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Hardoi News: गर्रा की बाढ़ में 11 पक्के, 64 कच्चे मकान और 76 झोपड़ी क्षतिग्रस्त हुईं
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हरदोई। गर्रा नदी में देवहा नदी के जरिए नानक सागर बैराज से आए पानी की बाढ़ से चार तहसीलों में बड़ा नुकसान हुआ है। प्रशासन की ओर से कराए गए आकलन में बाढ़ में 11 पक्के, 64 कच्चे मकान और 76 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। 12342.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसका सर्वे कराया जा रहा है, साथ ही प्रभावित परिवारों को राशन किट, भोजन पैकेट वितरण के साथ ही डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर) से अनुदान दिया गया है। मकान और झोपड़ियां क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित परिवारों को आवास योजना में पात्रता के आधार पर आवास दिलाए जाएंगे।
गर्रा नदी में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही प्रशासन ने नुकसान का आकलन कराया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। बताया कि बाढ़ प्रभावित 135 गांवों में 5,210 खाद्यान्न किट और 59,573 लंच पैकेट वितरित किए गए। बाढ़ से कुल 23415.47 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ, इसमें से 12342.40 हेक्टेयर पर फसलें थीं। पशुपालकों को 321 क्विंटल भूसा का वितरण किया गया है। पशुपालन विभाग की ओर से 25,300 पशुओं का उपचार और 70,554 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 52,592 लोगों को उपचारित किया है। बताया कि बाढ़ पशुहानि में सभी पशुपालकों को अनुदान डीबीटी से दिया गया है। 105 बाढ़ शरणालय में 1,014 लोगों को ठहराया गया था। 2,468 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। बताया कि 48 बाढ़ चौकियों में से 29 अभी भी सक्रिय हैं। 66 नाव, 16 मोटरबोट के साथ ही एक एनडीआरएफ, दो एसडीआरएफ टीम भी पांच नाव व मोटरबोट के साथ राहत कार्य में लगाई गईं थीं। बतायाा कि गंगा व रामगंगा नदियों में संभावित बाढ़ से निपटने की भी तैयारियां की जा रही हैं।
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गर्रा नदी में बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही प्रशासन ने नुकसान का आकलन कराया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। बताया कि बाढ़ प्रभावित 135 गांवों में 5,210 खाद्यान्न किट और 59,573 लंच पैकेट वितरित किए गए। बाढ़ से कुल 23415.47 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ, इसमें से 12342.40 हेक्टेयर पर फसलें थीं। पशुपालकों को 321 क्विंटल भूसा का वितरण किया गया है। पशुपालन विभाग की ओर से 25,300 पशुओं का उपचार और 70,554 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 52,592 लोगों को उपचारित किया है। बताया कि बाढ़ पशुहानि में सभी पशुपालकों को अनुदान डीबीटी से दिया गया है। 105 बाढ़ शरणालय में 1,014 लोगों को ठहराया गया था। 2,468 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। बताया कि 48 बाढ़ चौकियों में से 29 अभी भी सक्रिय हैं। 66 नाव, 16 मोटरबोट के साथ ही एक एनडीआरएफ, दो एसडीआरएफ टीम भी पांच नाव व मोटरबोट के साथ राहत कार्य में लगाई गईं थीं। बतायाा कि गंगा व रामगंगा नदियों में संभावित बाढ़ से निपटने की भी तैयारियां की जा रही हैं।
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