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Hardoi News: आयुष चिकित्सालय के काम को गति देंगे 2.89 करोड़
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हरदोई। भदैचा में बनवाए जा रहे 50 बेड के आयुष चिकित्सालय के काम को 2.89 करोड़ रुपये गति देंगे। साल-2022 में आयुष चिकित्सालय बनवाए जाने के लिए शासन ने स्वीकृति दी थी। वैसे तो काम दिसंबर-2025 में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन कार्रवाई और चेतावनी के बाद भी काम दिसंबर तक पूरा नहीं हो पाया। अब मार्च तक काम पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।
आयुर्वेद विभाग की तरफ से बिलग्राम मार्ग पर भदैचा गांव में 50 बेड का आयुष चिकित्सालय भवन बनवाया जा रहा है। शासन ने चिकित्सालय भवन बनवाए जाने के लिए साल-2022 में 15,06,00,000 रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। शासन ने स्वीकृति के साथ ही काम कराने के लिए 10,83,00,000 रुपये भी दिए थे। काम कराने की जिम्मेदारी उप्र प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लि. को सौंपी गई। उप्र प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लि. ने निविदा प्रकिया पूरी कराई जिसमें लखनऊ की एक फर्म को निविदा मिली। फर्म की तरफ से काम भी शुरू कराया गया। शुरुआत में तो काम में गति दिखाई दी लेकिन उसके बाद काम सुस्त पड़ता गया।
बताया कि वैसे तो काम एक साल में पूरा कराए जाने की समयसीमा तय की गई थी लेकिन सुस्ती से काम तीन साल में भी पूरा नहीं हो पाया। इससे आयुष चिकित्सालय का शुभारंभ भी नहीं हो सका और क्षेत्रीय लोगों को चिकित्सालय का लाभ भी नहीं मिल सका। डीएम ने कई बार फर्म को चेतावनी और कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखे। अब दूसरी किस्त में 2,89,06,500 रुपये शासन ने कार्यदायी संस्था को दिए हैं। इससे काम को मार्च तक पूरा करा लिए जाने की समयसीमा तय की गई है।
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आयुष चिकित्सालय का काम वैसे भी समय से पूरा नहीं हो सका है। काम पूरा न होने से लोगों को चिकित्सालय की सुविधा और सहूलियत भी नहीं मिल पाई है। इस पर फर्म की लापरवाही सामने आई है। शासन से दूसरी किस्त दिए जाने की जानकारी है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को काम मार्च तक पूरा करा लिए जाने के लिए कहा गया है। -डॉ. आशा रावत, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी
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आयुर्वेद विभाग की तरफ से बिलग्राम मार्ग पर भदैचा गांव में 50 बेड का आयुष चिकित्सालय भवन बनवाया जा रहा है। शासन ने चिकित्सालय भवन बनवाए जाने के लिए साल-2022 में 15,06,00,000 रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। शासन ने स्वीकृति के साथ ही काम कराने के लिए 10,83,00,000 रुपये भी दिए थे। काम कराने की जिम्मेदारी उप्र प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लि. को सौंपी गई। उप्र प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लि. ने निविदा प्रकिया पूरी कराई जिसमें लखनऊ की एक फर्म को निविदा मिली। फर्म की तरफ से काम भी शुरू कराया गया। शुरुआत में तो काम में गति दिखाई दी लेकिन उसके बाद काम सुस्त पड़ता गया।
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बताया कि वैसे तो काम एक साल में पूरा कराए जाने की समयसीमा तय की गई थी लेकिन सुस्ती से काम तीन साल में भी पूरा नहीं हो पाया। इससे आयुष चिकित्सालय का शुभारंभ भी नहीं हो सका और क्षेत्रीय लोगों को चिकित्सालय का लाभ भी नहीं मिल सका। डीएम ने कई बार फर्म को चेतावनी और कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखे। अब दूसरी किस्त में 2,89,06,500 रुपये शासन ने कार्यदायी संस्था को दिए हैं। इससे काम को मार्च तक पूरा करा लिए जाने की समयसीमा तय की गई है।
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आयुष चिकित्सालय का काम वैसे भी समय से पूरा नहीं हो सका है। काम पूरा न होने से लोगों को चिकित्सालय की सुविधा और सहूलियत भी नहीं मिल पाई है। इस पर फर्म की लापरवाही सामने आई है। शासन से दूसरी किस्त दिए जाने की जानकारी है। कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को काम मार्च तक पूरा करा लिए जाने के लिए कहा गया है। -डॉ. आशा रावत, क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी