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Hardoi News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 410 समूहों की झोली में आए 6.15 करोड़
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हरदोई। दस विकास खंडों के 410 स्वयं सहायता समूहोंं की अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर झोली भर गई है। इन समूहों को सामुदायिक निवेश कोष (सीएलएफ) मद में 6.15 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सीएलएफ मद में रुपये से समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार बढ़ाने के साथ ही नए स्टार्टअप शुरू करने में आसानी होगी।
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। शासन की ओर से अच्छा काम करने और स्थानीय उत्पाद और अन्य स्वरोजगार करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती दिए जाने के लिए रिवॉल्विंग फंड के साथ ही समूहों को जोड़कर संगठन बनाने वाले समूहों को सीएलएफ मद में प्रति समूह 1,50,000 रुपये के हिसाब से आर्थिक मदद दी जाती है।
उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से जिले के 10 ब्लॉकों के 410 समूहों को सीएलएफ मद में 6,15,00,000 रुपये उनके खातों में दिए गए हैं। इससे समूहों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और महिलाओं को आर्थिक जरूरत के समय दिक्कत नहीं होगी। सीएलएफ मद में मिले रुपये से वह अपने उत्पाद को बनाने के दायरे में बढ़ोतरी के साथ ही रोजगार को भी बढ़ावा दे सकेंगी।
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ब्लॉकवार समूहों को दिया गए सीएलएफ पर एक नजर :
ब्लॉक : समूह संख्या : रुपये (इकाई में)
हरपालपुर : 40 : 60,00,000
कछौना : 07 : 10,50,000
माधौगंज : 30 : 45,00,000
पिहानी : 15 : 22,50,000
सांडी : 15 : 22,50,000
संडीला : 27 : 40,50,000
शाहाबाद : 45 : 67,50,000
सुरसा : 79 : 1,18,50,000
टड़ियावां : 24 : 36,00,000
टोडरपुर : 24 : 51,00,000
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का अलग ही महत्व है। वैसे भी आधी आबादी को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले में समूहों से जुड़ी महिलाओं को सामुदायिक निवेश कोष की मद में रुपये दिए गए हैं। इससे महिलाओं को अपने रोजगार को बढ़ाने के लिए आर्थिक रूप से आसानी होगी। -सान्या छाबड़ा, सीडीओ
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ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। शासन की ओर से अच्छा काम करने और स्थानीय उत्पाद और अन्य स्वरोजगार करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। समूह से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूती दिए जाने के लिए रिवॉल्विंग फंड के साथ ही समूहों को जोड़कर संगठन बनाने वाले समूहों को सीएलएफ मद में प्रति समूह 1,50,000 रुपये के हिसाब से आर्थिक मदद दी जाती है।
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उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से जिले के 10 ब्लॉकों के 410 समूहों को सीएलएफ मद में 6,15,00,000 रुपये उनके खातों में दिए गए हैं। इससे समूहों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और महिलाओं को आर्थिक जरूरत के समय दिक्कत नहीं होगी। सीएलएफ मद में मिले रुपये से वह अपने उत्पाद को बनाने के दायरे में बढ़ोतरी के साथ ही रोजगार को भी बढ़ावा दे सकेंगी।
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ब्लॉकवार समूहों को दिया गए सीएलएफ पर एक नजर :
ब्लॉक : समूह संख्या : रुपये (इकाई में)
हरपालपुर : 40 : 60,00,000
कछौना : 07 : 10,50,000
माधौगंज : 30 : 45,00,000
पिहानी : 15 : 22,50,000
सांडी : 15 : 22,50,000
संडीला : 27 : 40,50,000
शाहाबाद : 45 : 67,50,000
सुरसा : 79 : 1,18,50,000
टड़ियावां : 24 : 36,00,000
टोडरपुर : 24 : 51,00,000
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का अलग ही महत्व है। वैसे भी आधी आबादी को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले में समूहों से जुड़ी महिलाओं को सामुदायिक निवेश कोष की मद में रुपये दिए गए हैं। इससे महिलाओं को अपने रोजगार को बढ़ाने के लिए आर्थिक रूप से आसानी होगी। -सान्या छाबड़ा, सीडीओ