{"_id":"5c97cb7bbdec2214516f4c1d","slug":"161553451899-hardoi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वापस लौटने की जद्दोजहद, धक्का मुक्की और हाय हाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वापस लौटने की जद्दोजहद, धक्का मुक्की और हाय हाय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। होली की छुट्टियां खत्म होते ही रविवार को बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर भीड़ रही। नौकरी पेशा लोग और छात्र-छात्राएं बसों और ट्रेेनों में सीट पाने को परेशान रहे। हाल ये रहा कि कुछ लोग तो जान पर खेलकर ट्रेनों और बसों की खिड़कियों से अंदर घुसे। इस दौरान कई यात्रियों में धक्कामुक्की और नोकझोंक भी हुई। रेलवे स्टेशन की टिकट खिड़की पर भी लंबी लाइनें लगी रहीं। भीड़ के चलते टिकट लेने में ही यात्रियों को पसीना पसीना होना पड़ा।
शनिवार शाम से ही रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशन, प्राइवेट बस और टैक्सी स्टैंडों पर भीड़ जुटना शुरू हो गई। इन हालातों से निपटने के लिए रोडवेज की ओर पहले से इंतजाम किए गए थे, लेकिन ये नाकाफी रहे। यात्रियों की बढ़ी संख्या को नियंत्रित करने के लिए रोडवेज के जिम्मेदारों को काफी मेहनत करनी पड़ी। कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन बंद होने का असर स्टेेशन पर नजर आया। गंतव्य को लौटने के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जिनके रिजर्वेशन थे, उन्हें भी ट्रेन में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। जिनका रिजर्वेशन नहीं था उन्हें जनरल बोगियों में जगह न मिलने पर निराश लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने तो सीट पाने के लिए अपनी जान की बाजी भी लगा दी। उन्होंने बसों की छतों पर चढ़कर सफर किया।
होली के त्योहार पर यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए रोडवेज महकमे ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। रोडवेज की ओर से सबसे व्यस्त माने जाने वाले दिल्ली रूट पर 28 बसें बढ़ाई गईं थीं। इस मार्ग पर 70 बसें संचालित थीं। इसके साथ ही कानपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर व अन्य रूट्स पर भी औसतन बसों के 5 से 10 चक्कर बढ़ा दिए गए। लेकिन ये व्यवस्था भी नाकाफी रही। एआरएम आरबी यादव ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। वहीं विभिन्न कारणों के चलते पिछले कुछ समय से रेल महकमें की ओर से किसान एक्सप्रेस, राजरानी एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस व बनारस बरेली एक्सप्रेस का संचालन बंद है। त्योहार पर इन ट्रेनों का संचालन बंद होने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
घंटे भर इंतजार के बाद मिली बस
हरदोई। रोडवेज बस स्टैंड पर बेटे कुलदीप के साथ कानपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे ऊंचा थोक निवासी शैलेश अवस्थी ने बताया कि वह एक घंटे से बस स्टैंड पर बैठे हैं। दो बसें आईं, लेकिन आते ही भर गईं। लगभग एक घंटे के इंतजार के बाद तीसरी बस में जैसे-तैसे जगह मिल पाई है।
हरदोई। रोडवेज बस स्टैंड पर बेटे अभिषेक के साथ मौजूद प्रदीप कुमार ने बताया कि बेटा कानपुर में पढ़ता है। छुट्टियां खत्म हो गईं, इसलिए बेटे को कानपुर वापस जाना है, उसे छोड़ने आए हैं। बताया कि काफी धक्कामुक्की के बाद दूसरी बस में जैसे-तैसे बेटे को बैठा पाए हैं।
हरदोई। दोपहर डेढ़ बजे लखनऊ जाने के लिए स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे कन्हई पुरवा निवासी गिरधारी लाल ने बताया कि वह किसी काम से लखनऊ जा रहे हैं। लखनऊ जाने वाली ट्रेन दो बजे आनी है, लेकिन डेढ़ बजे ही स्टेशन पर इतनी भीड़ देखकर लगता है कि जनरल बोगी में सफर करना परेशानी भरा रहेगा।
हरदोई। शहर के मोहल्ला बिलग्राम चुंगी निवासी कारोबारी विकास श्रीवास्तव ने बताया कि प्रमुख ट्रेनें रद्द चल रही हैं। जिसके चलते रूट्स पर चल रही ट्रेनों पर त्योहार में लोड बढ़ गया है। बताया कि सबसे ज्यादा खराब हालत जनरल बोगियों की है।
विज्ञापन
शनिवार शाम से ही रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशन, प्राइवेट बस और टैक्सी स्टैंडों पर भीड़ जुटना शुरू हो गई। इन हालातों से निपटने के लिए रोडवेज की ओर पहले से इंतजाम किए गए थे, लेकिन ये नाकाफी रहे। यात्रियों की बढ़ी संख्या को नियंत्रित करने के लिए रोडवेज के जिम्मेदारों को काफी मेहनत करनी पड़ी। कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन बंद होने का असर स्टेेशन पर नजर आया। गंतव्य को लौटने के लिए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जिनके रिजर्वेशन थे, उन्हें भी ट्रेन में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी। जिनका रिजर्वेशन नहीं था उन्हें जनरल बोगियों में जगह न मिलने पर निराश लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने तो सीट पाने के लिए अपनी जान की बाजी भी लगा दी। उन्होंने बसों की छतों पर चढ़कर सफर किया।
विज्ञापन
होली के त्योहार पर यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए रोडवेज महकमे ने पहले ही तैयारी कर रखी थी। रोडवेज की ओर से सबसे व्यस्त माने जाने वाले दिल्ली रूट पर 28 बसें बढ़ाई गईं थीं। इस मार्ग पर 70 बसें संचालित थीं। इसके साथ ही कानपुर, लखनऊ, शाहजहांपुर व अन्य रूट्स पर भी औसतन बसों के 5 से 10 चक्कर बढ़ा दिए गए। लेकिन ये व्यवस्था भी नाकाफी रही। एआरएम आरबी यादव ने बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो बसों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। वहीं विभिन्न कारणों के चलते पिछले कुछ समय से रेल महकमें की ओर से किसान एक्सप्रेस, राजरानी एक्सप्रेस, जनता एक्सप्रेस व बनारस बरेली एक्सप्रेस का संचालन बंद है। त्योहार पर इन ट्रेनों का संचालन बंद होने से यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
घंटे भर इंतजार के बाद मिली बस
हरदोई। रोडवेज बस स्टैंड पर बेटे कुलदीप के साथ कानपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे ऊंचा थोक निवासी शैलेश अवस्थी ने बताया कि वह एक घंटे से बस स्टैंड पर बैठे हैं। दो बसें आईं, लेकिन आते ही भर गईं। लगभग एक घंटे के इंतजार के बाद तीसरी बस में जैसे-तैसे जगह मिल पाई है।
हरदोई। रोडवेज बस स्टैंड पर बेटे अभिषेक के साथ मौजूद प्रदीप कुमार ने बताया कि बेटा कानपुर में पढ़ता है। छुट्टियां खत्म हो गईं, इसलिए बेटे को कानपुर वापस जाना है, उसे छोड़ने आए हैं। बताया कि काफी धक्कामुक्की के बाद दूसरी बस में जैसे-तैसे बेटे को बैठा पाए हैं।
हरदोई। दोपहर डेढ़ बजे लखनऊ जाने के लिए स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे कन्हई पुरवा निवासी गिरधारी लाल ने बताया कि वह किसी काम से लखनऊ जा रहे हैं। लखनऊ जाने वाली ट्रेन दो बजे आनी है, लेकिन डेढ़ बजे ही स्टेशन पर इतनी भीड़ देखकर लगता है कि जनरल बोगी में सफर करना परेशानी भरा रहेगा।
हरदोई। शहर के मोहल्ला बिलग्राम चुंगी निवासी कारोबारी विकास श्रीवास्तव ने बताया कि प्रमुख ट्रेनें रद्द चल रही हैं। जिसके चलते रूट्स पर चल रही ट्रेनों पर त्योहार में लोड बढ़ गया है। बताया कि सबसे ज्यादा खराब हालत जनरल बोगियों की है।