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280 विद्यालयों के चूल्हे ठंडे
Hardoi
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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हरदोई। जिले में मिड डे मील योजना के तहत सभी विद्यालयों को अभी भी भोजन नहीं मिल पा रहा है। जिले के 280 विद्यालयों के विद्यार्थी भोजन न मिलने से भूखे पेट लौट रहे। प्राधिकरण ने इस संबंध में विभाग से जवाब मांगा है।
मिड डे मील योजना के तहत जिले के 3625 विद्यालय के विद्यार्थियों को पका पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें 2544 प्राथमिक विद्यालय, 999 जूनियर हाईस्कूल, 44 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, 24 बाल श्रम विद्यालय और 14 समाज कल्याण विभाग से संचालित विद्यालय शामिल हैं। इन पढ़ने वाले प्राथमिक विद्यालय के चार लाख 24 हजार 427 और जूनियर विद्यालयों के 1 लाख 45 हजार 938 विद्यार्थियों को पका पकाया भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश है। विभागीय आंकड़ों की माने तो विद्यालयों में विद्यार्थियों को भोजन नियमित मिल रहा है। इसकी जांच के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किए जा रहे। अब तक 755 निरीक्षण किए जा चुके हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालयों में 355, जूनियर हाईस्कूल में 347, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में 21, बाल श्रम विद्यालयों में 25 और समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों में सात निरीक्षण किए गए। निरीक्षणोें के आधार पर माने तो जिले में मात्र 111 विद्यालयों में भोजन नहीं बन रहा है और कहीं भी भोजन में अनियमितता नहीं मिली। मगर विभागीय आंकड़ों की प्राधिकारण की ओर से आई रिपोर्ट ने कलाई खोल दी है। प्राधिकरण की ओर से आई आख्या के अनुसार जिले के 280 विद्यालयों में अभी भी खाना नहीं बनाया जा रहा है। प्राधिकरण ने इस संबंध में संबंधित विद्यालयों में भोजन व्यवस्था सुनिश्चत करने के निर्देश दिए हैं और भोजन न बनने के संबंध में जवाब मांगा है। इस आख्या रिपोर्ट के आने से विभाग में हडकंप मचा हुआ है। इस संबंध में जिला समन्वयक मंजू यादव का कहना है कि सभी विद्यालयों में भोजन बन रहा है। जिले के कई शिक्षक गैर जनपद स्थानांतरित हो गए है। इस लिए उनके नंबर बंद है। इससे सूचनाएं नहीं जा पा रही है। नंबरों को दुरुस्त किया जा रहा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालय से स्थानांतरित होकर आए नये शिक्षकों के नंबर मांगें गए हैं। ताकि सही सूचना प्राधिकरण को मिल सके।
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मिड डे मील योजना के तहत जिले के 3625 विद्यालय के विद्यार्थियों को पका पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें 2544 प्राथमिक विद्यालय, 999 जूनियर हाईस्कूल, 44 अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल, 24 बाल श्रम विद्यालय और 14 समाज कल्याण विभाग से संचालित विद्यालय शामिल हैं। इन पढ़ने वाले प्राथमिक विद्यालय के चार लाख 24 हजार 427 और जूनियर विद्यालयों के 1 लाख 45 हजार 938 विद्यार्थियों को पका पकाया भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश है। विभागीय आंकड़ों की माने तो विद्यालयों में विद्यार्थियों को भोजन नियमित मिल रहा है। इसकी जांच के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किए जा रहे। अब तक 755 निरीक्षण किए जा चुके हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालयों में 355, जूनियर हाईस्कूल में 347, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में 21, बाल श्रम विद्यालयों में 25 और समाज कल्याण विभाग के विद्यालयों में सात निरीक्षण किए गए। निरीक्षणोें के आधार पर माने तो जिले में मात्र 111 विद्यालयों में भोजन नहीं बन रहा है और कहीं भी भोजन में अनियमितता नहीं मिली। मगर विभागीय आंकड़ों की प्राधिकारण की ओर से आई रिपोर्ट ने कलाई खोल दी है। प्राधिकरण की ओर से आई आख्या के अनुसार जिले के 280 विद्यालयों में अभी भी खाना नहीं बनाया जा रहा है। प्राधिकरण ने इस संबंध में संबंधित विद्यालयों में भोजन व्यवस्था सुनिश्चत करने के निर्देश दिए हैं और भोजन न बनने के संबंध में जवाब मांगा है। इस आख्या रिपोर्ट के आने से विभाग में हडकंप मचा हुआ है। इस संबंध में जिला समन्वयक मंजू यादव का कहना है कि सभी विद्यालयों में भोजन बन रहा है। जिले के कई शिक्षक गैर जनपद स्थानांतरित हो गए है। इस लिए उनके नंबर बंद है। इससे सूचनाएं नहीं जा पा रही है। नंबरों को दुरुस्त किया जा रहा है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालय से स्थानांतरित होकर आए नये शिक्षकों के नंबर मांगें गए हैं। ताकि सही सूचना प्राधिकरण को मिल सके।
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