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टमाटर व आलू का भाव सुन बिगड़ रहा जायका
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
Updated Tue, 28 Jun 2016 07:55 PM IST
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tomatoes
- फोटो : getty images
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टमाटर व आलू का भाव सुनकर ही स्वाद कसैला हो रहा है। महीने भर पहले 10 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर इस समय 50 से 60 रुपये किलो बिक रहा है। दस दिन पहले छह सौ रुपये बोरी (50 किलो) बिकने वाला आलू का भाव आठ सौ रुपये बोरी पर पहुंच गया है।
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आलू व टमाटर का भाव आसमान पर पहुंचने से गृहणियों का रसोई का बजट गड़बड़ाने लगा है। सब्जी मंडी के आढ़ती टमाटर की फसल का सीजन खत्म होना बता रहे हैं। पर आलू शीतगृहों में भरा होने के बाद भी महंगा हो रहा है।
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इस बारे में आढ़ती कहते हैं कि इस मर्तबा आलू के भाव में रिकार्ड वृद्धि की अफवाह फैलने पर किसान व बड़े व्यापारी शीतगृहों से निकाल नहीं रहे हैं। मंडी में सब्जियों के आढ़ती ब्रजेश त्यागी व विजयपाल आढ़ती बताते हैं कि दस दिन पहले आलू छह सौ रुपये बोरी बिक रही थी,
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इस समय दो सौ रुपये प्रति बोरी दाम बढ़ गए हैं। फुटकर में आलू 20 से 25 रुपये किलो है। इसका कारण सीजन समाप्त होने के बाद से ही यह अफवाह फैल रही है कि इस बार आलू रिकार्ड महंगा बिकेगा।
इसी चक्कर में शीतगृहों से आलू की निकासी जून के अंतिम सप्ताह में भी काफी कम है। जानकारी के अनुसार यहां के शीतगृहों में 25 लाख बोरी से ज्यादा आलू भरा है। इसमें से अभी तक बमुश्किल तीन लाख बोरी आलू ही निकल सका है।
वहीं, शीतगृहों में आलू रखने वाले किसानों तथा व्यापारियों का मानना है कि जुलाई में बरसात शुरू होते ही हरी सब्जियों की आवक कम होने पर आलू की मांग तेजी से बढ़ेगी और आलू महंगा हो जाएगा।
हालांकि शीतगृहों के मालिकों का कहना है कि अगर कुछ और दिन आलू की निकासी कम रही तो आलू के भाव गिर सकते हैं। आलू के कारोबारी अनिल गुप्ता का कहना है कि हसन (कर्नाटक) में इस बार आलू की फसल अच्छी है।
वहां का नया आलू अगस्त के प्रथम सप्ताह तक दिल्ली की मंडी में आने की संभावना है। इसलिए 15 जुलाई तक आलू पर चटकी बनी रहने की संभावना है। इसके बाद आलू के भाव लुढ़कने शुरू हो जाएंगे, क्योंकि इससे आगे आगे शीतगृहों में भरे आलू को निकालना किसानों की मजबूरी हो जाएगी।