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विधायक के आश्वासन पर माने परिजन, किया अंतिम संस्कार

Mon, 15 Oct 2018 12:11 AM IST
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:11 AM IST
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विधायक के आश्वासन पर माने परिजन, किया अंतिम संस्कार

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बघौली (हरदोई)। वन अधिनियम के मामले में गैरजमानती वारंट जारी होने पर गिरफ्तार कर बघौली थाने में लाने के बाद आरोपी की हालत बिगड़ने के बाद शनिवार देर शाम उसे औपचारिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया। रविवार को शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने 30 लाख रुपए मुआवजा दिए जाने की मांग कर दी। मुआवजा न मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस के हाथ पैर फूल गए। मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक प्रभाष कुमार ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया। मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपए दिलाए जाने के आश्वासन पर परिजन मान गए।


बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम परनुआ निवासी मदनपाल (42) पुत्र होरीलाल के छोटे भाई रामकिशोर की पत्नी रेनू ग्राम प्रधान हैं। मदनपाल के विरुद्ध कई वर्ष पूर्व वन अधिनियम के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में मदनपाल के विरुद्ध वारंट जारी हो गया था। 14 सितंबर की सुबह बघौली थाना पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। सुबह लगभग साढ़े नौ बजे उसकी हालत थाने में बिगड़ गई थी। जिला अस्पताल में चिकित्सक ने हालत गंभीर बताकर लखनऊ रेफर कर दिया था। उसके भाई रामकिशोर ने 14 सितंबर की रात ही मीडिया को बताया था कि मदनपाल की मौत हो गई है। तत्कालीन थानाध्यक्ष इरशाद अली पर जबरन ही शव लखनऊ ले जाने और परिजनों को सांत्वना देने के लिए मेडिकल कालेज के ट्रामा सेंटर में रखवाए जाने का आरोप लगाया था।
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बहरहाल शनिवार को मदनपाल को मेडिकल कालेज से मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस उसके परिजनों को लेकर लखनऊ गई। लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद रविवार को शव गांव पहुंचा। मृतक की पत्नी जगदेई और पुत्र निर्भय ने 30 लाख रुपए और तीन बीघा भूमि का पट्टा किए जाने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। इस पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी कुंवर ज्ञानंजय सिंह, एसडीएम सदर ओपी गुप्ता, सीओ बघौली अखिलेश राजन आदि मौके पर पहुंच गए। मामला सुलझता न देख विधायक प्रभाष कुमार से संपर्क किया गया। विधायक मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिलाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा एसडीएम ने भूमि उपलब्ध होने पर पट्टा किए जाने की बात भी कही। इस पर परिजन मान गए और अंतिम संस्कार कर दिया। तत्कालीन थानाध्यक्ष इरशाद अली को यहां सें हटाकर पिहानी का वरिष्ठ उपनिरीक्षक बनाया जा चुका है।
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- शनिवार को औपचारिक तौर पर मृत घोषित किया गया प्रधान का जेठ
- भाई कह रहा था घटना के दिन ही हो गई थी मौत

अमर उजाला ब्यूरो
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