फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   Uproar over Unidentified Cremation Relatives Block Old Highway Two Sub-Inspectors Suspended

खाकी की गलती मां-बाप ने भुगती: बिना शिनाख्त कर दिया बेटे का अंतिम संस्कार, आखिरी बार लाल का चेहरा भी न देख पाए

Fri, 10 Apr 2026 08:49 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, सिंभावली
संवाद न्यूज एजेंसी, सिंभावली Published by: विकास कुमार Updated Fri, 10 Apr 2026 08:49 PM IST
सार

जब परिजनों को पता चला कि उनके बेटे का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ परिजन थाने पहुंच गए और सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

विज्ञापन
Uproar over Unidentified Cremation Relatives Block Old Highway Two Sub-Inspectors Suspended
बेटे की मौत के बाद अंतिम संस्कार किए जाने से गुस्साए परिजन व ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के हापुड़ स्थित सिंभावली गांव सिखैड़ा के प्रशांत (22) पुत्र ऋषिपाल की बिना शिनाख्त करे अंतिम संस्कार कराए जाने से नाराज परिजन और ग्रामीण थाने पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो दरोगाओं को सस्पेंड कर दिया।

विज्ञापन

एक्सिडेंट के बाद गई थी प्रशांत की जान
गांव माधापुर निवासी प्रशांत (22) एक अप्रैल को पुराने बाइपास पर अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ में उपचार के दौरान तीन अप्रैल को युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान के लिए 72 घंटे तक प्रयास किए गए, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच चार अप्रैल को मृतक के पिता ऋषिपाल ने थाने पहुंचकर अपने बेटे प्रशांत की गुमशुदगी दर्ज कराई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस मृतक की शिनाख्त नहीं कर सकी। जिसके बाद पुलिस ने लापरवाही करते हुए प्रशांत का अंतिम संस्कार कर दिया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

माता-पिता नहीं देख पाए बेटे का चेहरा
शुक्रवार को जब परिजनों को पता चला कि उनके बेटे का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका है, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ परिजन थाने पहुंच गए और सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। मौके पर पहुंचे सीओ स्तुति सिंह और इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। 

विज्ञापन

दो दरोगा निलंबित
काफी देर तक चली नोकझोंक के बाद सीओ ने पूरे मामले की जानकारी एसपी ज्ञानंजय सिंह को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत प्रभाव से दरोगा गोविंद सिंह और विकेश कुमार को निलंबित कर दिया। कार्रवाई की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण शांत हुए और जाम खोल दिया गया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे क्षेत्र में रोष व्याप्त है।

डिजिटल रिकॉर्ड से भी नहीं मिली मदद
अस्पताल और पुलिस के पास उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड और पहचान से जुड़े साधनों का प्रभावी उपयोग नहीं किया गया, जिससे समय रहते मृतक की पहचान संभव हो सकती थी। जो सिस्टम की एक बड़ी लापरवाही है।
 

अस्पताल-पुलिस समन्वय पर उठे सवाल
मामले में अस्पताल और पुलिस के बीच समन्वय की कमी भी सामने आई है। यदि दोनों के बीच बेहतर तालमेल होता, तो मृतक की पहचान जल्दी संभव हो सकती थी और स्थिति बिगड़ने से बच जाती।
 

परिजनों को बिना शव दिखाए कराया अंतिम संस्कार
परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस तत्परता के साथ शिनाख्त करती तो बेटे को सही उपचार दिलाते, लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण बेटे को न तो सही उपचार मिला, न ही उसका अंतिम बार चेहरा देख सके, परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

बोले अधिकारी
संबंधित मामले में पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने सिंभावली थाने में तैनात दरोगा विकेश और गोविंद सिंह को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। दोनों की विभागीय जांच शुरु कर दी है। -स्तुति सिंह, सीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed