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सर्राफा में बहार, धनतेरस पर शोरूम गुलजार
Hardoi
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
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हरदोई। धनतेरस एवं दीपावली के त्योहार के चलते बाजार सजे हुए हैं। हर साल की तरह इस बार भी सर्राफा बाजार में हलचल है। लोगों द्वारा अपनी पसंद एवं सामर्थ्य के हिसाब से आर्डरों को दिया जा रहा, ताकि वे धनतेरस पर खरीदारी कर सकें। पिछले साल की अपेक्षा सोने के दाम भी कमोवेश पांच हजार प्रति दस ग्राम तक इस साल कम चल रहे, जिससे सोने के प्रति लोगों में आकर्षण है।
पिछले साल सोने का भाव जहां 31 से 32 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास थे, तो अबकी अभी सोने का भाव 26,500 से लेकर 27,000 हजार प्रति दस ग्राम तक चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस साल 21 अक्तूबर मंगलवार को धनतेरस है, लिहाजा बाजार में तेजी के साथ हलचल बढ़ गई है। जिले में करीब 3 सौ सर्राफा की दुकानें हैं, जिसके माध्यम से अबकी दीपावली एवं धनतेरस पर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। सूत्रों की माने तो गत वर्ष की अपेक्षा इस बार ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद है। एक सौ वर्ष पुरानी फर्म काशीनाथ ज्वैलर्स के निदेशक अक्षय कुमार, अतुल ज्वैलर्स के शिवम कपूर, आरएन ज्वैलर्स के आनंद गुप्ता आदि ने बताया कि बाजार में गहनों की तमाम नई डिजाइन आई है।
बताया कि सोने चांदी के तमाम ब्रांडेड आइटम आकर्षक एवं कम दामों पर बाजार में आ गए हैं। गहनों आदि की खरीद पर आकर्षक उपहार योजना भी चलाई जा रही है। उधर, बाजार में सस्ते चांदी के सिक्कों की डिमांड बढ़ने के कारण नकली चांदी के सिक्के भी बाजार में छा जाते है। सूत्रों के अनुसार इन सिक्कों की पहचान करना मुश्किल होता है। ऐसे में लोगों द्वारा अपने परिचितों के यहां से खरीदारी करते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे उन्हीं के यहां से उसे कैश करा सके है। वैसे तो कहा जाता है कि असली चांदी के सिक्के की पहचान खनक एवं गर्म करके हो जाती है, पर अब इस प्रक्रिया से भी असली नकली का पता लगा पाना मुश्किल हो गया है।
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उधर, धनतेरस एवं दीवाली पर जमकर कई क्षेत्रों में खरीदारी होती है। ऐसे में तमाम जगहों पर नकली आइटमों की भी बिक्री करने की चर्चाएं होती रहती है। जानकारों का कहना है कि खरीदारी विश्वसनीय दुकानों से ही करनी चाहिए और कोई भी चीज खरीदे तो पक्की रसीद जरूर ले, ताकि जरूरत पर उसका प्रयोग किया जा सके।
इंसेट---
चांदी के सिक्कों की लोगों में डिमांड
हरदोई। चांदी के पुराने सिक्कों की डिमांड हर साल धनतेरस पर बढ़ जाती है। सर्राफा बाजार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पुराने सिक्कों के आकार जैसे मिलते जुलते चांदी के नए सिक्के की भी मांग धनतेरस पर्व पर बढ़ जाती है। विक्टोरिया एरा के असली चांदी के सिक्कों के प्रति अभी भी आकर्षण है। हालांकि, उनकी कीमत प्रति नए सिक्कों की अपेक्षा ज्यादा है, जिससे खास लोग ही उन्हें खरीदते हैं, पर इन चांदी के सिक्कों के प्रति लोगों का आकर्षण होने से ज्यादातर दुकानों पर इनकी उपलब्धता रहती है। यह अलग बात है कि इनकी उपलब्धता बहुत ज्यादा संख्या में नहीं है। वैसे चांदी का भाव 38,500 रुपये प्रति किलो के आस पास है।
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धनतेरस पर रहता खरीदारी का महत्व
हरदोई। धनतेरस पर्व पर लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करते है। मान्यता है कि धनतेरस वाले दिन लोग खास तौर से सर्राफा बाजार की ओर आकर्षित होते हैं। यह अलग बात है कि सर्राफा बाजार में लोगों को अपनी सीमाओं का ध्यान रखना पड़ता है। यही कारण है कि सर्राफा बाजार में सबसे ज्यादा मांग चांदी के सिक्कों की रहती है। अन्य चीजों की अपेक्षा सबसे ऊंचा रहने वाले सर्राफा बाजार में ज्वैलरी शोरूम अपनी रंगत बिखेर कर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे और लोग अपनी पाकेट के हिसाब से खरीदारी को चीजों को पसंद कर रहे हैं।
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पांच करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद
