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पुताई के लिए पीली मिट्टी लेने गए बच्चों की मलबे में दबकर मौत
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इसी गड्ढे की मिट्टी धसकने से हुई दो बच्चों की मौत। संवाद
- फोटो : HARDOI
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बेहटागोकुल (हरदोई)। थाना क्षेत्र के ग्राम सिकंदरपुर बाजार में घर की लिपाई के लिए मिट्टी खोदने गए तीन मासूम बच्चे मिट्टी धंसने के कारण मलबे में दब गए। हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
सिकंदरपुर बाजार निवासी रवित (11) पुत्र सुरेंद्र बुधवार दोपहर बहन अंजली (8) और गांव निवासी रिश्तेदार विमल उर्फ गोलू (12) पुत्र आदेश के साथ घर की दीवारों को लीपने के लिए पीली मिट्टी लेने गांव के बाहर गए थे। तीनों बच्चे गड्ढे में घुसकर मिट्टी खोद रहे थे, तभी मिट्टी धंसगई और तीनों मलबे में दब गए। चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक रवित और विमल ने दम तोड़ दिया। अंजली मामूली रूप से चुटहिल हुई है। घटना की जानकारी पर एसडीएम शाहाबाद सौरभ दुबे, क्षेत्रीय लेखपाल तोताराम मौके पर पहुंचे। बेहटागोकुल थानाध्यक्ष ओपी सिंह ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोहराम में बदल गईं त्योहार की खुशियां
हरदोई। दीपोत्सव पर मकान को नयापन देने के लिए पीली मिट्टी की खुदाई करने गए बच्चों को इस बात का अहसास नहीं था कि यह खुशियां कुछ ही देर में कोहराम में बदल जाएंगी। विमल उर्फ गोलू पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर का था और वह गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह का छात्र था। पिता आदेश राजमिस्त्री हैं, जबकि मां सुनीता परिवार संभालती हैं।
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रवित चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। पिता सुरेंद्र दिल्ली में मजदूरी करते थे, एक माह से गांव में ही हैं। वह भी गांव के जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह का छात्र था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही मां वीरावती बदहवास हो गई।
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सिकंदरपुर बाजार निवासी रवित (11) पुत्र सुरेंद्र बुधवार दोपहर बहन अंजली (8) और गांव निवासी रिश्तेदार विमल उर्फ गोलू (12) पुत्र आदेश के साथ घर की दीवारों को लीपने के लिए पीली मिट्टी लेने गांव के बाहर गए थे। तीनों बच्चे गड्ढे में घुसकर मिट्टी खोद रहे थे, तभी मिट्टी धंसगई और तीनों मलबे में दब गए। चीख पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल की तरफ दौड़े और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक रवित और विमल ने दम तोड़ दिया। अंजली मामूली रूप से चुटहिल हुई है। घटना की जानकारी पर एसडीएम शाहाबाद सौरभ दुबे, क्षेत्रीय लेखपाल तोताराम मौके पर पहुंचे। बेहटागोकुल थानाध्यक्ष ओपी सिंह ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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कोहराम में बदल गईं त्योहार की खुशियां
हरदोई। दीपोत्सव पर मकान को नयापन देने के लिए पीली मिट्टी की खुदाई करने गए बच्चों को इस बात का अहसास नहीं था कि यह खुशियां कुछ ही देर में कोहराम में बदल जाएंगी। विमल उर्फ गोलू पांच भाई बहनों में तीसरे नंबर का था और वह गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह का छात्र था। पिता आदेश राजमिस्त्री हैं, जबकि मां सुनीता परिवार संभालती हैं।
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रवित चार भाई बहनों में तीसरे नंबर का था। पिता सुरेंद्र दिल्ली में मजदूरी करते थे, एक माह से गांव में ही हैं। वह भी गांव के जूनियर हाईस्कूल में कक्षा छह का छात्र था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही मां वीरावती बदहवास हो गई।