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Hapur News: जन आरोग्य मेलों में पहुंचे बुखार, खांसी से हांफते मरीज
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मजीदपुरा स्थित सरकारी अस्पताल में लगे जन आरोग्य मेले में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक । संवाद
हापुड़। जन आरोग्य मेलों में रविवार को बुखार, खांसी से हांफते मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे। बहुत से मरीजों का रक्तचाप कम या सामान्य से अधिक मिला। डेंगू व मलेरिया की जांच के लिए 28 और स्वाइन फ्लू की जांच के लिए पांच मरीजों के सैंपल लिए गए।
रविवार को मजीदपुरा स्थित जन आरोग्य मंदिर में एक चिकित्सक मौजूद थे। यहां बुखार और खांसी के 90 से ज्यादा मरीज पहुंचे। 50 साल से अधिक उम्र वाली महिलाओं ने सांस लेने में समस्या होने की भी बात चिकित्सक को बताई। इसके अलावा बुखार से पीड़ित चल रहे कई मरीजों में बेहद थकावट होने की बात कही। चिकित्सक ने परामर्श देकर मरीजों को वापस भेजा।
मोती कॉलोनी स्थित जन आरोग्य मंदिर में सात गर्भवती महिलाएं भी बुखार और खांसी की समस्या लेकर पहुंची। गर्भ के दौरान खांसी गर्भस्थ शिशु पर अधिक प्रभाव डालती है। ऐसे में इन महिलाओं को दवाएं दी गईं। कई महिलाओं में खून की बेहद कमी मिली, इनमें हीमोग्लोबिन का स्तर भी 8 तक ही बना हुआ था। इस अस्पताल में 120 मरीजों ने उपचार कराया।
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भीमनगर स्थित जन आरोग्य मंदिर में बुखार, खांसी के साथ चर्म रोगियों की संख्या भी अधिक रही। नाक बहना, खांसी की समस्या के साथ 20 बच्चे भी आए। चिकित्सक ने दवाएं देने के साथ ही बच्चों को बाहर न भेजने और पानी उबालकर ठंडा करने के बाद ही पिलाने की सलाह दी। रविवार को सभी अस्पतालों में 1384 मरीज पहुंचे। इनमें 28 मरीजों के सैंपल डेंगू, मलेरिया की जांच के लिए जुटाए, साथ ही पांच मरीजों के सैंपल स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भरे गए।
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कोट
जन आरोग्य मेले में आने वाले हर मरीज को बेहतर उपचार दिलाना प्राथमिकता है। बुखार आने पर मरीज जांच अवश्य कराएं। जिले के सभी अस्पतालों में यह सुविधा है।-- डॉ.किशोर आहूजा, सीएमओ।
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रविवार को मजीदपुरा स्थित जन आरोग्य मंदिर में एक चिकित्सक मौजूद थे। यहां बुखार और खांसी के 90 से ज्यादा मरीज पहुंचे। 50 साल से अधिक उम्र वाली महिलाओं ने सांस लेने में समस्या होने की भी बात चिकित्सक को बताई। इसके अलावा बुखार से पीड़ित चल रहे कई मरीजों में बेहद थकावट होने की बात कही। चिकित्सक ने परामर्श देकर मरीजों को वापस भेजा।
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मोती कॉलोनी स्थित जन आरोग्य मंदिर में सात गर्भवती महिलाएं भी बुखार और खांसी की समस्या लेकर पहुंची। गर्भ के दौरान खांसी गर्भस्थ शिशु पर अधिक प्रभाव डालती है। ऐसे में इन महिलाओं को दवाएं दी गईं। कई महिलाओं में खून की बेहद कमी मिली, इनमें हीमोग्लोबिन का स्तर भी 8 तक ही बना हुआ था। इस अस्पताल में 120 मरीजों ने उपचार कराया।
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भीमनगर स्थित जन आरोग्य मंदिर में बुखार, खांसी के साथ चर्म रोगियों की संख्या भी अधिक रही। नाक बहना, खांसी की समस्या के साथ 20 बच्चे भी आए। चिकित्सक ने दवाएं देने के साथ ही बच्चों को बाहर न भेजने और पानी उबालकर ठंडा करने के बाद ही पिलाने की सलाह दी। रविवार को सभी अस्पतालों में 1384 मरीज पहुंचे। इनमें 28 मरीजों के सैंपल डेंगू, मलेरिया की जांच के लिए जुटाए, साथ ही पांच मरीजों के सैंपल स्वाइन फ्लू की जांच के लिए भरे गए।
कोट
जन आरोग्य मेले में आने वाले हर मरीज को बेहतर उपचार दिलाना प्राथमिकता है। बुखार आने पर मरीज जांच अवश्य कराएं। जिले के सभी अस्पतालों में यह सुविधा है।