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Hapur News: ईंट भट्टा संचालकों पर हुई सख्ती, तीन गुना अधिक जमा हुई जीएसटी
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हापुड़। जिले में राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग की सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ चलाए गए अभियान के बाद विभाग को पिछले वर्ष के मुकाबले तीन गुना अधिक टैक्स प्राप्त हुआ। वहीं एक ईंट भट़्ठे पर लाखों रुपये की ईंटों को सीज किया गया।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के खंड तीन में करीब 75 ईंट भट्ठे पंजीकृत हैं। भट्ठा संचालकों को कुल कारोबार का छह फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होता है। लेकिन संचालक ईंट उत्पादन का रिकॉर्ड छिपाकर टैक्स चोरी कर रहे थे। अनेक भट्ठा संचालकों के पास न तो स्टॉक की जानकारी मिली और न ही उनके द्वारा जीएसटी दाखिल की गई। वहीं कुछ संचालकों द्वारा कारोबार भी शून्य दर्शाया गया था।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद तीन माह पूर्व विभाग ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ सख्त हुआ। इसके बाद जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने ईंट भट्ठों पर जाकर सर्वे, जांच और रैकी की। इसमें विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा एसआईबी की टीम ने भी ईंट भट़्ठों पर नजर रखी। इसमें पता लगा की भट्ठा संचालक कारोबार तो कर रहे हैं, लेकिन जीएसटी जमा करने में आगे नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों ने कारोबारियों को जागरूक किया तो विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी हुई।
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15 लाख से बढ़कर 44 लाख जीएसटी हुई जमा
खंड तीन में पंजीकृत करीब 75 ईंट भट़्ठों से पिछले वर्ष अप्रैल माह तक 15 लाख 18 हजार रुपये का टैक्स जमा हुआ था, जो कारोबार के हिसाब से काफी कम था। विभाग ने सख्ती की तो इस वर्ष अप्रैल माह तक विभाग में 44 लाख 83 हजार 600 रुपये का टैक्स जमा हुआ है। वहीं धौलाना क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर करीब 70 लाख रुपये की ईंट सीज की गई है।
वैकल्पिक ईंधन के प्रयोग से उत्पादन आकलन में हो रही परेशानी-
जिले के अधिकांश ईंट भट्ठों में ईंटों के उत्पादन के लिए खरपतवार, गन्ने की खोई, तूड़ी, कबाड़ आदि का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में सर्वे करने वाले जीएसटी अधिकारियों को ईंटों के उत्पादन का आंकलन करने में परेशानी हो रही हैं। वहीं कुछ कारोबारी कारोबार भी शून्य दर्शा देते हैं। विभाग के अधिकारी ऐसे कारोबारियों की रैकी कर उनकी कुंडली तैयार करने में लगे हुए हैं।
कोट -
जीएसटी विभाग के अधिकारी ईंट भट्ठों पर जाकर उत्पादन और कारोबार का आंकलन कर रहे हैं। भट्ठा संचालकों द्वारा टैक्स चोरी करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा। - अवधेंद्र प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त- खंड तीन
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राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के खंड तीन में करीब 75 ईंट भट्ठे पंजीकृत हैं। भट्ठा संचालकों को कुल कारोबार का छह फीसदी जीएसटी का भुगतान करना होता है। लेकिन संचालक ईंट उत्पादन का रिकॉर्ड छिपाकर टैक्स चोरी कर रहे थे। अनेक भट्ठा संचालकों के पास न तो स्टॉक की जानकारी मिली और न ही उनके द्वारा जीएसटी दाखिल की गई। वहीं कुछ संचालकों द्वारा कारोबार भी शून्य दर्शाया गया था।
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मुख्यमंत्री के आदेश के बाद तीन माह पूर्व विभाग ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ सख्त हुआ। इसके बाद जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने ईंट भट्ठों पर जाकर सर्वे, जांच और रैकी की। इसमें विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा एसआईबी की टीम ने भी ईंट भट़्ठों पर नजर रखी। इसमें पता लगा की भट्ठा संचालक कारोबार तो कर रहे हैं, लेकिन जीएसटी जमा करने में आगे नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों ने कारोबारियों को जागरूक किया तो विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी हुई।
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15 लाख से बढ़कर 44 लाख जीएसटी हुई जमा
खंड तीन में पंजीकृत करीब 75 ईंट भट़्ठों से पिछले वर्ष अप्रैल माह तक 15 लाख 18 हजार रुपये का टैक्स जमा हुआ था, जो कारोबार के हिसाब से काफी कम था। विभाग ने सख्ती की तो इस वर्ष अप्रैल माह तक विभाग में 44 लाख 83 हजार 600 रुपये का टैक्स जमा हुआ है। वहीं धौलाना क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर करीब 70 लाख रुपये की ईंट सीज की गई है।
वैकल्पिक ईंधन के प्रयोग से उत्पादन आकलन में हो रही परेशानी-
जिले के अधिकांश ईंट भट्ठों में ईंटों के उत्पादन के लिए खरपतवार, गन्ने की खोई, तूड़ी, कबाड़ आदि का प्रयोग किया जाता है। ऐसे में सर्वे करने वाले जीएसटी अधिकारियों को ईंटों के उत्पादन का आंकलन करने में परेशानी हो रही हैं। वहीं कुछ कारोबारी कारोबार भी शून्य दर्शा देते हैं। विभाग के अधिकारी ऐसे कारोबारियों की रैकी कर उनकी कुंडली तैयार करने में लगे हुए हैं।
कोट -
जीएसटी विभाग के अधिकारी ईंट भट्ठों पर जाकर उत्पादन और कारोबार का आंकलन कर रहे हैं। भट्ठा संचालकों द्वारा टैक्स चोरी करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी वसूला जाएगा। - अवधेंद्र प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त- खंड तीन