{"_id":"66916aa3363a9164f80f36db","slug":"roads-broken-in-dhirkheda-industrial-area-business-affected-due-to-waterlogging-hapur-news-c-135-1-hpr1002-112593-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सड़कें टूटी, जलभराव से व्यापार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सड़कें टूटी, जलभराव से व्यापार प्रभावित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। करोड़ों का राजस्व और विकास शुल्क देने वाला धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र खस्ताहाल सड़क, गंदगी और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। इन अव्यवस्थाओं से व्यापार प्रभावित हो रहा है, अब स्थानीय उद्यमी यहां से बचकर आसपास के बाहरी इलाकों में उद्योग लगाने के प्रयास कर रहे हैं।
मेरठ और हापुड़ जिले की सीमा पर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित है, लेकिन यहां पर अधिक उद्योग हापुड़ के उद्यमियों ने लगाए हुए हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र पहले ही परेशानियों से घिरा हुआ है। यहां पर प्रशासन, पुलिस, फायर, जिला पंचायत जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग मेरठ जिले में लगते हैं। जबकि, ऊर्जा निगम, एचपीडीए और अन्य कुछ विभाग हापुड़ जिले के लगते हैं। ऐसे में उद्यमियों को कोई भी एनओसी लेने के लिए दो-दो जिले के चक्कर काटने पड़ते हैं।
वर्तमान में करीब 180 फैक्ट्रियां यहां पर लगी हुई हैं। यहां के उद्यमी सरकार को हर माह करोड़ों रुपये का राजस्व तमाम प्रकार से देते हैं। साथ ही हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है, लेकिन उद्यमियों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। मुख्य मार्ग से लेकर औद्योगिक क्षेत्र के अंदर सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। जलनिकासी बेहतर न होने के कारण नालों का गंदा पानी इनमें भर रहा है। जिस कारण कई जगह तो पैदल तक निकलना मुश्किल रहता है। इस कारण मजदूरों को लंबी दूरी तय करनी भी पड़ती है। बड़े वाहन तक सड़क से सही प्रकार से नहीं गुजर पाते हैं। कई बार तो ट्रक, मिनी ट्रक तक में खराबी आ जाती है। दोपहिया वाहन चालक तो यहां से गुजरने में परहेज करते हैं।
विज्ञापन
उद्यमी लगातार मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायतें करते हैं। एचपीडीए विकास शुल्क तो लेता है, लेकिन वह भी सुविधा नहीं दे रहे हैं। इस कारण उद्यमी और अन्य सभी लोग परेशान हैं।
एचपीडीए सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
हापुड़। करोड़ों का राजस्व और विकास शुल्क देने वाला धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र खस्ताहाल सड़क, गंदगी और जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। इन अव्यवस्थाओं से व्यापार प्रभावित हो रहा है, अब स्थानीय उद्यमी यहां से बचकर आसपास के बाहरी इलाकों में उद्योग लगाने के प्रयास कर रहे हैं।
मेरठ और हापुड़ जिले की सीमा पर धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित है, लेकिन यहां पर अधिक उद्योग हापुड़ के उद्यमियों ने लगाए हुए हैं। यह औद्योगिक क्षेत्र पहले ही परेशानियों से घिरा हुआ है। यहां पर प्रशासन, पुलिस, फायर, जिला पंचायत जैसे कई महत्वपूर्ण विभाग मेरठ जिले में लगते हैं। जबकि, ऊर्जा निगम, एचपीडीए और अन्य कुछ विभाग हापुड़ जिले के लगते हैं। ऐसे में उद्यमियों को कोई भी एनओसी लेने के लिए दो-दो जिले के चक्कर काटने पड़ते हैं।
विज्ञापन
वर्तमान में करीब 180 फैक्ट्रियां यहां पर लगी हुई हैं। यहां के उद्यमी सरकार को हर माह करोड़ों रुपये का राजस्व तमाम प्रकार से देते हैं। साथ ही हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ है, लेकिन उद्यमियों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। मुख्य मार्ग से लेकर औद्योगिक क्षेत्र के अंदर सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। जलनिकासी बेहतर न होने के कारण नालों का गंदा पानी इनमें भर रहा है। जिस कारण कई जगह तो पैदल तक निकलना मुश्किल रहता है। इस कारण मजदूरों को लंबी दूरी तय करनी भी पड़ती है। बड़े वाहन तक सड़क से सही प्रकार से नहीं गुजर पाते हैं। कई बार तो ट्रक, मिनी ट्रक तक में खराबी आ जाती है। दोपहिया वाहन चालक तो यहां से गुजरने में परहेज करते हैं।
विज्ञापन
उद्यमी लगातार मूलभूत सुविधाओं को लेकर शिकायतें करते हैं। एचपीडीए विकास शुल्क तो लेता है, लेकिन वह भी सुविधा नहीं दे रहे हैं। इस कारण उद्यमी और अन्य सभी लोग परेशान हैं।
एचपीडीए सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि धीरखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।