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सता का हाल वही, पैकिंग बदली, माल वही है....
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हरदोई। मोहल्ला आलूथोक में रविवार रात आयोजित होली मिलन समारोह में कवियों ने रचनाओं से समा बांध दिया। करुणेश दीक्षित ने हर सत्ता का हाल यही, पैकिंग बदला माल वही है रचना सुनाई। इसे लोगों ने खूब सराहा।
कवि सम्मेलन की शुरुआत डॉ. निशानाथ अवस्थी की वाणी वंदना से हुई। उन्होंने शारदे स्वदेश में मचा है चहुं ओर द्वंद्व, द्वंद्वकारियों की वेग मीत को संवार दे रचना सुनाई। कन्नौज से आए गीतकार अभिनव मिश्र की पंक्तियां कौवे ने करी कांव कांव, बढ़निया डोले लगी भी सराही गईं। सुखदेव पांडे सरल की रचना शांत रहो इस उपचन में पुरवा पर प्रतिबंध है को भी लोगों ने खूब पसंद किया। वीर रस के कवि आलोक पांडे ने देश प्रेम से ओत प्रोत करने वाली कविता छोड़ो पृथ्वी, अग्नि मिसाइल और लड़ाकू जेट को, रावल पिंडी तक घुस जाने दो भारत के बेटों को....सुनाई। संयोजक अरविंद मिश्र की रचना मैं देश नहीं बिकने दूंगा, मैं शत्रु नहीं टिकने दूंगा ने भी देशभक्ति की भावना जगाई। इस मौके पर उमेश चंद्र मिश्रा, धीरेंद्र मिश्रा, विजय शंकर द्विवेदी, शिवसेवक गुप्ता, मनोज त्रिवेदी, कुलदीप मिश्रा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता समाजसेवी प्रेम चंद्र मिश्र ने की और संचालन कवि अरविंद मिश्रा ने किया।
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कवि सम्मेलन की शुरुआत डॉ. निशानाथ अवस्थी की वाणी वंदना से हुई। उन्होंने शारदे स्वदेश में मचा है चहुं ओर द्वंद्व, द्वंद्वकारियों की वेग मीत को संवार दे रचना सुनाई। कन्नौज से आए गीतकार अभिनव मिश्र की पंक्तियां कौवे ने करी कांव कांव, बढ़निया डोले लगी भी सराही गईं। सुखदेव पांडे सरल की रचना शांत रहो इस उपचन में पुरवा पर प्रतिबंध है को भी लोगों ने खूब पसंद किया। वीर रस के कवि आलोक पांडे ने देश प्रेम से ओत प्रोत करने वाली कविता छोड़ो पृथ्वी, अग्नि मिसाइल और लड़ाकू जेट को, रावल पिंडी तक घुस जाने दो भारत के बेटों को....सुनाई। संयोजक अरविंद मिश्र की रचना मैं देश नहीं बिकने दूंगा, मैं शत्रु नहीं टिकने दूंगा ने भी देशभक्ति की भावना जगाई। इस मौके पर उमेश चंद्र मिश्रा, धीरेंद्र मिश्रा, विजय शंकर द्विवेदी, शिवसेवक गुप्ता, मनोज त्रिवेदी, कुलदीप मिश्रा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता समाजसेवी प्रेम चंद्र मिश्र ने की और संचालन कवि अरविंद मिश्रा ने किया।
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