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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में 80 सैंपलों की एक साथ हो सकेंगी जांचें
Sat, 29 Mar 2025 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sat, 29 Mar 2025 11:44 PM IST
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फोटो-05- मेडिकल कॉलेज की पैथालॉजी के बाहर जांच रिपोर्ट लेने को लगी मरीजों की लाइन। संवाद
फोटो-24- मेडिकल कॉलेज पैथोलॉजी में निर्माण कार्य करते कर्मचारी। संवाद
- मरीजों को नहीं करना पड़ेगा घंटों इंतजार, सेंट्रल लैब में बायोकेमेस्ट्री की नई मशीनें लगाई जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की सेंट्रल लैब में अब अत्याधुनिक जांच मशीनें लगाई जा रही हैं । इनमें रक्त नमूनों की जांच की क्षमता बढ़ जाएगी और एक बार में अधिक जांच की जा सकेंगी। इसके साथ ही लैब में ब्लड सैंपल लेने में टोकन की व्यवस्था लागू की जा है। इससे मरीजों को लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।टोकन नंबर आने पर मरीज को ब्लड सैंपल देना होगा।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लगाकर बढ़ोतरी की जा रही है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें, इसके लिए लगातार प्रयास भी हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में तमाम जांचों को बढ़ा दिया गया है। मरीजों को कई जांचें अभी तक प्राइवेट पैथोलॉजी में अधिक पैसा करानी पड़ रही थीं, वहीं अब कम दामों पर जांचें सेंट्रल लैब में हो रही हैं।
सेंट्रल लैब में माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित बायोकेमेस्ट्री की नई मशीनें मंगाई गई हैं। अधिक क्षमता की इन मशीनों से अब पहले से अधिक रक्त नमूनों की एक साथ जांच हो सकेगी। बायोकेमेस्ट्री मशीन में अभी तक 50 रक्त नमूनों की एक साथ जांच हो रही है, अत्याधुनिक मशीन लगने के बाद अब 80 जांचें एक साथ हो सकेंगी। इसके अलावा रक्त नमूनों को निकालने के लिए टोकन व्यवस्था भी लागू की जा रही है। इससे नमूना लेने में मरीजों की लंबी लाइन से छुटकारा मिलेगा।
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सैंट्रल लैब के उच्चीकरण के साथ ही लैब में बाहरी लोगों के प्रवेश भी पूरी तरह से बंद हो जाएगा। रक्त नमूनों की जांच तक तो लोग आ जा सकेंगे लेकिन लैब के अंदर सिर्फ कर्मचारियों का ही प्रवेश हो सकेगा। इसके लिए लैब को बायोमेट्रिक किया जा रहा है। बायोमेट्रिक व्यवस्था होने से सिर्फ कर्मचारी ही अंदर आ सकेंगे। बायोमेट्रिक होने के बाद कर्मचारियों के अंगूठे या फिर कार्ड से लैब का दरवाजा खुल सकेगा। इसके बाद ही आना जाना कर सकेंगे अन्य कोई नहीं जा सकेगा।
इन जांचों की बढ़ जाएगी क्षमता
नई मशीनों के लगने से बायोकेमेस्ट्री से होने वाली एलएफटी, केएफटी, शुगर फास्टिंग, शुगर पीपी, सीआरपी, कैल्शियम, एल्बोमिन और यूरिक एसिड की जांचों की क्षमता बढ़ जाएगी। इसके अलावा सीबीसी, एचबीवनसी जांचों की क्षमता बढ़ जाएगी।
टोकन व्यवस्था के लिए लगेगी स्क्रीन
रक्त नमूनों को लेने के लिए टोकन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। पंजीकरण के बाद पर्चे पर टोकन नंबर चढ़ा दिया जाएगा और यही टोकन नंबर लैब में लगी स्क्रीन पर दिखाई देगा। संबंधित मरीज का टोकन नंबर प्रदर्शित होने पर ही वह रक्त नमूना देने जा सकेगा। इससे लाइन से मरीजों को छुटकारा मिलेगा और भीड़ भी नहीं लगेगी।
वर्जन
