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Hardoi News: बारिश में छलनी हुए 439 किलोमीटर लंबाई के 192 मार्ग, अब मरहम की तैयारी
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हरदोई। बरसात ने लोक निर्माण विभाग के दायरे में आने वाले 192 मार्गों को नुकसान पहुंचाया है। इन मार्गों पर करीब 439 किलोमीटर लंबाई में मार्ग बरसात के पानी से छलनी हो गए हैं और लोगों को आवागमन में दर्द दे रहे हैं।
विभाग ने इन मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए अब मरहम की तैयारी की है। राज्य, जिला और अन्य जिला मार्ग सहित इन मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए विभाग ने सर्वे कराते हुए कार्ययोजना बनाई है। गड्ढों को भरने पर 7.41 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे।
बरसात के पानी से मार्गों को नुकसान पहुंचने के साथ ही लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग सहित अन्य मार्गों को बरसात के पानी से हुए नुकसान मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मरहम लगाने की तैयारी की है। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी त्योहार के समय अधिक उपयोग में आने वाले मार्गों को 10 अक्तूबर और अन्य मार्गों को 31 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त बनाने की समयावधि दी है।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में 192 मार्गों की कुल लंबाई 874.18 किलोमीटर में से 439.40 किलोमीटर लंबाई में मार्ग क्षतिग्रस्त चिह्नित किए गए हैं। इन मार्गों के गड्ढे भराए जाने के लिए विभाग की ओर से तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार 7,41,39,800 रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की ओर से मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए प्राथमिकता भी तय की गई है।
गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों में आई बाढ़ से भी प्रभावित क्षेत्रों के मार्गों और पुलिया को नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि बाढ़ का पानी अभी कम होना शुरु हुआ है। इससे अभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मार्गों के कटान, क्षतिग्रस्त होने और पुलियों को हुए नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक और निर्माण खंड दो के सीमा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित मार्ग अधिक संख्या में हैं।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के दृष्टिगत विभाग के दायरे में आने वाले मार्गों को सर्वे कराया गया है। गड्ढायुक्त और क्षतिग्रस्त मार्गों को बनवाए जाने के लिए कार्ययोजना विभाग के प्रमुख अभियंता के माध्यम से शासन को भेजी गई है। जल्द ही बजट मिलने की भी उम्मीद है। बजट मिलते ही काम शुरु कराया जाएगा। त्योहार के समय उपयोग में आने वाले मार्गों को प्राथमिकता दी गई है। -एसके मिश्रा, नोडल अधिकारी, पीडब्ल्यूडी
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विभाग ने इन मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए अब मरहम की तैयारी की है। राज्य, जिला और अन्य जिला मार्ग सहित इन मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए विभाग ने सर्वे कराते हुए कार्ययोजना बनाई है। गड्ढों को भरने पर 7.41 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे।
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बरसात के पानी से मार्गों को नुकसान पहुंचने के साथ ही लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य मार्ग, प्रमुख जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग सहित अन्य मार्गों को बरसात के पानी से हुए नुकसान मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने मरहम लगाने की तैयारी की है। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी त्योहार के समय अधिक उपयोग में आने वाले मार्गों को 10 अक्तूबर और अन्य मार्गों को 31 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त बनाने की समयावधि दी है।
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लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में 192 मार्गों की कुल लंबाई 874.18 किलोमीटर में से 439.40 किलोमीटर लंबाई में मार्ग क्षतिग्रस्त चिह्नित किए गए हैं। इन मार्गों के गड्ढे भराए जाने के लिए विभाग की ओर से तैयार की गई कार्ययोजना के अनुसार 7,41,39,800 रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग की ओर से मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने के लिए प्राथमिकता भी तय की गई है।
गंगा, रामगंगा और गर्रा नदियों में आई बाढ़ से भी प्रभावित क्षेत्रों के मार्गों और पुलिया को नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि बाढ़ का पानी अभी कम होना शुरु हुआ है। इससे अभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के मार्गों के कटान, क्षतिग्रस्त होने और पुलियों को हुए नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक और निर्माण खंड दो के सीमा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित मार्ग अधिक संख्या में हैं।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के दृष्टिगत विभाग के दायरे में आने वाले मार्गों को सर्वे कराया गया है। गड्ढायुक्त और क्षतिग्रस्त मार्गों को बनवाए जाने के लिए कार्ययोजना विभाग के प्रमुख अभियंता के माध्यम से शासन को भेजी गई है। जल्द ही बजट मिलने की भी उम्मीद है। बजट मिलते ही काम शुरु कराया जाएगा। त्योहार के समय उपयोग में आने वाले मार्गों को प्राथमिकता दी गई है। -एसके मिश्रा, नोडल अधिकारी, पीडब्ल्यूडी