फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   चकबंदी के विरोध में प्रदर्शन

चकबंदी के विरोध में प्रदर्शन

Fri, 19 Sep 2014 05:31 AM IST
Hardoi
Hardoi Updated Fri, 19 Sep 2014 05:31 AM IST
विज्ञापन
हरदोई। चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाकर सात बार धरने पर बैठ चुके ग्रामीणों ने गुरुवार को एक बार फिर आवाज उठाई। विकास खंड टड़ियावां के सेखौरा के ग्रामीणों को नगर मजिस्ट्रेट द्वारा मिला आश्वासन भी हवाई साबित हुआ।
विज्ञापन

चकबंदी प्रक्रिया को रुकवाने के लिए ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा और चकबंदी रुकवाने की मांग की। विकास खंड टड़ियावां के ग्राम सेखौरा के रहने वाले ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया में अधिकारियों पर अनियमित ढंग से चकों के आवंटन का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने बताया कि अवैधानिक ढंग से गोमती व कठिना नदी के किनारे गरीब व्यक्तियों को चक दिए जा रहे हैं, जिसमें बाढ़ के कारण खरीफ की फसल प्रभावित हो जाती है। किसानों को अनियमित ढंग से जमीन देने के कारण लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

कहा कि पंचायत की 20 फीसदी सही जमीन को पैसा लेकर बना दिया गया। ऐसे में चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त किया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि चकबंदी निरस्त कराने को लेकर अभी तक सात बार धरना प्रदर्शन किया और एक बार नगर मजिस्ट्रेट ने पांच सदस्यीय टीम द्वारा जांच कराने का आश्वासन भी दिया, पर जांच करने आज तक कोई नहीं आया, जबकि चकबंदी आज भी मनमाने ढंग से की जा रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को संबोधित प्रार्थना पत्र नगर मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह को सौंप चकबंदी रुकवाने की मांग की। इस दौरान शैलेंद्र, मनोज, बालक राम, शिशु भान सिंह, इंद्र कुमार व छत्रपाल मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed