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सफेद हाथी बना सीएचसी
Hardoi
Updated Mon, 20 Jan 2014 05:47 AM IST
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सवायजपुर (हरदोई)। कानपुर बिल्हौर हाईवे पर गौरखेड़ा में बने सवायजपुर के 32 शैयाओं के अस्पताल का लोकार्पण 27 अगस्त 11 को बसपा शासन काल में विधायक रजनी तिवारी ने इस मकसद से किया था कि इस अस्पताल से क्षेत्र के मरीजों को जिला मुख्यालय नहीं भटकना पड़ेगा, पर इसके विपरीत यहां मरीजों की भर्ती तो नहीं शुरू हुई, वहीं यहां प्रभारी चिकित्साधिकारी समेत दो कर्मियों का तबादला कर दिया गया, जिसके चलते मरीजों को खासी दिक्कतें हो रही हैं।
सवायजपुर सीएचसी का लोकार्पण तीन साल पहले हो चुका है, पर यहां अभी तक न तो मरीजों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई न ही गर्भवती महिलाओं की प्रसव व्यवस्था। आए दिन दुर्घटनाएं होने से घायलों को जिला अस्पताल उपचार हेतु ले जाने को 15 किमी दूर पाली व हरपालपुर से एंबुलेंस मंगानी पड़ती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आनंद पांडेय, वार्ड ब्वाय राजेश, स्वीपर श्यामू का तबादला पाली पीएचसी कर दिया गया है। अब यहां अजीत व पवन फार्मेसिस्ट, उमा वार्ड आया, डा. वंदना महिला चिकित्सक की तैनाती है। यह महिला डॉक्टर तीन-तीन दिन हरपालपुर सीएचसी से भी संबद्ध है। अस्पताल में बिजली न आने पर कर्मियों को रात में अंधेरे में रुकना पड़ता है।
यहां जनरेटर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं यहां लगने वाला सौर्य ऊर्जा का उच्च क्षमता का पैनल भी हरपालपुर भेज दिया गया है। इधर, मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी यहां सुविधाआें के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। इस बाबत सीएचसी हरपालपुर, सवायजपुर के चिकित्साधीक्षक डा. स्वामी दयाल ने बताया कि उन्होंने मरीजों की भर्ती न होने व अन्य सुविधाओं की कमी के बारे में सीएमओ को अवगत करा दिया है। उधर, रविवार को 19 ब्लाकाें को 102 एंबुलेंस का तोहफा दिया गया, पर सवायजपुर सीएचसी को एक एंबुलेंस तक नहीं दी गई, जिससे क्षेत्रवासी काफी मायूस हैं।
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इंसेट---
‘सवायजपुर सीएचसी के बजट का प्रस्ताव जिला योजना की बैठक में दिया गया। यहां डाक्टरों की नियुक्तियां शासन स्तर से होगी। फिर भी वह अपने स्तर से यहां सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास करेंगे।
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सवायजपुर सीएचसी का लोकार्पण तीन साल पहले हो चुका है, पर यहां अभी तक न तो मरीजों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई न ही गर्भवती महिलाओं की प्रसव व्यवस्था। आए दिन दुर्घटनाएं होने से घायलों को जिला अस्पताल उपचार हेतु ले जाने को 15 किमी दूर पाली व हरपालपुर से एंबुलेंस मंगानी पड़ती है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आनंद पांडेय, वार्ड ब्वाय राजेश, स्वीपर श्यामू का तबादला पाली पीएचसी कर दिया गया है। अब यहां अजीत व पवन फार्मेसिस्ट, उमा वार्ड आया, डा. वंदना महिला चिकित्सक की तैनाती है। यह महिला डॉक्टर तीन-तीन दिन हरपालपुर सीएचसी से भी संबद्ध है। अस्पताल में बिजली न आने पर कर्मियों को रात में अंधेरे में रुकना पड़ता है।
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यहां जनरेटर की भी कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं यहां लगने वाला सौर्य ऊर्जा का उच्च क्षमता का पैनल भी हरपालपुर भेज दिया गया है। इधर, मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी यहां सुविधाआें के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा है। इस बाबत सीएचसी हरपालपुर, सवायजपुर के चिकित्साधीक्षक डा. स्वामी दयाल ने बताया कि उन्होंने मरीजों की भर्ती न होने व अन्य सुविधाओं की कमी के बारे में सीएमओ को अवगत करा दिया है। उधर, रविवार को 19 ब्लाकाें को 102 एंबुलेंस का तोहफा दिया गया, पर सवायजपुर सीएचसी को एक एंबुलेंस तक नहीं दी गई, जिससे क्षेत्रवासी काफी मायूस हैं।
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‘सवायजपुर सीएचसी के बजट का प्रस्ताव जिला योजना की बैठक में दिया गया। यहां डाक्टरों की नियुक्तियां शासन स्तर से होगी। फिर भी वह अपने स्तर से यहां सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास करेंगे।