{"_id":"0a42e3d605babf252ab4c6e027db1f36","slug":"the-farmers-protested-at-the-collectorate-minister-hoop-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों का कलक्ट्रेट पर धरना, केंद्रीय मंत्री को घेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों का कलक्ट्रेट पर धरना, केंद्रीय मंत्री को घेरा
अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 29 Dec 2015 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलों की चार शुगर मिलों पर गन्ना किसानों का बकाया 100 करोड़ दिलाने की मांग कर सोमवार को भाकियू के बैनर तले किसानों ने कलक्ट्रेट पर धरना दिया।
धरने में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान पहुंचे तो किसानों ने उन्हें घेर लिया। हालांकि केंद्रीय मंत्री गन्ना भुगतान के लिए प्रदेश सरकार पर ठीकरा फोड़कर चले गए। बाद में एडीएम ने 15 जनवरी तक हर हाल में गन्ना मूल्य भुगतान का आश्वासन दिया, तब किसान धरने से उठे।
सोमवार सुबह 11 बजे भाकियू के राष्ट्रीय सचिव चौधरी सत्यवीर सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष कुशलपाल आर्य के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर किसान धरने पर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि हापुड़ के किसान सिंभावली, ब्रजनाथपुर, नगला मल और मोदी शुगर मिल पर अपना गन्ना डाल रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की अनदेखी से इन मिलों पर 100 करोड़ रुपये बकाया है।
वित्तीय वर्ष में भी दो माह शुगर मिलों को चालू हुए हो गए हैं, लेकिन अभी तक न तो सरकार ने गन्ने का रेट फिक्स किया और न ही बकाया दिलाने के लिए कोई ठोस पहल की।
विज्ञापन
सोमवार को ही शहर में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान आए थे। धरने की जानकारी पर वह कलक्ट्रेट पहुंच गए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मवाना, मोदीनगर और सिंभावली शुगर मिल को डिफाल्टर की सूची में डाला जाना चाहिए।
यदि ऐसा नहीं होता है तो शुगर मिलों का प्रदेश सरकार अधिग्रहण करें और किसानों का बकाया भुगतान दिलाए। यदि अधिग्रहण में कोई दिक्कत है तो प्रदेश सरकार केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखें।
वह अधिग्रहण में आर्थिक मदद करेगी। किसानों के धरनास्थल पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी हरीश चंद ने कहा कि गन्ना भुगतान कराने के लिये प्रशासन अपने स्तर से लगातार कार्रवाई कर रहा है।
15 जनवरी 2016 तक हर हाल में जिले के किसानों का बकाया गन्ना भुगतान दिलाया जायेगा। अपर जिलाधिकारी के आश्वासीन पर किसानों ने अपना धरना करीब साढ़े तीन बजे समाप्त कर दिया।
रालोद के हापुड़ ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी रहीसपाल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही से होशियारपुर गढ़ी में किसी किसान को ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा नहीं मिल सका है।
विज्ञापन
धरने में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान पहुंचे तो किसानों ने उन्हें घेर लिया। हालांकि केंद्रीय मंत्री गन्ना भुगतान के लिए प्रदेश सरकार पर ठीकरा फोड़कर चले गए। बाद में एडीएम ने 15 जनवरी तक हर हाल में गन्ना मूल्य भुगतान का आश्वासन दिया, तब किसान धरने से उठे।
सोमवार सुबह 11 बजे भाकियू के राष्ट्रीय सचिव चौधरी सत्यवीर सिंह और प्रदेश उपाध्यक्ष कुशलपाल आर्य के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर किसान धरने पर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि हापुड़ के किसान सिंभावली, ब्रजनाथपुर, नगला मल और मोदी शुगर मिल पर अपना गन्ना डाल रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की अनदेखी से इन मिलों पर 100 करोड़ रुपये बकाया है।
विज्ञापन
वित्तीय वर्ष में भी दो माह शुगर मिलों को चालू हुए हो गए हैं, लेकिन अभी तक न तो सरकार ने गन्ने का रेट फिक्स किया और न ही बकाया दिलाने के लिए कोई ठोस पहल की।
विज्ञापन
सोमवार को ही शहर में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान आए थे। धरने की जानकारी पर वह कलक्ट्रेट पहुंच गए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मवाना, मोदीनगर और सिंभावली शुगर मिल को डिफाल्टर की सूची में डाला जाना चाहिए।
यदि ऐसा नहीं होता है तो शुगर मिलों का प्रदेश सरकार अधिग्रहण करें और किसानों का बकाया भुगतान दिलाए। यदि अधिग्रहण में कोई दिक्कत है तो प्रदेश सरकार केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखें।
वह अधिग्रहण में आर्थिक मदद करेगी। किसानों के धरनास्थल पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी हरीश चंद ने कहा कि गन्ना भुगतान कराने के लिये प्रशासन अपने स्तर से लगातार कार्रवाई कर रहा है।
15 जनवरी 2016 तक हर हाल में जिले के किसानों का बकाया गन्ना भुगतान दिलाया जायेगा। अपर जिलाधिकारी के आश्वासीन पर किसानों ने अपना धरना करीब साढ़े तीन बजे समाप्त कर दिया।
रालोद के हापुड़ ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी रहीसपाल सिंह ने कहा कि प्रशासनिक अफसरों की लापरवाही से होशियारपुर गढ़ी में किसी किसान को ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल का मुआवजा नहीं मिल सका है।