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Hardoi News: औद्योगिक क्षेत्र में 250 फैक्टरियां संचालित, लेकिन संसाधनों का पता नहीं

Sun, 08 Dec 2024 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Sun, 08 Dec 2024 11:44 PM IST
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250 factories operating in the industrial area, but resources not known
फोटो 15 : औद्योगिक क्षेत्र फेज दो में टूटी पुलिया। संवाद
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फोटो 16 : औद्योगिक क्षेत्र फेज एक में जर्जर सड़क। संवाद
फोटो 17 : अमित भदौरिया। संवाद
फोटो 18 : गुरजीत सिंह। संवाद
- संडीला औद्योगिक क्षेत्र में उखड़ी सड़क और टूटी पुलिया से उद्यमियों को हो रहीं दिक्कतें
- 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से उद्यमी दे रहे कर
संवाद न्यूज एजेंसी
संडीला। औद्योगिक इकाई की स्थापना के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। यहां पर एनएच-731 पर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-बड़ी करीब 250 औद्योगिक यूनिटें संचालित हैं।
उद्यमियों की ओर से औद्योगिक क्षेत्र के रख-रखाव और सुविधाओं के लिए 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से कर भी लिया जा रहा है। बावजूद इसके औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाओं के नाम पर उखड़ी सड़क और पुलिया टूटी हैं। जिससे उद्यमियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला संडीला औद्योगिक क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहा है। यूपीसीडा (उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के उद्यमियों को जरूरी सुविधाएं देने में विफल साबित हो रहा है। राजधानी लखनऊ से 55 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे-731 पर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में करीब 250 छोटी-बड़ी फैक्टरियां हैं।
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देश-विदेश के उद्यमी करोड़ों रुपये का निवेश कर रहे हैं। सरकार उद्यमियों से प्रति वर्ग मीटर 20 रुपये के हिसाब से कर भी वसूल रही है। इसके बावजूद यहां की सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे, गंदी नालियां, टूटी पुलिया और कूड़े के ढेर समस्याएं बने हुए हैं। खराब सड़कों के चलते माल ढुलाई करने वाले वाहन आए दिन पलट जाते हैं।
बरसात में स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा, कई बार फैक्टरियों में पानी भरने के कारण उद्यमियों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। हाल ही में यूपीसीडा ने ई-नीलामी के माध्यम से हरदोई समेत 13 जिलों के लिए 101 भूखंड आवंटित किए, जिनमें करीब 4,000 करोड़ रुपये का निवेश संभावित है। हालांकि मौजूदा उद्यमी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। यूपीसीडा एक्सपो और अन्य आयोजनों पर लाखों रुपये खर्च करता है, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों, जल निकासी और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
फोटो 17 : अमित भदौरिया। संवाद चैप्टर चेयरमैन अमित भदौरिया ने बताया कि सड़कों आदि की समस्याओं की जानकारी हर बार मीटिंग में दी जाती है। मगर कार्य नहीं हो पा रहा है।
फोटो 18 : गुरजीत सिंह। संवाद सतगुरु फूड्स के गुरजीत सिंह ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण लोडिंग अनलोडिंग के लिए आने वाले वाहनों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

कोट
औद्योगिक क्षेत्र में काम कराए जाने के लिए एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। जल्द ही सड़कों और पुलियों को दुरुस्त कराया जाएगा।-बीएन श्रीवास्तव सहायक प्रबंधक सिविल यूपीसीडा
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