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Hapur News: वायरल का प्रकोप, 104 डिग्री तापमान में छटपटा रहे बच्चे
Fri, 31 Jan 2025 10:09 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 31 Jan 2025 10:09 PM IST
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हापुड़। मौसम में बदलाव के कारण पांच साल से कम उम्र के बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों का बुखार 104 डिग्री तक पहुंच रहा है। जिस कारण कई बच्चे बेहोशी की हालत में अस्पताल पहुंच रहे हैं। डायरिया और निमोनिया भी परेशान कर रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.समरेंद्र राय ने बताया कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इन दिनों दिन में तेज धूप के कारण मौसम गर्म है, लेकिन रात और तड़के सर्दी का असर अधिक है। इस मौसम में थोड़ी लापरवाही से ही बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। यह एक से दूसरे बच्चे में फैलता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को अनावश्यक तौर पर एंटी बॉयोटिक न दें। चिकित्सक से परामर्श अवश्य दिलाएं। खान पान का विशेष ध्यान रखें। ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चे वायरल बुखार से ही पीड़ित मिल रहे हैं। इसके अलावा डायरिया भी बच्चों को परेशान कर रहा है, ऐसे बच्चों को समय-समय पर ओआरएस का घोल पिलाया जाना आवश्यक है। क्योंकि निर्जलीकरण होने से बच्चों पर बुरा असर होता है।
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फिजिशियन डॉ.प्रदीप मित्तल ने बताया कि लोगों को पेट संक्रमण की समस्या सता रही है। ओपीडी में आने वाले व्यस्कों में अधिकांश पेट संबंधी रोग लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें आंतों का संक्रमण मुख्य है, हालांकि दवाओं के सेवन और साथ में परहेज से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। ईएनटी डॉ.मोहिनी सिंह ने बताया कि बदलते मौसम में कान का संक्रमण लेकर मरीज अस्पताल आ रहे हैं, ऐसे मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं, जिनसे वह स्वस्थ हो रहे हैं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.समरेंद्र राय ने बताया कि बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इन दिनों दिन में तेज धूप के कारण मौसम गर्म है, लेकिन रात और तड़के सर्दी का असर अधिक है। इस मौसम में थोड़ी लापरवाही से ही बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। यह एक से दूसरे बच्चे में फैलता है।
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उन्होंने कहा कि बच्चों को अनावश्यक तौर पर एंटी बॉयोटिक न दें। चिकित्सक से परामर्श अवश्य दिलाएं। खान पान का विशेष ध्यान रखें। ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चे वायरल बुखार से ही पीड़ित मिल रहे हैं। इसके अलावा डायरिया भी बच्चों को परेशान कर रहा है, ऐसे बच्चों को समय-समय पर ओआरएस का घोल पिलाया जाना आवश्यक है। क्योंकि निर्जलीकरण होने से बच्चों पर बुरा असर होता है।
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फिजिशियन डॉ.प्रदीप मित्तल ने बताया कि लोगों को पेट संक्रमण की समस्या सता रही है। ओपीडी में आने वाले व्यस्कों में अधिकांश पेट संबंधी रोग लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें आंतों का संक्रमण मुख्य है, हालांकि दवाओं के सेवन और साथ में परहेज से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। ईएनटी डॉ.मोहिनी सिंह ने बताया कि बदलते मौसम में कान का संक्रमण लेकर मरीज अस्पताल आ रहे हैं, ऐसे मरीजों को दवाएं दी जा रही हैं, जिनसे वह स्वस्थ हो रहे हैं।