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लुढ़का पारा, न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस
ब्यूरो अमर उजाला, हापुड़
Updated Sat, 10 Dec 2016 09:39 PM IST
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ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
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कोहरा और सर्द हवाएं पिछले कुछ दिनों से मौसम में जबरदस्त ठिठुरन का एहसास करा रही हैं। दोपहर तक कोहरा छाए रहने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। हालांकि दिन में हल्की धूप रहने से अधिकतम तापमान जरूर कुछ सुधरा है
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लेकिन रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को भी दोपहर बाद तक कोहरा छाया रहा। इसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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हालांकि छुट्टी होने के कारण अधिकतर लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। दुकानदारों आदि ने अलाव का सहारा लेकर सुबह की शुरूआत की। रात में हालात और बदतर हैं। रात का तापमान लगातार गिर रहा है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात तापमान दो डिग्री घटकर 9 डिग्री तक पहुंच गया है।
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इससे रात के समय लोगों को कड़ाके की ठंड झेलनी पड़ रही है। मौसम विज्ञानी मनोज आत्रे के अनुसार रात के तापमान में दर्ज की गई गिरावट इन दिनों आमतौर पर 10 डिग्री से ऊपर रहती है। अगले दो दिनों में ऐसी ही स्थिति बने रहने के आसार हैं।
कड़ाके की ठंड और कोहरे को लेकर डीएम की सख्ती का असर शनिवार को दिखाई देने लगा। एसडीएम सदर ने नगर पालिका के अधिकारियों को टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं।
यह टीम पूरी रात अलाव जलना सुनिश्चित करने के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पड़े असहाय लोगों को रैन बसेरे तक पहुंचाने में मदद करेगी।
कड़ाके की ठंड में असहाय लोगों की परेशानी को देखते हुए एसडीएम सदर मीनू राणा ने नगर पालिका परिषद को टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि चिह्नित सभी स्थानों पर अलाव पूरी रात जले।
दरअसल, शिकायतें मिल रही थीं कि आधी रात तक ही अलाव जलते हैं। इसके बाद इन स्थानों पर केवल राख ही रह जाती है। ऐसे में यह टीम रात में घूमकर अलाव की स्थिति पर नजर रखेगी। इसके अलावा टीम रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर घूमकर असहाय
लोगों को रैन बसेरों तक पहुंचाएगी और इसके बारे में जागरूक करेगी। एसडीएम मीनू राणा ने कहा कि इस मामले में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वह खुद रात में अलाव और रैन बसेरों का निरीक्षण करेंगी।
घने कोहरे का सितम लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। कोहरे के कारण शुक्रवार रात नेशनल हाईवे सहित मेरठ और बुलंदशहर रोड पर आने जाने वाले वाहनों की तादाद बेहद कम रही। रात में करीब दस बजे तेज हवा चलने के बाद घना कोहरा छा गया।
शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे कोहरा छाया रहा। इसके बाद हल्की धूप निकली तो लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। तड़के में गलन के साथ कोहरा इस कदर गहरा था कि सुबह-सवेरे उठकर कामकाज पर जाने वाले गरीब-मजदूरों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
रात करीब 12 बजे से लेकर शनिवार सुबह 9 बजे तक कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। इसके चलते वाहनों चालकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। ब्याह-शादी में आने जाने वालों सहित गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने वाले लोगों को सर्वाधिक दिक्कत झेलनी पड़ीं।
कोहरे के चलते शनिवार को कई ट्रेनें रद्द रहीं। साथ ही कई ट्रेनें घंटों देर से पहुंचीं। शनिवार को कोहरे के चलते वाराणसी से दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस व लखनऊ से मेरठ जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस रद्द रहीं।
वहीं, मुरादाबाद दिल्ली पैसेंजर भी कोहरे के चलते रद्द करनी पड़ी। इसके अलावा मेरठ से चलकर लखनऊ जाने वाली राज्यरानी एक्सप्रेस हापुड़ स्टेशन पर 14 घंटे देर से पहुंची। इसके अलावा लखनऊ मेल भी लगभग चार घंटे लेट रही।
इलाहाबाद से चलकर सहारनपुर जाने वाली एक्सप्रेस छह घंटे की देरी से पहुंची। इलाहाबाद से मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस 9 घंटे लेट रही। आलाहजरत एक्सप्रेस पौने दो घंटे, पद्मावत एक्सप्रेस पौने पांच घंटे, सत्याग्रह एक्सप्रेस तीन घंटे,
काठगोदाम एक्सप्रेस दो घंटे, ऊना हिमाचल एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कोहरे के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित है।