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अमेरिकी खूबियां भारत लाएंगे
Hardoi
Updated Fri, 13 Sep 2013 05:37 AM IST
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पिहानी (हरदोई)। नगर का होनहार छात्र आशुतोष रस्तोगी अमेरिका में विज्ञान सीखने जा रहा है। आशुतोष ने बताया कि वह अमेरिका की वैज्ञानिक विशेषताओं को सीख कर भारतीय विज्ञान को और सुदृढ़ करना चाहते हैं। उधर, कसबे एक युवा आकाश अग्निहोत्री का चयन एयर फोर्स में होने से खुशी की लहर है।
निजामपुर के अवधेश रस्तोगी के पुत्र आशुतोष रस्तोगी की बुनियादी शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। इसके बाद उन्होंने हरदोई के आरआर इंटर कालेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की और फिर महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज से बीएससी किया। इसके बाद एमएससी लखनऊ विवि से पास कर वहीं के जंतु विज्ञान विभाग से पीएचडी की। अब आशुतोष को केंट स्टेट यूनिवर्सिटी, ओएचआईओ, यूएस की ओर से पोस्ट डाक्टरल रिसर्च को एसोसिएट पोजिशन पर अमेरिका बुलाया गया है। वहां आशुतोष इसी विषय पर शोध करेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास इंडो-इस्राइल अंतर्राष्ट्रीय फेलोशिप और भारत सरकार की ओर से डीएसटी-सीएसआई फेलोशिप में शोध करने का आफर था, पर उन्होंने अमेरिकी आफर स्वीकार किया।
उन्होंने बताया कि इंसानी दिमाग और पशु-पक्षियों के दिमाग में काफी फर्क होता है। एक चिड़िया लगातार पंद्रह रातों तक जाग कर माइग्रेट कर सकती है, इसके विपरीत इंसान अगर ऐसा करे तो वह बीमारियों का शिकार हो जाएगा। साथ ही चिड़ियों को डायबिटीज नहीं होती। उड़ान के समय उनका वजन बढ़ जाता है। तब भी उन्हें कोई समस्या क्यों नहीं होती, इस तरह के तमाम प्रश्नों के जवाब ढूंढने को उक्त विषय पर शोध करने अमेरिका जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका की वैज्ञानिक विशेषताएं सीख कर पुन: अपने वतन भारत आ कर यहां के विज्ञान को अधिक सुदृढ़ करना चाहते हैं। उधर, कसबे के एक युवा आकाश अग्निहोत्री का चयन एयर फोर्स में होने से खुशी की लहर है। आकाश एयर मैन के पद पर कानपुर से बैंगलोर जाएंगे।
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लोहानी निवासी ओमप्रकाश अग्निहोत्री के पुत्र आकाश ने बताया कि उनकी तमन्ना देश के सबसे तेज लड़ाकू विमान मिग-29 एमकेआई का पायलट बन कर देश की सेवा करने की है। आकाश ने प्राथमिक शिक्षा कसबे की सरस्वती शिशु मंदिर में हासिल की। आकाश ने कहा कि उनके लिए देश पहले है, मां-बाप बाद में।
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निजामपुर के अवधेश रस्तोगी के पुत्र आशुतोष रस्तोगी की बुनियादी शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। इसके बाद उन्होंने हरदोई के आरआर इंटर कालेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की और फिर महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज से बीएससी किया। इसके बाद एमएससी लखनऊ विवि से पास कर वहीं के जंतु विज्ञान विभाग से पीएचडी की। अब आशुतोष को केंट स्टेट यूनिवर्सिटी, ओएचआईओ, यूएस की ओर से पोस्ट डाक्टरल रिसर्च को एसोसिएट पोजिशन पर अमेरिका बुलाया गया है। वहां आशुतोष इसी विषय पर शोध करेंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास इंडो-इस्राइल अंतर्राष्ट्रीय फेलोशिप और भारत सरकार की ओर से डीएसटी-सीएसआई फेलोशिप में शोध करने का आफर था, पर उन्होंने अमेरिकी आफर स्वीकार किया।
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उन्होंने बताया कि इंसानी दिमाग और पशु-पक्षियों के दिमाग में काफी फर्क होता है। एक चिड़िया लगातार पंद्रह रातों तक जाग कर माइग्रेट कर सकती है, इसके विपरीत इंसान अगर ऐसा करे तो वह बीमारियों का शिकार हो जाएगा। साथ ही चिड़ियों को डायबिटीज नहीं होती। उड़ान के समय उनका वजन बढ़ जाता है। तब भी उन्हें कोई समस्या क्यों नहीं होती, इस तरह के तमाम प्रश्नों के जवाब ढूंढने को उक्त विषय पर शोध करने अमेरिका जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अमेरिका की वैज्ञानिक विशेषताएं सीख कर पुन: अपने वतन भारत आ कर यहां के विज्ञान को अधिक सुदृढ़ करना चाहते हैं। उधर, कसबे के एक युवा आकाश अग्निहोत्री का चयन एयर फोर्स में होने से खुशी की लहर है। आकाश एयर मैन के पद पर कानपुर से बैंगलोर जाएंगे।
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लोहानी निवासी ओमप्रकाश अग्निहोत्री के पुत्र आकाश ने बताया कि उनकी तमन्ना देश के सबसे तेज लड़ाकू विमान मिग-29 एमकेआई का पायलट बन कर देश की सेवा करने की है। आकाश ने प्राथमिक शिक्षा कसबे की सरस्वती शिशु मंदिर में हासिल की। आकाश ने कहा कि उनके लिए देश पहले है, मां-बाप बाद में।