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Hapur News: आयुष्मान कार्ड पर गंभीर रोगियों को इलाज नहीं दे रहे पैनल में शामिल निजी अस्पताल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 11 Mar 2024 12:04 AM IST
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Treatment of serious patients on Ayushman card

Private hospitals included in the panel are not giving
संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। आयुष्मान के पात्र गंभीर रोगियों को कई नामचीन निजी अस्पताल इलाज नहीं दे रहे हैं, जबकि ये पैनल में शामिल हैं और करोड़ों का क्लेम सरकार से ले चुके हैं। इस तरह की शिकायतों को दबाया जा रहा है। मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। हाल ही में कई नए मामले सामने आए हैं।
पांच लाख रुपये तक का निशुल्क उपचार देने के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना शुरू की गई है। इसमें जिले के 3.50 लाख से अधिक लोग शामिल किए गए हैं। जिनके आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। मेडिकल कॉलेज समेत जिले के 14 नामचीन निजी अस्पताल आयुष्मान के पैनल में शामिल हैं, जिन्हें पात्र मरीजों को बेहतर उपचार देने की जिम्मेदारी दी गई है।
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आयुष्मान के पैनल पर अस्पतालों को सही बिल बनाने पड़ते हैं, इसमें उनकी मन मर्जी नहीं चलती। इसी वजह से गंभीर रोगियों को कार्ड पर इलाज देने से मना कर दिया जाता है। जबकि छोटी मोटी बीमारी से पीडि़त मरीजों को कई दिन तक भर्ती रख लेते हैं। संबंधित पटल पर ऐसी शिकायतों की भरमार है, लेकिन इन्हें दबा दिया जाता है। इससे सरकार की छवि भी धुमिल हो रही है।
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-केस- एक-
अतराड़ा निवासी शहजाद ने बताया कि पिता बीमार हैं, जिन्हें जीएस मेडिकल ले गए थे। लेकिन कार्ड को अवैध बता दिया गया, जबकि आयुष्मान की वेबसाइट पर कर्ड अपलोड है। काफी मिन्नते करने के बावजूद इलाज नहीं दिया, पैनल में शामिल अन्य अस्पतालों में भी गए, लेकिन वहां भी इलाज नहीं दिया। क्योंकि पिता को गंभीर बीमारी है।

केस-दो
पिलखुवा निवासी सुधीर ने बताया कि उसकी हालत बिगड़ी, जिसके बाद वह रामा मेडिकल पहुंचा। उसके पास आयुष्मान कार्ड था, अस्पताल में एडमिट तो कर लिया। लेकिन कार्ड पर उपचार देने से इंकार कर दिया। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग में भी शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

पैनल में ये अस्पताल हैं शामिल
आयुष्मान हॉस्पिटल, जीएस मेडिकल, ज्ञान संजीवनी हॉस्पिटल, दीप अस्पताल, रामा अस्पताल, देव नंदिनी, कृपालु अस्पताल, सरस्वती मेडिकल, अंबे हॉस्पिटल, प्रयाग अस्पताल, मधु अस्पताल, सनराइज अस्पताल, न्यू लाइफ अस्पताल, श्री सिद्धि विनायक।

38 करोड़ से ज्यादा ले चुके हैं क्लेम
आयुष्मान के पैनल में शामिल निजी अस्पताल 38 करोड़ से ज्यादा का क्लेम ले चुके हैं लेकिन, आए दिन कार्ड पर इलाज नहीं दिए जाने की शिकायतें सत्यापन पर भी सवाल उठा रही हैं।


सीएमओ डॉ.सुनील त्यागी ने कहा कि आयुष्मान में शामिल पात्रों को इलाज देने में लापरवाही बरतने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई होगी। मरीज उनके कार्यालय में आकर शिकायत कर सकते हैं, मरीजों को दिए उपचार का सत्यापन भी कराया जा रहा है।
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