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Hapur News: प्रबंध समिति के निलंबन से गन्ने के भुगतान पर संकट
Sat, 13 Jul 2024 10:10 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Sat, 13 Jul 2024 10:10 PM IST
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हापुड़। सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन को दो और बैंकों की सुनवाई में भी झटका लगा है। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का निर्णय उक्त दोनों बैंकों के मामलों पर भी लागू हो गया है। मामला कोर्ट में होने के कारण जिला प्रशासन व गन्ना विभाग मामले में दखल देने से बचता नजर आ रहा है। इधर, प्रबंधन की तरफ से आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय में अपील दायर करने की तैयारी की जा रही है। न्यायालय के आदेश के बाद से किसान चिंतित हैं।
सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन ने तीनों मिलों के लिए समय-समय पर विभिन्न बैंकों से ऋण लिया था, जिसकी देनदारी वर्तमान में 300 करोड़ से ज्यादा है। इसको चुकाने के लिए पिछले कुछ सालों से बैंकों और चीनी मिल का आपस में वाद चल रहा था। बृहस्पतिवार को ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की करीब 103 करोड़ रुपये की देनदारी के मामले में एनसीएलटी से सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन को बड़ा झटका लगा था। मिल के सीजीएम करण सिंह ने बताया कि न्यायालय ने ग्रुप की प्रबंध कमेटी को निलंबित करने के साथ आईआरपी अनुराग अग्रवाल (कंट्रोलर) को बैठाया है, जो प्रबंध के स्थान पर आगे के कार्य देखेंगे। पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक के मामले में भी यही आदेश लागू हो गया है। इन दोनों बैंकों की भी करीब 300 करोड़ की देनदारी है।
डेढ़ हजार कर्मचारियों पर संकट
सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल में नियमित और अनुबंध पर करीब डेढ़ हजार छोटे बड़े कर्मचारी काम करते हैं। मिल के इस संकट में कर्मचारियों को वेतन संबंधी परेशानियों को देखते हुए आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। ऐसे में इनकी भी सांसें अटकी हैं।
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उच्च न्यायालय में स्टे के लिए करेंगे अपील--
सिंभावली चीनी मिल के सीजीएम करण सिंह ने बताया कि न्यायालय का आदेश प्राप्त हुआ है। आदेश के विरुद्ध स्टे लेने के लिए उच्च न्यायालय में जल्द ही अपील दायर करेंगे।
कोट -
हमारा मतलब सिर्फ गन्ना भुगतान से है। प्रबंध के मामले की सारी ग्रुप के अधिकारियों को है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।- सना आफरीन, जिला गन्ना अधिकारी
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सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन ने तीनों मिलों के लिए समय-समय पर विभिन्न बैंकों से ऋण लिया था, जिसकी देनदारी वर्तमान में 300 करोड़ से ज्यादा है। इसको चुकाने के लिए पिछले कुछ सालों से बैंकों और चीनी मिल का आपस में वाद चल रहा था। बृहस्पतिवार को ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की करीब 103 करोड़ रुपये की देनदारी के मामले में एनसीएलटी से सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन को बड़ा झटका लगा था। मिल के सीजीएम करण सिंह ने बताया कि न्यायालय ने ग्रुप की प्रबंध कमेटी को निलंबित करने के साथ आईआरपी अनुराग अग्रवाल (कंट्रोलर) को बैठाया है, जो प्रबंध के स्थान पर आगे के कार्य देखेंगे। पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट बैंक के मामले में भी यही आदेश लागू हो गया है। इन दोनों बैंकों की भी करीब 300 करोड़ की देनदारी है।
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डेढ़ हजार कर्मचारियों पर संकट
सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल में नियमित और अनुबंध पर करीब डेढ़ हजार छोटे बड़े कर्मचारी काम करते हैं। मिल के इस संकट में कर्मचारियों को वेतन संबंधी परेशानियों को देखते हुए आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। ऐसे में इनकी भी सांसें अटकी हैं।
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उच्च न्यायालय में स्टे के लिए करेंगे अपील
सिंभावली चीनी मिल के सीजीएम करण सिंह ने बताया कि न्यायालय का आदेश प्राप्त हुआ है। आदेश के विरुद्ध स्टे लेने के लिए उच्च न्यायालय में जल्द ही अपील दायर करेंगे।
कोट -
हमारा मतलब सिर्फ गन्ना भुगतान से है। प्रबंध के मामले की सारी ग्रुप के अधिकारियों को है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।- सना आफरीन, जिला गन्ना अधिकारी