हरदोई। वैसे तो सालभर का सर्राफा बाजार का कारोबार करीब 1 अरब का है, जिसमें सबसे ज्यादा कारोबार सहालगों के मौसम में होता है। इसके बाद भी दीवाली व धनतेरस के अवसर पर कारोबार पांच करोड़ के आस पास हो जाता है। सूत्रों के अनुसार इस बार भी कारोबार पांच क रोड़ के आस पास रहने की उम्मीद है।
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पिछले साल सोने का भाव जहां 31 से 32 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास थे, तो अबकी अभी सोने का भाव 26,500 से लेकर 27,000 हजार प्रति दस ग्राम तक चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस साल 21 अक्तूबर मंगलवार को धनतेरस है, लिहाजा बाजार में तेजी के साथ हलचल बढ़ गई है। जिले में करीब 3 सौ सर्राफा की दुकानें हैं, जिसके माध्यम से अबकी दीपावली एवं धनतेरस पर पांच करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। सूत्रों की माने तो गत वर्ष की अपेक्षा इस बार ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद है। एक सौ वर्ष पुरानी फर्म काशीनाथ ज्वैलर्स के निदेशक अक्षय कुमार, अतुल ज्वैलर्स के शिवम कपूर, आरएन ज्वैलर्स के आनंद गुप्ता आदि ने बताया कि बाजार में गहनों की तमाम नई डिजाइन आई है।
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बताया कि सोने चांदी के तमाम ब्रांडेड आइटम आकर्षक एवं कम दामों पर बाजार में आ गए हैं। गहनों आदि की खरीद पर आकर्षक उपहार योजना भी चलाई जा रही है। उधर, बाजार में सस्ते चांदी के सिक्कों की डिमांड बढ़ने के कारण नकली चांदी के सिक्के भी बाजार में छा जाते है। सूत्रों के अनुसार इन सिक्कों की पहचान करना मुश्किल होता है। ऐसे में लोगों द्वारा अपने परिचितों के यहां से खरीदारी करते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर वे उन्हीं के यहां से उसे कैश करा सके है। वैसे तो कहा जाता है कि असली चांदी के सिक्के की पहचान खनक एवं गर्म करके हो जाती है, पर अब इस प्रक्रिया से भी असली नकली का पता लगा पाना मुश्किल हो गया है।
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उधर, धनतेरस एवं दीवाली पर जमकर कई क्षेत्रों में खरीदारी होती है। ऐसे में तमाम जगहों पर नकली आइटमों की भी बिक्री करने की चर्चाएं होती रहती है। जानकारों का कहना है कि खरीदारी विश्वसनीय दुकानों से ही करनी चाहिए और कोई भी चीज खरीदे तो पक्की रसीद जरूर ले, ताकि जरूरत पर उसका प्रयोग किया जा सके।
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चांदी के सिक्कों की लोगों में डिमांड
हरदोई। चांदी के पुराने सिक्कों की डिमांड हर साल धनतेरस पर बढ़ जाती है। सर्राफा बाजार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पुराने सिक्कों के आकार जैसे मिलते जुलते चांदी के नए सिक्के की भी मांग धनतेरस पर्व पर बढ़ जाती है। विक्टोरिया एरा के असली चांदी के सिक्कों के प्रति अभी भी आकर्षण है। हालांकि, उनकी कीमत प्रति नए सिक्कों की अपेक्षा ज्यादा है, जिससे खास लोग ही उन्हें खरीदते हैं, पर इन चांदी के सिक्कों के प्रति लोगों का आकर्षण होने से ज्यादातर दुकानों पर इनकी उपलब्धता रहती है। यह अलग बात है कि इनकी उपलब्धता बहुत ज्यादा संख्या में नहीं है। वैसे चांदी का भाव 38,500 रुपये प्रति किलो के आस पास है।
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धनतेरस पर रहता खरीदारी का महत्व
हरदोई। धनतेरस पर्व पर लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी करते है। मान्यता है कि धनतेरस वाले दिन लोग खास तौर से सर्राफा बाजार की ओर आकर्षित होते हैं। यह अलग बात है कि सर्राफा बाजार में लोगों को अपनी सीमाओं का ध्यान रखना पड़ता है। यही कारण है कि सर्राफा बाजार में सबसे ज्यादा मांग चांदी के सिक्कों की रहती है। अन्य चीजों की अपेक्षा सबसे ऊंचा रहने वाले सर्राफा बाजार में ज्वैलरी शोरूम अपनी रंगत बिखेर कर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे और लोग अपनी पाकेट के हिसाब से खरीदारी को चीजों को पसंद कर रहे हैं।
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पांच करोड़ का कारोबार होने की उम्मीद
हरदोई। वैसे तो सालभर का सर्राफा बाजार का कारोबार करीब 1 अरब का है, जिसमें सबसे ज्यादा कारोबार सहालगों के मौसम में होता है। इसके बाद भी दीवाली व धनतेरस के अवसर पर कारोबार पांच करोड़ के आस पास हो जाता है। सूत्रों के अनुसार इस बार भी कारोबार पांच क रोड़ के आस पास रहने की उम्मीद है।