{"_id":"6570a57c3109f003170b9ab8","slug":"pollution-increases-hapur-news-c-135-1-hpr1001-5509-2023-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: हवा में घुल रहा जहर, 230 पहुंचा एक्यूआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: हवा में घुल रहा जहर, 230 पहुंचा एक्यूआई
Wed, 06 Dec 2023 10:16 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 06 Dec 2023 10:16 PM IST
विज्ञापन
हापुड़। जिले में फिर से हवा में जहर घुलने लगा है। पिछले दिनों प्रदूषण में कुछ कमी आई थी लेकिन, अब फिर से वायु प्रदूषण तेजी से बढ़नेलगा है। बुधवार को एक्यूआई 230 पर पहुंच गया। ऐसे में सांस के मरीजों को काफी दिक्कत हुई।
दिवाली के बाद जिले में लगातार वायु प्रदूषण बढ़ा है। 15 दिन पहले जिले में एक्यूआई 300 से ऊपर तक पहुंच गया था लेकिन, इसके बाद यह कम होना शुरू हुआ। अब दो दिन से फिर से एक्यूआई में बढ़ोतरी हुई है। ठंड के कारण आसमान में तैर रहे धूल के कण भारी होकर धरातल की तरफ आ जाते हैं, इससे भी वायु प्रदूषण हो रहा है। वायु प्रदूषण का यह स्तर पहले से बीमार लोगों के लिए काफी खतरनाक है। इसके अलावा अस्थमा रोगियों के लिए हवा खतरनाक बनी हुई है। वहीं, सुबह और शाम के समय आसमान में धुंध और कोहरे की परत छाने लगी है। जिसके चलते लोगों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सांस के मरीजों के साथ-साथ स्वस्थ मरीजों को भी यह स्थिति बीमार बनाने लगी है। ऐसे में चिकित्सक लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
बच्चों व बुजुर्गों का रखें ध्यान
चिकित्सक के अनुसार इस मौसम में बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। काफी लोग लापरवाही करते हैं, जो बीमार हो जाते हैं। पहले से बीमार व अस्थमा रोगियों को घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। सुबह व शाम की सैर को बंद कर देना चाहिए। लोगों को आग जलाने से भी परहेज करना चाहिए क्योंकि आग से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दिवाली के बाद जिले में लगातार वायु प्रदूषण बढ़ा है। 15 दिन पहले जिले में एक्यूआई 300 से ऊपर तक पहुंच गया था लेकिन, इसके बाद यह कम होना शुरू हुआ। अब दो दिन से फिर से एक्यूआई में बढ़ोतरी हुई है। ठंड के कारण आसमान में तैर रहे धूल के कण भारी होकर धरातल की तरफ आ जाते हैं, इससे भी वायु प्रदूषण हो रहा है। वायु प्रदूषण का यह स्तर पहले से बीमार लोगों के लिए काफी खतरनाक है। इसके अलावा अस्थमा रोगियों के लिए हवा खतरनाक बनी हुई है। वहीं, सुबह और शाम के समय आसमान में धुंध और कोहरे की परत छाने लगी है। जिसके चलते लोगों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सांस के मरीजों के साथ-साथ स्वस्थ मरीजों को भी यह स्थिति बीमार बनाने लगी है। ऐसे में चिकित्सक लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन
बच्चों व बुजुर्गों का रखें ध्यान
चिकित्सक के अनुसार इस मौसम में बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। काफी लोग लापरवाही करते हैं, जो बीमार हो जाते हैं। पहले से बीमार व अस्थमा रोगियों को घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। सुबह व शाम की सैर को बंद कर देना चाहिए। लोगों को आग जलाने से भी परहेज करना चाहिए क्योंकि आग से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ाता है।
विज्ञापन