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Hapur News: शिक्षकों ने फार्म-16 देने के बदले सुविधा शुल्क वसूलने का लगाया आरोप
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श्री जैन कन्या पाठशाला में बैठक में भाग लेते प्रधानाचार्या व शिक्षक। स्रोत संस्थान
हापुड़। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ हापुड़ की कार्यकारिणी की बैठक श्रीजैन कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज हापुड़ में आयोजित हुई। इसमें शिक्षक संघ की वार्षिक सदस्यता को बढ़ाने, जनपद शिक्षकों की समस्याओं और उनके निस्तारण के संबंध में चर्चा की गई। साथ ही डीआईओएस की कार्यशैली पर नाराजगी जतायी।
जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि फार्म-16 देने के बदले शिक्षकों से धनराशि ली जा रही है, जबकि शासन द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को ग्रांट आवंटित की जा चुकी है। इस तरह शिक्षकों से अवैध वसूली की जा रही है। एनपीएस की कटौती को समयबद्ध तरीके से संबंधित के खातों में जमा नहीं किया जा रहा है। इससे शिक्षकों को भारी आर्थिक नुकसान है।
बैठक में ग्रीष्मकालीन अवकाश में किए गए जनगणना और परीक्षा ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश की मांग की गई। पदोन्नति और प्रोन्नत वेतन मान की फाइल महीनों से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा पड़ी हैं। शासन द्वारा जारी सिटीजन चार्टर को लागू नहीं किया गया। फाइलों के निस्तारण में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। 40 साल पहले की आडिट आपत्तियों का सहारा लेकर वेतन रोकने धमकी और भ्रष्टाचार करने के लिए प्रधानाचार्य पर दबाव बनाया जा रहा है। जबकि उन आपत्तियों का वर्तमान प्रधानाचार्य से कोई संबंध नहीं है।
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बोर्ड मूल्यांकन पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया। जबकि शासन से ग्रांट आ चुकी है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त किया गया।
बैठक में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ हापुड़ के संरक्षक सुबोध गुप्ता, जिलामंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, आय व्यय निरीक्षक पारुल त्यागी, उपाध्यक्ष करतार सिंह, सतीश कुमार, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रियदर्शन द्विवेदी, संजीव कुमार, मधु चौहान, कृष्णपाल सिंह, अदनान अहमद, विजय जैन, देवेंद्र उपाध्याय, हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि फार्म-16 देने के बदले शिक्षकों से धनराशि ली जा रही है, जबकि शासन द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को ग्रांट आवंटित की जा चुकी है। इस तरह शिक्षकों से अवैध वसूली की जा रही है। एनपीएस की कटौती को समयबद्ध तरीके से संबंधित के खातों में जमा नहीं किया जा रहा है। इससे शिक्षकों को भारी आर्थिक नुकसान है।
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बैठक में ग्रीष्मकालीन अवकाश में किए गए जनगणना और परीक्षा ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश की मांग की गई। पदोन्नति और प्रोन्नत वेतन मान की फाइल महीनों से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा पड़ी हैं। शासन द्वारा जारी सिटीजन चार्टर को लागू नहीं किया गया। फाइलों के निस्तारण में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है। 40 साल पहले की आडिट आपत्तियों का सहारा लेकर वेतन रोकने धमकी और भ्रष्टाचार करने के लिए प्रधानाचार्य पर दबाव बनाया जा रहा है। जबकि उन आपत्तियों का वर्तमान प्रधानाचार्य से कोई संबंध नहीं है।
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बोर्ड मूल्यांकन पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया। जबकि शासन से ग्रांट आ चुकी है। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की कार्यशैली पर असंतोष व्यक्त किया गया।
बैठक में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ हापुड़ के संरक्षक सुबोध गुप्ता, जिलामंत्री धर्मेंद्र प्रताप सिंह, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, आय व्यय निरीक्षक पारुल त्यागी, उपाध्यक्ष करतार सिंह, सतीश कुमार, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, प्रियदर्शन द्विवेदी, संजीव कुमार, मधु चौहान, कृष्णपाल सिंह, अदनान अहमद, विजय जैन, देवेंद्र उपाध्याय, हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।