{"_id":"61fc095d71e87f5b6a322921","slug":"109-independents-are-increasing-the-beat-hardoi-news-knp6786815120","type":"story","status":"publish","title_hn":"धड़कन बढ़ा रहे 109 निर्दलीय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धड़कन बढ़ा रहे 109 निर्दलीय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। जिले की लगभग सभी आठों विधानसभा सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों की बड़ी संख्या ने चुनावी माहौल को रोचक कर दिया है।
ऐसे प्रत्याशी जीत-हार की संभावना से ज्यादा वोट काटने और तोड़ने की सियासत का मोहरा माने जा रहे, इसलिए प्रमुख सियासी दलों के लिए आंख की किरकिरी से कम नहीं हैं।
सियासत के महारथियों ने अपने समीकरण संवारने और प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए भी निर्दलीय प्रत्याशियों का चक्रव्यूह गढ़ा है। विस चुनाव के अखाड़े में 109 दावेदारों ने बिना किसी प्रत्यक्ष समर्थन के नाम दर्ज कराया है।
सवायजपुर विधानसभा सीट पर ऐसे निर्दलीय प्रत्याशी सबसे ज्यादा हैं। यहां निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों की संख्या 21 है। इस मामले में सांडी विस सीट दूसरे नंबर है।
विज्ञापन
यहां 18 निर्दलीयों ने नामांकन कराया। बालामऊ सीट से 17 नामांकन निर्दलीय कराए गए हैं। बिलग्राम मल्लावां सीट से 16 और शाहाबाद सीट से 15 नामांकन निर्दलीय हुए हैं।
नौ निर्दलीय नामांकन गोपामऊ विधानसभा सीट से और सात नामांकन संडीला सीट से हुए हैं। हरदोई सदर विधानसभा सीट से छह निर्दलीयों ने चुनावी अखाड़े में ताल ठोंक दी है।
खास बात यह है कि निर्दलीय नामांकन कराने वाले ज्यादातर प्रत्याशी किसी जाति विशेष के समूह से ताल्लुक रखते हैं। जानकारों का मानना है कि अधिकतर निर्दलीयों का मकसद जीतना नहीं, बल्कि किसी दल विशेष के मोहरे के रूप में प्रतिद्वंद्वियों के वोट को तोड़ना है।
ताकि प्रतिद्वंद्वी का समीकरण बिगाड़ा जा सके। कुछ दलों के प्रत्याशियों ने एक से अधिक सेटों में भी नामांकन कराया है।
विज्ञापन
ऐसे प्रत्याशी जीत-हार की संभावना से ज्यादा वोट काटने और तोड़ने की सियासत का मोहरा माने जा रहे, इसलिए प्रमुख सियासी दलों के लिए आंख की किरकिरी से कम नहीं हैं।
सियासत के महारथियों ने अपने समीकरण संवारने और प्रतिद्वंद्वियों को मात देने के लिए भी निर्दलीय प्रत्याशियों का चक्रव्यूह गढ़ा है। विस चुनाव के अखाड़े में 109 दावेदारों ने बिना किसी प्रत्यक्ष समर्थन के नाम दर्ज कराया है।
विज्ञापन
सवायजपुर विधानसभा सीट पर ऐसे निर्दलीय प्रत्याशी सबसे ज्यादा हैं। यहां निर्दलीय चुनाव लड़ने वालों की संख्या 21 है। इस मामले में सांडी विस सीट दूसरे नंबर है।
विज्ञापन
यहां 18 निर्दलीयों ने नामांकन कराया। बालामऊ सीट से 17 नामांकन निर्दलीय कराए गए हैं। बिलग्राम मल्लावां सीट से 16 और शाहाबाद सीट से 15 नामांकन निर्दलीय हुए हैं।
नौ निर्दलीय नामांकन गोपामऊ विधानसभा सीट से और सात नामांकन संडीला सीट से हुए हैं। हरदोई सदर विधानसभा सीट से छह निर्दलीयों ने चुनावी अखाड़े में ताल ठोंक दी है।
खास बात यह है कि निर्दलीय नामांकन कराने वाले ज्यादातर प्रत्याशी किसी जाति विशेष के समूह से ताल्लुक रखते हैं। जानकारों का मानना है कि अधिकतर निर्दलीयों का मकसद जीतना नहीं, बल्कि किसी दल विशेष के मोहरे के रूप में प्रतिद्वंद्वियों के वोट को तोड़ना है।
ताकि प्रतिद्वंद्वी का समीकरण बिगाड़ा जा सके। कुछ दलों के प्रत्याशियों ने एक से अधिक सेटों में भी नामांकन कराया है।