{"_id":"37-185333","slug":"Hardoi-185333-37","type":"story","status":"publish","title_hn":"निदेशालय टीम को मिला छह माह पुराना पोषाहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निदेशालय टीम को मिला छह माह पुराना पोषाहार
Hardoi
Updated Thu, 12 Jun 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। बाल विकास निदेशालय की टीम ने बुधवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। बाल विकास परियोजना कार्यालय पहुंची टीम ने सभी योजनाओं की प्रगति जांची व पोषाहार को भी देखा। जहां करीब छह माह पुराना पोषाहार देखकर टीम प्रभारी ने खासी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट निदेशक को सौंपने की बात कही।
जिले में इन दिनों बाल विकास विभाग की सेवाओं को दुरुस्त करने का काम जोरों पर है। जिला कार्यक्रम अधिकारी तो निरीक्षण कर ही रहे हैं वहीं बुधवार को निदेशक आनंद कुमार सिंह के निर्देश पर बाल विकास निदेशालय से एक टीम ने संडीला के बाल विकास परियोजना कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। टीम प्रभारी में निदेशालय के विधि अधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बच्चों को पोषाहार देने, उनके वजन और तमाम अन्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने गोदाम का भी निरीक्षण किया। जहां करीब तीन किलोग्राम पोषाहार छह माह पुरानी तिथि का रखा मिला। इस पर विधि अधिकारी ने काफी नाराजगी व्यक्त की।
विधि अधिकारी ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट निदेशक को देने की बात कही। इस मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी समेत सुपरवाइजर पर कार्रवाई हो सकती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि निदेशालय की टीम के औचक निरीक्षण के बारे में जानकारी हुई है। जहां कमियां पाई गईं। निदेशक की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में इन दिनों बाल विकास विभाग की सेवाओं को दुरुस्त करने का काम जोरों पर है। जिला कार्यक्रम अधिकारी तो निरीक्षण कर ही रहे हैं वहीं बुधवार को निदेशक आनंद कुमार सिंह के निर्देश पर बाल विकास निदेशालय से एक टीम ने संडीला के बाल विकास परियोजना कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। टीम प्रभारी में निदेशालय के विधि अधिकारी अजय सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बच्चों को पोषाहार देने, उनके वजन और तमाम अन्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने गोदाम का भी निरीक्षण किया। जहां करीब तीन किलोग्राम पोषाहार छह माह पुरानी तिथि का रखा मिला। इस पर विधि अधिकारी ने काफी नाराजगी व्यक्त की।
विज्ञापन
विधि अधिकारी ने इस संबंध में अपनी रिपोर्ट निदेशक को देने की बात कही। इस मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी समेत सुपरवाइजर पर कार्रवाई हो सकती है। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार ने बताया कि निदेशालय की टीम के औचक निरीक्षण के बारे में जानकारी हुई है। जहां कमियां पाई गईं। निदेशक की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन