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मनरेगा : संविदा कर्मियों के ईपीएफ में गोलमाल पर उपायुक्त तलब
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हरदोई में मनरेगा के तहत संविदा पर तैनात कर्मचारियों की भविष्य निधि में खेल होने का मामला सामने आया है। अधिकांश संविदा कर्मियों को ईपीएफ के तहत कर्मचारी और नियोक्ता अंश काटा ही नहीं गया।
कुछ कर्मचारियों ने जागरुकता दिखाते हुए अपना ईपीएफ कटवाया, लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते नियोक्ता अंश जमा नहीं किया गया। अब पूरे मामले में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने उपायुक्त मनरेगा को नोटिस जारी कर तलब किया है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ), कंप्यूटर ऑपरेटर, ग्राम रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक (टीए) संविदा पर तैनात हैं। वर्ष 2015 में शासनादेश जारी कर मनरेगा के इन संविदा कर्मियों का ईपीएफ काटने के निर्देश जारी किए गए थे।
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इन निर्देशों के मुताबिक 12 फीसदी अंश संविदा कर्मियों के मानदेय से काटा जाना था, जबकि 13 फीसदी अंश मनरेगा के प्रशासनिक व्यय (कंटीजेंसी) से जमा किया जाना था। जनपद में चुनिंदा एपीओ को छोड़कर किसी भी संविदा कर्मी का ईपीएफ काटा ही नहीं गया।
इसकी जानकारी किसी तरह क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को हुई। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो आयुक्त ने जनपद में तैनात मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल को नोटिस जारी कर उक्त मामले में 17 जून को तलब किया है।
जिले में मनरेगा के तहत 12 एपीओ, 98 टीए, 926 ग्राम रोजगार सेवक और 10 कंप्यूटर ऑपरेटर यानी कुल 1046 कर्मचारी तैनात हैं। फिलहाल मनरेगा उपायुक्त को तलब किए जाने की जानकारी से जिले में खलबली मची हुई है।
मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि पूरा ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मामला पिछले लगभग चार वर्ष से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरी जानकारी करने पर ही पता चलेगा कि वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने बताया कि भविष्य निधि आयुक्त के समक्ष पूरी जानकारी दी जाएगी।
मनरेगा : संविदा कर्मियों के ईपीएफ में गोलमाल पर उपायुक्त तलब
भविष्य निधि आयुक्त ने 17 जून को तलब किया
जनपद के 1046 संविदा कर्मियों के ईपीएफ का मामला
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कुछ कर्मचारियों ने जागरुकता दिखाते हुए अपना ईपीएफ कटवाया, लेकिन अफसरों की लापरवाही के चलते नियोक्ता अंश जमा नहीं किया गया। अब पूरे मामले में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने उपायुक्त मनरेगा को नोटिस जारी कर तलब किया है।
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ), कंप्यूटर ऑपरेटर, ग्राम रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक (टीए) संविदा पर तैनात हैं। वर्ष 2015 में शासनादेश जारी कर मनरेगा के इन संविदा कर्मियों का ईपीएफ काटने के निर्देश जारी किए गए थे।
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इन निर्देशों के मुताबिक 12 फीसदी अंश संविदा कर्मियों के मानदेय से काटा जाना था, जबकि 13 फीसदी अंश मनरेगा के प्रशासनिक व्यय (कंटीजेंसी) से जमा किया जाना था। जनपद में चुनिंदा एपीओ को छोड़कर किसी भी संविदा कर्मी का ईपीएफ काटा ही नहीं गया।
इसकी जानकारी किसी तरह क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को हुई। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो आयुक्त ने जनपद में तैनात मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल को नोटिस जारी कर उक्त मामले में 17 जून को तलब किया है।
जिले में मनरेगा के तहत 12 एपीओ, 98 टीए, 926 ग्राम रोजगार सेवक और 10 कंप्यूटर ऑपरेटर यानी कुल 1046 कर्मचारी तैनात हैं। फिलहाल मनरेगा उपायुक्त को तलब किए जाने की जानकारी से जिले में खलबली मची हुई है।
मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि पूरा ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मामला पिछले लगभग चार वर्ष से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरी जानकारी करने पर ही पता चलेगा कि वास्तविक स्थिति क्या है। उन्होंने बताया कि भविष्य निधि आयुक्त के समक्ष पूरी जानकारी दी जाएगी।
मनरेगा : संविदा कर्मियों के ईपीएफ में गोलमाल पर उपायुक्त तलब
भविष्य निधि आयुक्त ने 17 जून को तलब किया
जनपद के 1046 संविदा कर्मियों के ईपीएफ का मामला