सेंट्रल लैब के उच्चीकरण का काम चल रहा है। लैब का पुननिर्माण होने के बाद नई मशीनों को लगा दिया जाएगा। काम चालू हो चुका है तो उम्मीद है कि एक माह के अंदर पूरा हो जाएगा और मरीजों को सहूलियत मिलने लगेगी।-डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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फोटो-24- मेडिकल कॉलेज पैथोलॉजी में निर्माण कार्य करते कर्मचारी। संवाद
- मरीजों को नहीं करना पड़ेगा घंटों इंतजार, सेंट्रल लैब में बायोकेमेस्ट्री की नई मशीनें लगाई जाएंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की सेंट्रल लैब में अब अत्याधुनिक जांच मशीनें लगाई जा रही हैं । इनमें रक्त नमूनों की जांच की क्षमता बढ़ जाएगी और एक बार में अधिक जांच की जा सकेंगी। इसके साथ ही लैब में ब्लड सैंपल लेने में टोकन की व्यवस्था लागू की जा है। इससे मरीजों को लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।टोकन नंबर आने पर मरीज को ब्लड सैंपल देना होगा।
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लगाकर बढ़ोतरी की जा रही है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें, इसके लिए लगातार प्रयास भी हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की सेंट्रल लैब में तमाम जांचों को बढ़ा दिया गया है। मरीजों को कई जांचें अभी तक प्राइवेट पैथोलॉजी में अधिक पैसा करानी पड़ रही थीं, वहीं अब कम दामों पर जांचें सेंट्रल लैब में हो रही हैं।
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सेंट्रल लैब में माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित बायोकेमेस्ट्री की नई मशीनें मंगाई गई हैं। अधिक क्षमता की इन मशीनों से अब पहले से अधिक रक्त नमूनों की एक साथ जांच हो सकेगी। बायोकेमेस्ट्री मशीन में अभी तक 50 रक्त नमूनों की एक साथ जांच हो रही है, अत्याधुनिक मशीन लगने के बाद अब 80 जांचें एक साथ हो सकेंगी। इसके अलावा रक्त नमूनों को निकालने के लिए टोकन व्यवस्था भी लागू की जा रही है। इससे नमूना लेने में मरीजों की लंबी लाइन से छुटकारा मिलेगा।
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सैंट्रल लैब के उच्चीकरण के साथ ही लैब में बाहरी लोगों के प्रवेश भी पूरी तरह से बंद हो जाएगा। रक्त नमूनों की जांच तक तो लोग आ जा सकेंगे लेकिन लैब के अंदर सिर्फ कर्मचारियों का ही प्रवेश हो सकेगा। इसके लिए लैब को बायोमेट्रिक किया जा रहा है। बायोमेट्रिक व्यवस्था होने से सिर्फ कर्मचारी ही अंदर आ सकेंगे। बायोमेट्रिक होने के बाद कर्मचारियों के अंगूठे या फिर कार्ड से लैब का दरवाजा खुल सकेगा। इसके बाद ही आना जाना कर सकेंगे अन्य कोई नहीं जा सकेगा।
इन जांचों की बढ़ जाएगी क्षमता
नई मशीनों के लगने से बायोकेमेस्ट्री से होने वाली एलएफटी, केएफटी, शुगर फास्टिंग, शुगर पीपी, सीआरपी, कैल्शियम, एल्बोमिन और यूरिक एसिड की जांचों की क्षमता बढ़ जाएगी। इसके अलावा सीबीसी, एचबीवनसी जांचों की क्षमता बढ़ जाएगी।
टोकन व्यवस्था के लिए लगेगी स्क्रीन
रक्त नमूनों को लेने के लिए टोकन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। पंजीकरण के बाद पर्चे पर टोकन नंबर चढ़ा दिया जाएगा और यही टोकन नंबर लैब में लगी स्क्रीन पर दिखाई देगा। संबंधित मरीज का टोकन नंबर प्रदर्शित होने पर ही वह रक्त नमूना देने जा सकेगा। इससे लाइन से मरीजों को छुटकारा मिलेगा और भीड़ भी नहीं लगेगी।
वर्जन
सेंट्रल लैब के उच्चीकरण का काम चल रहा है। लैब का पुननिर्माण होने के बाद नई मशीनों को लगा दिया जाएगा। काम चालू हो चुका है तो उम्मीद है कि एक माह के अंदर पूरा हो जाएगा और मरीजों को सहूलियत मिलने लगेगी।-डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज