पहुंचा रही है। किसानों का कहना है कि इतनी मेहनत-मशक्कत तो गेहूं की रोपाई करते समय नहीं करनी होती, जितनी मंडी में गेहूं बेचने और बचाने में करनी पड़ रही है। छतैयां के रामरतन सिंह बच्चों की पढ़ाई की खातिर लखनऊ के त्रिवेणीनगर में रह रहे हैं। इन दिनों गांव में अपनी फसल काट कर बेचने आए तो उन्हें 15 दिन मंडी में इंतजार करते हो गया। इस वजह से लखनऊ में उनके अन्य घरेलू कामकाज तो बाधित हैं ही बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। रामरतन समेत सभी किसानों ने कहा कि वे लोग केंद्र प्रभारी की इस मनमानी को डीएम के सामने उठाएंगे। इस पर भी अगर कार्रवाई न हुई तो मामला सीएम के दरबार में उठाया जाएगा। दूसरी ओर एसडीएम के दौरे के बाद कर्मचारी कल्याण निगम के केंद्र पर तौल शुरू हो गई है।
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