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60 मिनट में मेरठ से बुलंदशहर
अमर उजाला, हापुड़
Updated Wed, 06 Jan 2016 11:24 PM IST
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मेरठ-बुलंदशहर एनएच-235 का निर्माण जल्द शुरू होगा। इसके लिए एक माह में टेंडर होने की उम्मीद है।
जिन किसानों की भूमि इस राष्ट्रीय राजमार्ग में आ रही है उसमें से मेरठ जिले के अधिकांश गांवों के किसानों को मुआवजा भी मिल चुका है। इसके बनने से मेरठ से बुलंदशहर के बीच लगने वाला दो से तीन घंटे का रास्ता मात्र एक घंटे का रह जाएगा। साथ ही हापुड़ में लगने वाला जाम भी खत्म हो जाएगा।
हाईवे के लिए वर्ष 2012 में गुड़गांव की एक कंपनी को टेंडर जारी किया गया था, कंपनी ने धीरखेड़ा के पास अपना कैंप ऑफिस भी बनाया था। दो साल बीतने के बाद भी भू-अर्जन का कार्य नहीं हो सका।
इसके साथ सड़क के किनारे के पेड़ों को काटने की वन मंत्रालय से स्वीकृति भी नहीं मिली थी। ऐसे में कंपनी ने पुरानी दरों पर काम करने से इंकार कर दिया था। परिणामस्वरूप मामला अधर में लटक गया था।
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अब प्रदेश सरकार भी इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में रुचि ले रही है तथा भू अर्जन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मेरठ के अधिकांश गांवों के प्रभावित किसानों को मुआवजा भी वितरित हो चुका है।
हापुड़ और बुलंदशहर जिले में मुआवजा तय करने का कार्य चल रहा है। इसी के साथ इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाधा बने पेड़ों की कटाई की वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पेड़ों की कटाई तेजी से चल रही है।
जल्द टेंडर होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने के बाद मेरठ से बुलंदशहर तक लगभग 65 किलोमीटर का सफर तय करने में बमुश्किल एक घंटे का समय लगेगा। हापुड़ शहर में बाई पास बनने से यहां भारी वाहनों से लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
हाईवे पर एक महीने के भीतर ही टेंडर जारी कर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया जाएगा-जे एन गोयल मुख्य महा प्रबंधक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण उत्तर प्रदेश
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जिन किसानों की भूमि इस राष्ट्रीय राजमार्ग में आ रही है उसमें से मेरठ जिले के अधिकांश गांवों के किसानों को मुआवजा भी मिल चुका है। इसके बनने से मेरठ से बुलंदशहर के बीच लगने वाला दो से तीन घंटे का रास्ता मात्र एक घंटे का रह जाएगा। साथ ही हापुड़ में लगने वाला जाम भी खत्म हो जाएगा।
हाईवे के लिए वर्ष 2012 में गुड़गांव की एक कंपनी को टेंडर जारी किया गया था, कंपनी ने धीरखेड़ा के पास अपना कैंप ऑफिस भी बनाया था। दो साल बीतने के बाद भी भू-अर्जन का कार्य नहीं हो सका।
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इसके साथ सड़क के किनारे के पेड़ों को काटने की वन मंत्रालय से स्वीकृति भी नहीं मिली थी। ऐसे में कंपनी ने पुरानी दरों पर काम करने से इंकार कर दिया था। परिणामस्वरूप मामला अधर में लटक गया था।
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अब प्रदेश सरकार भी इस राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में रुचि ले रही है तथा भू अर्जन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मेरठ के अधिकांश गांवों के प्रभावित किसानों को मुआवजा भी वितरित हो चुका है।
हापुड़ और बुलंदशहर जिले में मुआवजा तय करने का कार्य चल रहा है। इसी के साथ इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाधा बने पेड़ों की कटाई की वन मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद पेड़ों की कटाई तेजी से चल रही है।
जल्द टेंडर होने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने के बाद मेरठ से बुलंदशहर तक लगभग 65 किलोमीटर का सफर तय करने में बमुश्किल एक घंटे का समय लगेगा। हापुड़ शहर में बाई पास बनने से यहां भारी वाहनों से लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
हाईवे पर एक महीने के भीतर ही टेंडर जारी कर निर्माण का रास्ता साफ कर दिया जाएगा-जे एन गोयल मुख्य महा प्रबंधक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण उत्तर प्रदेश