फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Will act on loud vehicles

तेज आवाज वाले वाहनों पर भी होगी कार्रवाई

Wed, 20 Jul 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़ Updated Wed, 20 Jul 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
Will act on loud vehicles
loud vehicles - फोटो : अमर उजाला

एनजीटी ने अपने आदेश में वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। भारी वाहनों में आम तौर पर तेज हार्न लगाए जाते हैं। इससे आम आदमी को परेशानी होती है।

विज्ञापन


बीते सोमवार को एनजीटी में जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली में दस साल पुराने डीजल वाहन पर रोक लगाने के अलावा ध्वनि प्रदूषण पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन


ध्वनि के मानक तय हैं। दिन और रात के मानक अलग होने के साथ-साथ आवासीय, व्यवसायिक और सार्वजनिक स्थानों के लिए अलग-अलग मानक तय हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पारस नाथ ने बताया कि एनजीटी के आदेश की कॉपी अभी नहीं मिली है, लेकिन अदालत के आदेश का पालन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि ध्वनि प्रदूषण के मानक इंडस्ट्रीज में 75 डेसेबिल रात में और दिन में 70 डिसेबिल, आवासीय क्षेत्र में 55 डेसेबिल दिन में और रात में 45 डेसेबिल, व्यवसायिक क्षेत्र में 65 डेसेबिल दिन में और रात के समय 55 डेसेबिल, नर्सिग होम, साइलेंट जोन में 50 डेसेबिल दिन में और रात के समय 40 डेसेबिल है।
इससे अधिक ध्वनि उत्पन्न होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। हापुड़ में जून माह में वायु प्रदूषण के जो आंकड़े आए हैं, उनमें एचओटू 3.6, एनओटू 7.2, प्लेटिनका टेन 128 व प्लेटिनका 2.5 58 आई हैं।

क्या मिलेगा लाभ
-  स्कूल-कॉलेज, धार्मिक स्थलों के पास ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा।
* अस्पतालों के पास ध्वनि प्रदूषण नहीं होगा।
* तेज दबाव वाले हार्न से सड़क पर चलने वाले लोगों को दिक्कत नहीं होगी।
* बुजुर्ग लोगों को ध्वनि प्रदूषण से परेशान नहीं होना पड़ेगा।

क्या कहते है ईएनटी विशेषज्ञ
ध्वनि प्रदूषण से कान और मस्तिष्क की नसों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। तेज आवाज से कान का पर्दा भी फटने की संभावना रहती है। बुजुर्ग लोगों को ध्वनि प्रदूषण से अधिक परेशानी होती है। ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगानी आवश्यक है।
-डॉ. एके पाल

प्रेशर हॉर्न के खिलाफ चलेगा अभियान
मोटर व्हीकल एक्ट में पहले से ही वाहनों में तेज आवाज के हॉर्न पर पाबंदी है। उसके बाद भी परिवहन विभाग के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। एनजीटी के आदेश आने के बाद परिवहन विभाग के अफसर अभियान चलाकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

जुर्माना का है प्रवधान
एआरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि ट्रक, बस, टैंपों आदि में तेज आवाज के हॉर्न पर परिवहन विभाग ने 2015 में अभियान चलाकर 1089 वाहनों के चालान किए गए हैं। जबकि 10.89 लाख का जुर्माना भी उनसे वसूला गया है।

वर्ष 2016 के जून माह तक 316 वाहनों के चालान महज इसी बात पर किये गए हैं कि उनके वाहनों में तेज आवाज के हॉर्न लगे हुए थे। जबकि उनसे 3.01 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।


जिस वाहन में तेज आवाज के हॉर्न लगे होते हैं, उन पर एक हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है। एनजीटी के आदेश आने के बाद इस ओर तेजी से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed