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Hapur News: दस फीसदी घटा गन्ने का रकबा, गेहूं और सरसों की चमक भी फीकी

Fri, 12 Jan 2024 11:02 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Fri, 12 Jan 2024 11:02 PM IST
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sugarcane decrease
हापुड़। गन्ना बेल्ट में पहचान बनाने वाले हापुड़ पर विकास की रफ्तार भारी पड़ी है, तीन साल में गन्ने का रकबा करीब 4500 हेक्टेयर (करीब दस फीसदी) घटकर, 40 हजार हेक्टेयर से नीचे पहुंच गया है। वैकल्पिक फसलों के प्रति भी एक से दो फीसदी ही रुझान बढ़ा है। वहीं, गेहूं का रकबा भी नहीं बढ़ा सका और न ही सरसों के क्षेत्रफल में ज्यादा इजाफा हुआ। अधिकांश हाईवे ऐसे गांवों से होकर निकले हैं, जिनमें गन्ने का रकबा रिकॉर्ड होता था।
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हापुड़ जिले में सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल किसानों से गन्ना खरीदती हैं। इसके अलावा मेरठ के नंगलामल, गाजियाबाद की मोदीनगर, बुलंदशहर की अनामिका चीनी मिल भी यहां से गन्ना खरीद करते थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हापुड़ का क्षेत्रफल भले ही कम हो, लेकिन गन्ना उत्पादन में जिले का नाम हमेशा अग्रणी रहा। लेकिन बीते पांच सालों में हापुड़ जिले की सीमा में कई बड़े एक्सप्रेसवे निकाले गए हैं। जिनमें गंगा एक्सप्रेसवे मुख्य है, इसमें 29 गांवों में किसानों की करीब 409 हेक्टेयर जमीन गई है। इसके अलावा हापुड़ मेरठ, निजामपुर से बक्सर, मेरठ गढ़ रोड के चौड़ीकरण में काफी जमीन अधिग्रहित की गई। जिन गांवों में जमीन अधिग्रहित की गई, उनमें गन्ना ही मुख्य फसल था। लेकिन अधिग्रहण के बाद यहां रकबा सिमट गया, तीन सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो 4500 हेक्टेयर से अधिक गन्ने का रकबा कम हो गया है, जो चिंता का विषय है। (संवाद)
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तीन साल में गन्ने के रकबे की स्थिति

फसल वर्ष 2021 वर्ष 2022 वर्ष 2023

गन्ना 42847 41946 18146

गेहूं 43488 43488 40962

सरसों 2417 2294 2654

(नोट : रकबा हेक्टेयर में है। फसल का आंकड़ा गन्ना विभाग और कृषि विभाग से लिया गया है।)



ये गांव थे गन्ना उपज की पहचान, 409 हेक्टेयर जमीन का हुआ अधिग्रहण
गंगा एक्सप्रेसवे में गढ़ तहसील क्षेत्र के गांव दत्तियाना, पीरनगर, हिम्मतपुर, राजपुर, फरीदपुर, सिखैड़ा, मुरादपुर, बंगौली, आलापुर, किरयावली, सींगनपुर, बहादुरगढ़, आलमनगर, बरारी, भैना सदरपुर, चुचावाली मढैया, जखैड़ा रहमतपुर, चांदनेर, बहापुर ठेरा, भदस्याना और रजापुर की 409 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है।
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इन हाईवे में अधिग्रहित हुई है किसानों की जमीन-

* गंगा एक्सप्रेसवे में करीब 409 हेक्टेयर।

* मेरठ बुलंदशहर हाईवे में करीब 220 हेक्टेयर।

* निजामपुर से बक्सर तक करीब 125 हेक्टेयर।

* मेरठ गढ़ रोड के चौड़ीकरण में जमीन का अधिग्रहण।



कोट -

जिले में इस साल गन्ने का रकबा बढ़ेगा, इसके लिए किसानों के बीच जाकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। गन्ना उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी, इसके लिए उत्तम प्रजाति के गन्ने की बुवाई के लिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है।--सना आफरीन खान, जिला गन्ना अधिकारी।
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