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जेलों में मोबाइल पर नहीं लग रहा अंकुश
Hardoi
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:32 AM IST
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हरदोई। जेलों से आपराधिक गतिविधियों को संचालन जारी है। जेलों में बंद कैदी जेल के अंदर ही मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे है। फतेहगढ़ जेल से मांगी गई रंगदारी ने व्यवस्था की पोल खोल दी है।
ज्ञात हो कि जिला जेल में बंद कैदियों के पास से मोबाइल व आपत्तिजनक वस्तुओं के मिलने की घटनाएं प्रकाश में आती रहती है। अपराधी जेल में रहकर ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं। जिसका उदाहरण है कि नैनी जेल में रहते हुए राजू भदैचा ने घंटाघर रोड़ पर शूटर से ट्रक चालक की हत्या कर दी थी। दूसरी घटना फतेहगढ़ जेल की प्रकाश में आई थी। जिसमें वहां बंद कैदी ने हरपालपुर के गल्ला आढ़ती से पांच लाख की रंगदारी मांगी है। यह घटनाएं तो महज उदाहरण है। जेलों में अपराधियोें को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। फतेहगढ़ की जिला जेल में कैदी के पास मोबाइल कहां से आया और किसने मुहैया कराया है।
यह सोचनीय विषय है, जबकि जिला जेल प्रशासन व पुलिस अफसर समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहते है। अपराधियों के पास मिल रहे मोबाइल व अन्य आपत्तिजनक सामग्री जेल व्यवस्था की पोल खोल रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा, पर इस बाबत कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच टीम बनाकर कार्य की इतिश्री कर ली जाती है, जिससे जेलोें से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने बताया कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। फिलहाल अब तक किए गए जिला जेल के औचक निरीक्षण में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
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ज्ञात हो कि जिला जेल में बंद कैदियों के पास से मोबाइल व आपत्तिजनक वस्तुओं के मिलने की घटनाएं प्रकाश में आती रहती है। अपराधी जेल में रहकर ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहते हैं। जिसका उदाहरण है कि नैनी जेल में रहते हुए राजू भदैचा ने घंटाघर रोड़ पर शूटर से ट्रक चालक की हत्या कर दी थी। दूसरी घटना फतेहगढ़ जेल की प्रकाश में आई थी। जिसमें वहां बंद कैदी ने हरपालपुर के गल्ला आढ़ती से पांच लाख की रंगदारी मांगी है। यह घटनाएं तो महज उदाहरण है। जेलों में अपराधियोें को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। फतेहगढ़ की जिला जेल में कैदी के पास मोबाइल कहां से आया और किसने मुहैया कराया है।
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यह सोचनीय विषय है, जबकि जिला जेल प्रशासन व पुलिस अफसर समय-समय पर औचक निरीक्षण करते रहते है। अपराधियों के पास मिल रहे मोबाइल व अन्य आपत्तिजनक सामग्री जेल व्यवस्था की पोल खोल रही है। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा, पर इस बाबत कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच टीम बनाकर कार्य की इतिश्री कर ली जाती है, जिससे जेलोें से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। एसएसपी गोविंद अग्रवाल ने बताया कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। फिलहाल अब तक किए गए जिला जेल के औचक निरीक्षण में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
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