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तीर्थनगरी के विकास को बनेगी तीन हजार करोड़ की कार्ययोजना
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Mon, 08 May 2017 08:54 PM IST
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तीर्थनगरी
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार की तर्ज पर गढ़मुक्तेश्वर के विकास की योजना अब धरातल पर उतर सकती है। जिला प्रशासन और गढ़ के भाजपा विधायक ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके विकास के लिए स्थानीय स्तर पर तीन हजार करोड़ की कार्ययोजना तैयार की गई है।
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मंगलवार को मेरठ आगमन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस कार्ययोजना पर स्वीकृति कराने का प्रयास है। मेरठ में आग सीएम के सामने गढ़मुक्तेश्वर के विकास का मुद्दा जोरशोर से उठाया जाएगा। सपा सरकार में तीर्थ नगरी गढ़मुक्तेश्वर के विकास का खाका तैयार किया गया था।
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हरिद्वार की तर्ज पर इसका विकास कराने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की योजना तैयार की गयी थी। बजट आवंटित न होने के कारण योजना का क्रियान्वयन नहीं हो सका। अब जब खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को मेरठ आ रहे हैं, तो इसके लिए बड़ी घोषणा हो सकती है।
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सोमवार को गढ़ विधायक कमल मलिक ने इस संबंध में डीएम कृष्णा करुनेश से मिलकर तीर्थ नगरी के विकास की योजनाओं पर विचार विमर्श किया। विधायक कमल मलिक के अनुसार वह तीर्थ नगरी के विकास के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखेंगे।
इसमें गढ़ गंगा मेले को मानचित्र पर लाने तथा कार्तिक मेले का आयोजन शासन स्तर पर कराने के साथ सिंचाई विभाग द्वारा पूर्व में बनायी गई तीन हजार करोड़ की मेगा योजना के लिए बजट की मंजूरी दिलाना शामिल है। उन्होंने बताया कि इनके साथ क्षेत्र के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्र में बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी जाएगी।
डीएम कृष्णा करुनेश ने बताया कि गढ़ के विकास के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा जो भी योजनाएं बजट के चलते रुकी हुई हैं वे सभी बजट में शामिल हैं। इसके अलावा एडीएम एलए (भूमि एवं राजस्व) का पद रिक्त है, जिसकी बड़ी आवश्यकता है।
कलेक्ट्रेट में बाबुओं की संख्या की बेहद कमी है। विभागों को बजट न मिलने के कारण कई विभाग किराये के भवनों में चल रहे हैं। इन भवनों के लिए बजट की मांग की जाएगी।