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पंद्रह कंप्यूटर, एसी कहां गए!

Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
Hardoi
Hardoi Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। समाज कल्याण विभाग में अनियमितताओं पर भले ही लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा हो, पर जिम्मेदारों ने अफसरों की कोशिशों को नाकाम कर दिया है। विभाग में एक और मामला प्रकाश में आया है। जिसमें विभाग के लिए कंप्यूटर, एसी व स्टेशनरी खर्चे में ही घालमेल की आशंका जताई जा रही है। कंप्यूटर व एसी के लिए पैसा तो निकाला गया, पर विभाग में अभी तक यह सामग्री नहीं आई।
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बीते वर्ष में कुल नौ लाख की स्टेशनरी खर्च होने के बिल लगे हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद समाज कल्याण अधिकारी ने सामग्री खरीद का ब्योरा मांगा है। जिले का समाज कल्याण विभाग आए दिन किसी न किसी नए घपलेबाजी से चरचाओं में शामिल हो रहा है। वैसे भी वृद्धावस्था पेंशन को तो अनियमितताओं ने घेर रखा है वहीं योजनाओं में भी घपलेबाजी के मामले आ रहे हैं, लेकिन अब एक और मामला प्रकाश में आ रहा है। हालांकि इस बाबत समाज कल्याण अधिकारी ने ब्योरा मांगा है, लेकिन सामग्री खरीद घपलेबाजी की आशंका जताई जा रही है।
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सूत्रों ने बताया कि समाज कल्याण विभाग में बीते वित्तीय वर्ष 2011-12 में विभाग को कंप्यूटरीकृत करने के उद्देश्य से कुल 15 कंप्यूटरों को लगाने की डिमांड की गई। बताया जाता है कि इस डिमांड के बाद विभाग के लिए 15 कंप्यूटर तो खरीदे गए, जिनका ट्रेजरी से भुगतान करा लिया गया, पर खास बात यह है कि विभाग में कंप्यूटर अभी तक नहीं पहुंचे हैं। इसी प्रकार विभाग में एक एयर कंडीशनर भी लगाने की डिमांड की गई और उसका पैसा निकाल लिया गया, पर अभी तक कोई एसी नहीं लगा है। सामग्री खरीद के इन दो मामलों में तो छह लाख रुपए खर्च हुए, जबकि विभाग में बीते वित्तीय वर्ष के दौरान कुल नौ लाख रुपए की स्टेशनरी प्रयोग की गई। इसका भी ट्रेजरी से भुगतान कराया जा चुका है। इस प्रकार कुल 15 लाख रूपए वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद निकाल लिए गए, पर कंप्यूटर व एसी तो विभाग में आए नहीं, वहीं नौ लाख की स्टेशनरी प्रयुक्त हो जाना गले के नीचे नहीं उतर रही है। उधर, इस मामले में समाज कल्याण अधिकारी शंभू शरण श्रीवास्तव ने सामग्री का ब्योरा मांग कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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