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शिवरात्रि: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:07 PM IST
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शिवरात्रि को लेकर रहेगी पुलिस की नजर
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शिवरात्रि को लेकर जिले को चार जोन और बारह सेक्टरों में बांट दिया गया है। इन जोन और सेक्टरों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। सभी मंदिरों और मुख्य चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। वहीं मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है।
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शिवरात्रि को लेकर जिले को चार जोन (हापुड़ नगर, पिलखुवा, गढ़मुक्तेश्वर व ब्रजघाट) और 12 सेक्टर (हापुड़ नगर, हापुड़ देहात, बाबूगढ़, पिलखुवा, हाफिजपुर, धौलाना, गढ़मुक्तेश्वर, सिंभावली, बहादुरगढ़,पलवाड़ा, डिबाई, स्याना नहर, ब्रजघाट) में बांटा गया है।
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जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्र में गश्त पर रहेंगे और अगर कहीं कोई विवाद होता है तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देंगे। तहसील चौराहा, सबली मंदिर, चंडी मंदिर, आवास विकास रेलवे पुल, साइलो द्वितीय चौकी, ततारपुर ओवर ब्रिज, छपकौली मंदिर, दहपा मंदिर, चंडी मंदिर पिलखुवा,
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अव्वलपुर, पलवाड़ा मोड़, नानपुर, डिबाई पुल पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी। अभिसूचना इकाई की टीम जिले में सभी गतिविधियों पर निगाह रखेगी। जिले के विभिन्न प्वाइंटों पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहन की चेकिंग के साथ-साथ होटल, लॉज, सिनेमाघर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर भी चेकिंग होगी।
जिले की सीमाओं पर साईलो द्वितीय चौकी, नानपुर चौकी, अव्वलपुर, डिबाई नहर पुल, ब्रजघाट पर बैरियर लगाए जाएंगे। बैरियर पर पुलिसकर्मियों के पास वायरलेस सेट भी होंगे। हर आने जाने वाले व्यक्ति पर यहां तैनात पुलिसकर्मी नजर रखेंगे।
शिवरात्रि को लेकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न करानी है। शांति व्यवस्था खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रामनयन यादव, अपर पुलिस अधीक्षक
सावन माह के पहले सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। मंदिरों में भोर से ही शुरू हुआ जलाभिषेक का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।
सोमवार तड़के से ही श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचने लगे।
क्षेत्र के प्रमुख सबली मंदिर में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचे। मंदिर समिति के पदाधिकारी और सदस्य व्यवस्था बनाने में लगे हुए थे। वहीं चंडी मंदिर, माहेश्वरी मंदिर, आवास विकास शिव मंदिर, पुराना बाजार स्थित शिव मंदिर, बाबा बख्तावर नाथ मंदिर,
ग्राम छपकौली स्थित शिव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। श्री सबली मंदिर समिति के संरक्षण मंडल के सदस्य बिजेंद्र त्यागी, गजेंद्र त्यागी ने बताया कि सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया था, जो दोपहर तक चलता रहा।
श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया।पवन त्यागी, गजेंद्र त्यागी, प्रकाश, बिजेंद्र नागर, श्रवण कुमार, बब्बल त्यागी, सन्नी त्यागी, ज्ञानी, सुनील शर्मा आदि व्यवस्था बनाने में सहयोग कर रहे हैं। वहीं मंदिरों पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।
गढ़मुक्तेश्वर में श्रावण मास के प्रथम सोमवार की दोपहर तक ब्रजघाट तीर्थनगरी से गंगा जल ले जाने का सिलसिला जारी रहा। शिव भक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर पवित्र शिवलिंग पर जलाभिषेक किया।
भगवान शिव के सबसे प्रिय कहलाए जाने वाले श्रावण मास के प्रथम सोमवार को गढ़ के मुक्तेश्वरा महादेव(नक्का कुआं) मंदिर, पंचायती मंदिर, कल्याणपुर के कल्याणेश्वर मंदिर, दत्तियाना के लाल मंदिर समेत विभिन्न स्थानों के मंदिरों में शिवभक्तों ने भगवान भोले का जलाभिषेक किया।
श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर जलाभिषेक करने वाले शिवभक्तों के आने का सिलसिला रविवार देर रात तक चलता रहा। सोमवार तड़के गंगा में डुबकी लगाकर भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
गंगा आरती समिति के अध्यक्ष अशोक नागर और संरक्षक नरेश शर्मा ने बताया कि सोमवार को जलाभिषेक के लिए अमरोहा, मुरादाबाद, बिजनौर, बरेली, रामपुर, संभल जनपदों के एक लाख से अधिक शिवभक्तों ने ब्रजघाट तीर्थनगरी से कांवड़ उठाई हैं।
पिलखुवा में प्राचीन चंडी मंदिर, ठाकुर द्वारा मंदिर, गुल्लू बाबा मंदिर, श्री राधा कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर गढ़ी में श्रद्धालुओं ने महादेव की पूजा अर्चना की। मंदिरों में देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा।