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गंदगी का निवाला बन गए मासूम

Fri, 30 May 2014 05:31 AM IST
Hardoi
Hardoi Updated Fri, 30 May 2014 05:31 AM IST
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पिहानी (हरदोई)। डायरिया से तीन मौतों के बाद से सआदतनगर में अभी खौफ छाया हुआ है। मृतक परिवारों में दूसरे दिन भी मातमी माहौल बना हुआ है। गांव में जल निकासी और सफाई को लेकर कोई ठोस इंतजाम न होना यहां के तीन मासूमों की जान जाने का सबब बना।
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ज्ञात हो बुधवार को सआदतनगर गांव में वीरू (7), अनूप (8) और लवी (2) की डायरिया की चपेट में आकर मौत हो गई थी। कई अन्य बच्चे बीमार हैं। गांव में मृतक परिवार में तालाब की मछलियां खाने से फूड प्वाइजनिंग की भी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, मृतक परिजनों ने बच्चों के मछली खाने से इनकार किया है। परिजनों समेत गांव के आम लोगों ने जगह-जगह व्याप्त गंदगी और जलभराव के साथ ही महीनों से बजबजाती नालियाें का कारण बताते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी महीने में एक-दो बार ही आता है। जिन मकानों में बच्चोें की मौतें हुई हैं, उनके आसपास की नालियाें का पानी सड़क पर बह रहा है। रामभरोसे, दीपू, हीरालाल, कमलेश, संतराम व धीरज आदि ने कहा कि काफी स्थानों पर भरा पानी महीनों से सड़ रहा और इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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गांव प्रवेश करने पर मुख्य द्वार से जो जलभराव के नजारे की शुरुआत होती है, वह गांव के अंदर के किसी भी हिस्से पर पहुंच कर भी खत्म नहीं होती। मुख्य बाजार में लगे सरकारी हैंडपंप के पानी के निकास की कोई व्यवस्था न होने से पास के एक गड्ढे में ही पानी जमा हो रहा है। गांव से मढ़िया के लिए गई सड़क पर मंदिर के पास भी महीनों से कीचड़ और पानी भरा हुआ है। यहां जगह-जगह पर जलभराव और बजबजाती नालियां महामारी को दावत दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बीमारी के पांव पसारते ही गांव में सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। उधर, गांव में डायरिया फैलने की सूचना पर दो स्वास्थ्य टीमों ने डेरा डाल रखा है।
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गुरुवार को सीएमओ डा. वीके गुप्ता व चिकित्सा अधीक्षक डा. जितेंद्र श्रीवास्तव ने गांव पहुंच कर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस बीच गांव में कार्य कर रही दो स्वास्थ्य टीमों ने दो दर्जन कुएं विसंक्रमित करते हुए गांव में ओआरएस और दवाओं का वितरण किया। सीएमओ ने पत्रकारों को बताया कि एक बच्चे की मौत डायरिया से होने की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य की मौत फूड प्वाइजनिंग से हो सकती है। कहा जा रहा कि खीरी के मोहम्मदी इलाके मेें मछली खाने से बीमार होकर इनका इलाज वहीं हुआ था। सीएमओ ने माना कि गांव में गंदगी बहुत है और इस हेतु प्रधान को बुलवाकर सफाई करवाने को कह दिया गया है।
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