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घंटाघर में लगी इलेक्ट्रानिक घड़ियां बनीं शोपीस
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
Updated Tue, 14 Mar 2017 09:19 PM IST
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चार घड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पालिका परिषद के प्राचीन घंटाघर में लगी इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां पिछले चार माह से शोपीस बनी हुई हैं। आश्चर्य की बात यह है कि एक वर्ष पूर्व ही 3.95 लाख रुपये की लागत से इन घड़ियों को लगाया गया था।
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खास बात है कि उच्चाधिकारी घंटाघर के नीचे बने कार्यालय में बैठते हैं, फिर भी उन्हें यह असुविधा दिखाई नहीं देती। जानकारी के अनुसार हापुड़ नगर पालिका परिषद की स्थापना करीब चार दशक पूर्व हुई थी।
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उस समय नगर पालिका की बिल्डिंग में मशीनरी वाला घंटाघर लगवाया गया था। कई वर्ष तक घंटाघर में लगी घड़ियां सही चलती रहीं। करीब दो दशक से घंटाघर की घड़ियां जाम हो गईं, जो अपनी बदहाली के लिए आंसू बहाने लगीं।
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नगर पालिका परिषद में कई चेयरमैन बने और कई अधिशासी अधिकारी आए व चले गए, लेकिन किसी ने इस घड़ी को दुरस्त कराना उचित नहीं समझा।
सभासदों की मांग पर घंटाघर में इलेक्ट्रानिक घड़ियां लगवाने के लिए एक वर्ष पूर्व पालिका बोर्ड बैठक में प्रस्ताव भी पास कराया गया। करीब चार लाख की लागत से घड़ियां लगवाई गई।
पिछले चार माह से घड़ियां खराब पड़ी हैं, जिन्हें ठीक कराने के पालिका अधिकारियों ले सुध नहीं ली है। अधिशासी अधिकारी संजय मिश्रा का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में आ गया है। घड़ियों को दुरस्त कराने के निर्देश दे चुके हैं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।